Ankur Lather IAS Story: भारतीय सिविल सेवा की परीक्षा की गिनती सबसे कठिन एग्जाम में शुमार होती है। इसमें कुल तीन चरण होते हैं, जिन्हें क्लियर की करने के बाद ही आप IAS, IPS और IFS बन पाते हैं। इसके लिए कड़ी मेहनत और सही दिशा की जरूरत होती है क्योंकि चंद ही अभ्यर्थियों को इसमें सलेक्शन हो पाता है।
अंकुर लाठर ने यूपीएससी का एग्जाम किया क्रैक
अंकुर लाठर ने कड़ी मेहनत और जज्बे के बूते यूपीएससी का एग्जाम क्रैक कर लिया। उनकी यूपीएससी एग्जाम में 77 रैंक आई है। अंकुर हरियाणा के हिसार जिले के राजगढ़ गांव की रहने वाली हैं। हालांकि, उनकी गिनती सबसे तेज-तर्रार अधिकारियों में की जाती है।
अंकुर लाठर के पिता है पशु चिकित्सक
अंकुर लाठर के पिता का नाम करण सिंह लाठर है, जो पेशे से पशु चिकित्सक है। अंकुर ने IAS बनने से पहले पीएमटी टेस्ट पास कर एम्स दिल्ली से एमबीबीएस किया और एम्स में दो साल तक अपनी सेवाएं, लेकिन दिल में देश प्रेम के चलते उन्होंने सिविली सेवा की राह अपना ली।
अंकुर पढ़ाई में थी तेज
अंकुर ने बचपन से ही अपने पिता को सेवा भाव से काम करते देखा, जिससे उन्हें भी डॉक्टर बनने की प्रेरणा मिली, जो आगे चलकर देश सेवा के जुनून में बदल गया। अंकुर शुरू से ही पढ़ाई में तेज रही है। उनके 10वीं में 94 प्रतिशत अंक और 12वीं में 91 प्रतिशत अंक आए थे।
अंकुर ने दिल्ली एम्स में MBBS में लिया दाखिला
अंकुर ने अपनी 10वीं और 12वीं सीबीएसई से पूरी की। इसके बाद उन्होंने MBBS के लिए एंट्रेंस एग्जाम दिया और वह सफल हो गई और अंकुर को दिल्ली के एम्स में MBBS में दाखिला मिल गया। डिग्री लेने के बाद उन्होंने डॉक्टरी के करियर को छोड़ UPSC की तैयारी करना शुरू कर दिया।
अंकुर की यूपीएससी में आई 77 रैंक
साल 2013 में अंकुर ने यूपीएससी का एग्जाम दिया, लेकिन वह सफल नहीं हो पाई। पर उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। 2016 में फिर से यूपीएससी सीएसई की परीक्षा दी और वह सफल हो गई। यूपीएससी में 77 रैंक हासिल कर वह IAS बन गई।
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