इंडोनेशिया में 1000 साल पुराना है प्रम्बानन मंदिर, जहां पहुंचे पीएम मोदी, इस वजह से हुआ था निर्माण

Last Updated: Jul 8, 2026, 12:04 IST

इंडोनेशिया के प्रम्बानन मंदिर के संरक्षण में भारत मदद करेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडोनेशिया में पहुंच यह स्पष्ट किया है। मंदिर का इतिहास 1000 साल पुराना है, जिसका निर्माण एक खास वजह से किया गया था। इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे।

प्रम्बानन मंदिर
प्रम्बानन मंदिर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इंडोनेशिया के दौर पर हैं। उन्होंने जावा द्वीप पर पहुंच योग्यकार्ता में स्थित प्रम्बानन मंदिर का दौरा किया और भारत द्वारा इसके संरक्षण में मदद की बात कही है। विदेश में मौजूद भारतीय संस्कृति को दर्शाते इस मंदिर का इतिहास 1000 साल पुराना है, जिसका निर्माण एक हिंदू राजा द्वारा करवाया गया था। उन्होंने इस मंदिर का निर्माण एक खास वजह से करवाया था। इस लेख में हम मंदिर के इतिहास और इसकी विशेषता के बारे में विस्तार से जानेंगे।

इंडोनेशिया का सबसे बड़ा हिंदू मंदिर 

प्रम्बानन मंदिर सदियों पुराना हिंदू मंदिर है, जो कि इंडोनेशिया का सबसे बड़ा हिंदू मंदिर माना जाता है। इस मंदिर की लोकेशन की बात करें, तो यह योग्यकार्ता शहर से करीब 17 किलोमीटर दूर है। स्थानीय रूप से इस मंदिर को रोरो जोंगग्रंग के नाम से जाना जाता है, जिसका हिंदी में अर्थ ‘पतली कुंवारी का मंदिर’ होता है।

किसने और कब कराया था मंदिर का निर्माण 

प्रम्बानन मंदिर का निर्माण संजया वंश के राजा राकाई पिकाटन द्वारा 850 ईस्वी में करवाया गया था। यह मंदिर त्रिमूर्ति को समर्पित है, जिसमें ब्रह्मा, विष्णु और महेश शामिल हैं। इसके केंद्र में शिव मंदिर है, जिसकी सबसे अधिक ऊंचाई है। साथ ही, यहां तीन मंदिर और हैं, जो कि उन जानवरों को समर्पित हैं, जो तीनों देव की सेवा करते थे।

240 मंदिरों का है समूह 

UNESCO के मुताबिक, प्रम्बानन मंदिर कुल 240 मंदिरों का समूह है। यहां सेवु मंदिर, बुब्राह मंदिर और लुंबुंग मंदिर भी है। इन सभी मंदिरों का निर्माण 8वीं शताब्दी में जावा में शैलेंद्र के शक्तिशाली राजवंश में हुआ था।

11वीं शताब्दी में भूकंप, ज्वालामुखी विस्फोट और सत्ता परिवर्तन के कारण मंदिर ढह गए थे और कई सालों तक गुम रहे। हालांकि, 17वीं शताब्दी में इन मंदिरों की खोज की गई और इन्हें संरक्षित किया गया। यहां 1918 से मंदिरों का जीर्णोद्धार किया जा रहा है। 

क्यों किया गया था मंदिर का निर्माण 

ऐसा कहा जाता है कि इस मंदिर का निर्माण उस समय बौद्ध के बढ़ते प्रभुत्व के बीच हिंदू धर्म को बढ़ाने के लिए किया गया था। यहां की दीवारों पर रामायण की आकृतियां भी देखने को मिलती हैं।

हालांकि, यहां सेवु मंदिर भी है, जो कि इंडोनेशिया का सबसे बड़ा बौद्ध परिसर है। इस मंदिर को 1998 में यूनेस्को ने विश्व धरोहर स्थल का दर्जा दिया था।

Kishan Kumar
Kishan Kumar

Senior Executive - Editorial

A seasoned journalist and Multimedia Producer with over 8 years of experience in print and digital media, Kishan specializes in turning complex topics into clear, compelling narratives. Currently working as a Senior Content Writer in the GK section at Jagran Josh, he brings deep subject expertise in History, Polity, and Geography, writing on national and international affairs from a general knowledge perspective. He can be reached at Kishan.kumar@jagrannewmedia.com.

... Read More
First Published: Jul 8, 2026, 12:04 IST

आप जागरण जोश पर भारत, विश्व समाचार, खेल के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए समसामयिक सामान्य ज्ञान, सूची, जीके हिंदी और क्विज प्राप्त कर सकते है. आप यहां से कर्रेंट अफेयर्स ऐप डाउनलोड करें.

Trending

Latest Education News