उत्तर प्रदेश देश का चौथा सबसे बड़ा राज्य है, जो कि 240,928 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। भारत का यह राज्य सबसे अधिक जिले वाला राज्य है, जिसमें कुल 75 जिले हैं। हालांकि, यहां कुछ जिले ऐसे हैं, जिनका इतिहास में कई बार नाम बदला गया है।
इनमें हापुड़, कासगंज और अमरोहा है। इन जिलों के नाम पहले बदल दिए गए, लेकिन बाद में कुछ कारणों की वजह से इनके मूल नाम को दोबारा से रख दिया गया। कब और कैसे बदले थे ये नाम, जानने के लिए पूरा लेख पढ़ें।
हापुड़ के नाम को लेकर चली रस्साकशी
हापुड़ को साल 2011 में तत्कालीन मायावती सरकार ने गाजियाबाद से अलग कर नया जिला बनाया था। उस समय इसका नाम पंचशील नगर रखा गया था। हालांकि, साल 2012 में अखिलेश यादव की सरकार आई और जिले का नाम बदलकर हापुड़ कर दिया गया।
साल 2021 के बाद से कई संगठनों द्वारा हापुड़ का नाम बदलकर अटल नगर करने की मांग की जा रही है। हालांकि, अभी भी हापुड़ का आधिकारिक नाम हापुड़ ही है। आपको बता दें कि हापुड़ उत्तर प्रदेश का सबसे छोटा जिला है, जो कि 660 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। यह शहर स्टील और पापड़ के लिए जाना जाता है।
कासगंज
कासगंज जिले को साल 2008 में एटा से अलग कर एक जिला बनाया गया था। उस समय इसका नाम कांशीराम नगर रखा गया था। लेकिन, साल 2012 में इसका नाम बदलकर फिर से कासगंज कर दिया गया। साल 2021-22 में जिला पंचायत ने सर्वसम्मति के साथ इस जिले का नाम बदलकर पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के नाम पर रखने का प्रस्ताव दिया था।
अमरोहा का भी बदला गया है नाम
साल 1997 में अमरोहा जिले को मुरादाबाद से अलग कर बनाया गया था। उस समय इसका नाम ज्योतिबा फुले नगर रखा गया था, लेकिन साल 2012 में इसका नाम बदलकर वापस अमरोह कर दिया गया।
इन जिलों और रेलवे स्टेशन के स्थायी तौर पर बदल गए नाम
उत्तर प्रदेश में कई जिले और रेलवे स्टेशन ऐसे हैं, जिनके नाम स्थायी तौर पर बदल गए हैं, जो कि इस प्रकार हैंः
| पुराना नाम | नया नाम | वर्ष |
| इलाहाबाद | प्रयागराज | 2018 |
| फैजाबाद | अयोध्या | 2018 |
| मुगल सराय स्टेशन | पं दीन दयाल उपाध्याय स्टेशन | 2018 |
| झांसी रेलवे स्टेशन | वीरांगना लक्ष्मीबाई स्टेशन | 2021 |
| प्रतापगढ़ जंक्शन | बेल्हा देवी धाम | 2023 |
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