भारत की सबसे लंबी गुफा, भूलभुलैया और संकरे रास्तों के लिए है मशहूर
भारत में आपने अलग-अलग गुफाओं के बारे में पढ़ा और सुना ही होगा। हालांकि, क्या आप भारत की सबसे लंबी गुफा के बारे में जानते हैं, यदि नहीं, तो इस लेख के माध्यम से हम इस बारे में जानेंगे।
हमारा भारत भौगोलिक विविधताओं से भरा हुआ है। इस कड़ी में यहां कई ऐसे स्थान हैं, जो कि हैरानी में डाल देते हैं। इस कड़ी में भारत में एक गुफा ऐसी भी है, जो कि पूरे दक्षिण-एशिया की सबसे लंबी गुफा है। इसमें एक जगह इतनी बड़ी है कि एक बड़ा हवाई जहाज भी आराम से खड़ा किया जा सकता है। कौन-सी है यह जगह और कहां है स्थित, जानने के लिए यह लेख पढ़ें।
भारत की सबसे लंबी गुफा
भारत और पूरे दक्षिण एशिया की सबसे लंबी गुफा ‘क्रेम लियात प्राह’ है। यह मेघालय की जयंतियां पहाड़ियों में स्थित है। स्थानीय खासी भाषा में 'क्रेम' का मतलब गुफा होता है।
गुफा की लंबाई और विस्तार
इस गुफा की आधिकारिक तौर पर लंबाई 34 किलोमीटर से अधिक है, जिसकी खोज अंतरराष्ट्रीय गुफा खोजकर्ताओं की टीम 'अबोड ऑफ द क्लाउड्स एक्सपेडिशन' द्वारा की गई थी। उनके द्वारा इसकी खोज आज भी जारी है। इस गुफा में जैसे-जैसे अन्य गुफाएं जुड़ रही हैं, वैसे-वैसे इसकी लंबाई भी बढ़ती जा रही है।
किस स्थान पर है गुफा
गुफा मेघालय के जयंतिया हिल्स के 'श्नोंग्रीम रिज' के पास है। यह शिलांग से लगभग 120 किलोमीटर दूर है। गुफा मुख्य रूप से प्राकृतिक चूना पत्थर की है, जिसका निर्माण लाखों सालों में भूमिगत नदियों और पानी के लगातार बहाव से हुआ है। गुफा में विभिन्न प्रकार की चट्टानों की आकृतियां बनी हुई हैं, जो कि यहां आने वाले खोजकर्ताओं को लुभाती हैं।
गुफा में एयरक्राफ्ट हैंगर
गुफा में एक जगह को एयरक्राफ्ट हैंगर भी कहा जाता है, जो कि इस गुफा का सबसे बड़ा हिस्सा है। यह गलियारा इतना बड़ा है कि यहां एक बड़े जहाज को आसानी से खड़ा किया जा सकता है। यही वजह है कि खोजकर्ताओं ने इस जगह को एयरक्राफ्ट हैंगर नाम दिया है।
घुमावदार रास्तों के लिए है प्रसिद्ध
यह गुफा अपने घुमावदार रास्तों के लिए जानी जाती है। इसमें कई रास्ते भूलभुलैया जैसे हैं, जबकि कुछ रास्ते बहुत अंधेरे और ठंडे पानी के लिए जाने जाते हैं। ऐसे में यहां गाइड और सुरक्षा उपकरण के बिना जाना मना है।
लोककथाओं में कही जाती है ‘बाघ की गुफा’
गुफा में कुछ हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए बांस की नाव का उपयोग किया जाता है। स्थानीय लोककथाओं में इस गुफा को "बाघ की गुफा" भी कहा जाता है।
A seasoned journalist and Multimedia Producer with over 8 years of experience in print and digital media, Kishan specializes in turning complex topics into clear, compelling narratives. Currently working as a Senior Content Writer in the GK section at Jagran Josh, he brings deep subject expertise in History, Polity, and Geography, writing on national and international affairs from a general knowledge perspective. He can be reached at Kishan.kumar@jagrannewmedia.com.