मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के चलते होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से जहाजों की आवाजाही पर पाबंदियों की खबरें सामने आई हैं, जिससे वैश्विक व्यापार को लेकर चिंता बढ़ गई है। इसी संदर्भ में अब पनामा नहर की भी चर्चा हो रही है। पनामा कैनाल अटलांटिक महासागर (कैरेबियन सागर के जरिए) को प्रशांत महासागर से जोड़ती है। जहाज अटलांटिक की ओर स्थित कोलोन बंदरगाह से प्रवेश करते हैं और प्रशांत की ओर पनामा सिटी/बालबोआ से बाहर निकलते हैं। यह समुद्री मार्ग दक्षिण अमेरिका के खतरनाक केप हॉर्न के लंबे और जोखिमभरे रास्ते से बचाते हुए दोनों महासागरों के बीच सीधा और तेज संपर्क उपलब्ध कराता है।
सवाल उठता है कि अगर पनामा नहर भी बंद हो जाए तो क्या असर पड़ेगा? दरअसल, यह नहर दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्गों में से एक है। इसके बंद होने पर जहाजों को हजारों किलोमीटर लंबा वैकल्पिक रास्ता अपनाना पड़ेगा, जिससे समय, ईंधन लागत और जोखिम सभी बढ़ जाएंगे, और वैश्विक सप्लाई चेन पर बड़ा असर पड़ सकता है।
किन दो महासागरों को जोड़ती है पनामा?
पनामा नहर, अटलांटिक महासागर (कैरेबियन सागर के माध्यम से) और प्रशांत महासागर को जोड़ती है। यह महत्वपूर्ण नहर मध्य अमेरिका के पनामा देश में स्थित है और समुद्री जहाजों को दोनों महासागरों के बीच छोटा, तेज और सुरक्षित मार्ग प्रदान करती है।
यह नहर पनामा में स्थित है और Isthmus of Panama नामक संकीर्ण भूभाग को काटती है, जो कैरेबियन सागर और प्रशांत महासागर को अलग करता है। लगभग 80-82 किलोमीटर लंबी यह नहर कोलोन से शुरू होकर पनामा की खाड़ी तक जाती है। इसके बीच में स्थित Gatun Lake एक कृत्रिम झील है, जो जहाजों के लिए ऊंचाई पर एक जलमार्ग का काम करती है।
इंजीनियरिंग और लॉक सिस्टम
पनामा नहर एक लॉक-प्रणाली पर आधारित नहर है, जिसमें बड़े-बड़े जलकक्ष (लॉक्स) जहाजों को ऊपर-नीचे उठाने का काम करते हैं। Gatun Locks, Pedro Miguel Locks और Miraflores Locks मुख्य लॉक सिस्टम हैं। ये जहाजों को समुद्र तल से लगभग 26 मीटर ऊपर गटुन झील तक ले जाते हैं और फिर दूसरी ओर वापस नीचे उतारते हैं। 2016 में नए और बड़े “नियोपैनामैक्स” लॉक जोड़े गए, जिससे बड़े जहाजों की आवाजाही संभव हो सकी।
पनामा नहर क्यों है फेमस
पनामा नहर का विचार 16वीं सदी में आया, लेकिन वास्तविक निर्माण 19वीं सदी में फर्डिनेंड डी लेसेप्स के नेतृत्व में शुरू हुआ, जो असफल रहा। बाद में संयुक्त राज्य अमेरिका ने 1903 में पनामा की स्वतंत्रता के बाद इस परियोजना को संभाला और नई योजना के तहत निर्माण पूरा किया। नहर 1914 में बनकर तैयार हुई। 1999 में पनामा नहर प्राधिकरण के तहत इसका नियंत्रण पनामा को सौंप दिया गया।
दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण कृत्रिम जलमार्ग
पनामा नहर दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण कृत्रिम जलमार्गों में से एक है, जो Suez Canal के समान वैश्विक व्यापार में अहम भूमिका निभाती है। यह समुद्री दूरी को हजारों किलोमीटर कम कर देती है, जैसे न्यूयॉर्क से सैन फ्रांसिस्को का रास्ता लगभग 14,000 किमी छोटा हो जाता है। इससे समय, ईंधन और लागत की बचत होती है। आज यह नहर अंतरराष्ट्रीय व्यापार, कंटेनर शिपिंग और तेल परिवहन का प्रमुख केंद्र है और पनामा की अर्थव्यवस्था के लिए बड़ी आय का स्रोत भी है।