उत्तर प्रदेश भरात का चौथा सबसे बड़ा राज्य है, जो कि अपनी विविध संस्कृति और अनूठी परंपराओं के लिए जाना जाता है। इस कड़ी में यहां कई ऐसे मुख्य कलाकार हैं, जो कि अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े हुए हैं।
यदि आप यूपी की किसी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, तो आपके लिए यह बहुत उपयोगी है। वहीं, सामान्य तौर पर भी यह आपके सामान्य ज्ञान को बढ़ाने में मदद करेगा। इस लेख में हमने कथक, शहनाई वादन और तबला वादन से जुड़े मुख्य कलाकारों की लिस्ट दी है।
उत्तर प्रदेश में घरानों की विशेषता
पुराने समय में संगीत को लिपिबद्ध करने की सुविधा नहीं थी। ऐसे में गुरु-शिष्य परंपरा द्वारा संगीत और वादन की बारीकियों को एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक पहुंचाया जाता था। इस कड़ी में हमारे पास बनारस, लखनऊ, आगरा और किराना घराना है।
बनारस घराना
बनारस घराना अपनी बहुमुखी प्रतिभा के लिए जाना जाता है। यहां गायन के साथ-साथ तबला और सितार वादन ने संगीत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। इस घराने की प्रमुख हस्ती पं किशन महाराज और बिस्मिल्लाह खान हैं।
लखनऊ घराना
लखनऊ घराने को कथक के लिए जाना जाता है। यहां आखिरी नवाब रहे वाजिद अली शाह ने कथक को दुनियाभर में पहचान दिलाई और संरक्षित किया। पं. बिरजू महाराज इस घराने की प्रमुख हस्ती रहे हैं।
आगरा घराना
इस घराने को ‘रंगीला घराना’ भी कहा जाता है, जहां ध्रुपद-धमार और ख्याल का मिश्रण देखने को मिलेगा। इस घराने से प्रमुख फैयाज खान थे।
किराना घराना
किराना घराना की शुरुआत यूपी के सबसे पश्चिमी जिले यानि कि शामली से हुई थी। यहां सुर और लय पर अधिक ध्यान दिया जाता है। इस घराने से प्रमुख पं. भीमसेन जोशी और गंगूबाई हंगल थे।
समाज को जोड़ने का काम किया
यूपी के इन घरानों ने समाज को जोड़ने को काम किया है। घरानों ने हिंदू-मुस्लिम तहजीब को दिखाते हुए मंदिरों से लेकर दरबारों में संगीत की धुनों को सजाया है।
यूपी के प्रमुख कलाकार और क्षेत्र
यहां यूपी में संगीत क्षेत्र और उनसे जुड़े कलाकारों की लिस्ट दी गई हैः
| संबंधित क्षेत्र | मुख्य कलाकार |
| तबला वादन | किशन महाराज |
| तबला वादन | गुदई महाराज (समता प्रसाद) |
| तबला वादन | अनोखे लाल मिश्र |
| पखावज वादन | कुदऊ सिंह |
| पखावज वादन | पं. सखाराम मृदंगाचार्य |
| कथक | शंभू महाराज |
| कथक | बिरजू महाराज |
| कथक | अच्छन महाराज |
| कथक | बिंदादीन महाराज |
| वालियन वादन(बनारस घराना) | श्रीमती एन. राजम |
| सितार वादन(बनारस घराना) | पं. रविशंकर |
| शहनाई वादन(बनारस घराना) | बिस्मिल्लाह खां |
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