उत्तराखंड में अफसरों की रीलबाजी पर लगेगी रोक: CM धामी ने जारी की सख्त गाइडलाइन
उत्तराखंड में काम के दौरान अधिकारियों की बढ़ती रीलबाजी को देखते हुए मुख्यमंत्री धामी ने ऑफिसरों के लिए नए सख्त गाइडलाइन जारी की है। अब कार्मिक विभाग सभी अधिकारियों व कर्मचारियों के लिए इंटरनेट मीडिया आचरण संबंधी नियमावली तैयार कर रहा है।
Uttarakhand Bureaucrats Reels Guideline: उत्तर प्रदेश पुलिस में बढ़ते ‘रील्स कल्चर’ को देखते हुए अब पुलिस मुख्यालय ने सख्त नियन अपना लिया है। वर्दी पहनकर सोशल मीडिया पर रील और वीडियो बनाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सख्त नाराजगी के बाद शासन ने इस दिशा में बड़ा कदम उठाया है। अब राज्य के अधिकारियों के लिए सोशल मीडिया के इस्तेमाल को लेकर एक कड़ा आचार संहिता यानी कोड ऑफ कंडक्ट जारी किया जा रहा है। आसान भाषा में इसे गाइडलाइन कहते है, जो जारी की जा रही है।
रील बनाने पर कई बार चेतावनी और सोशल मीडिया पॉलिसी-2023 लागू होने के बावजूद पुलिसकर्मियों द्वारा अनुचित पोस्ट, वायरल रील और संवेदनशील जानकारी साझा करने के मामले सामने आए है, जिसके कारण अब ADG लॉ एंड ऑर्डर अमिताभ यश ने सभी जिलों और इकाइयों को सख्त कार्रवाई करने का आदेश दिया है। साथ ही, उन्होनेकहा कि “अब हर महीने ऐसे मामलों की रिपोर्ट्स भी मुख्यालय को भेजी जाएगी।”
मुख्यमंत्री धामी ने साफ कहा है कि अफसरों का मुख्य काम जनता की समस्याओं का समाधान करना है, न कि सोशल मीडिया पर लाइक्स और व्यूज बटोरना।
इस गाइडलाइन की जरूरत क्यों पड़ी?
पिछले कुछ टाइम से उत्तराखंड में कई आईएएस (IAS), पीसीएस (PCS) और अन्य विभागों के अधिकारी दफ्तरों के भीतर, सरकारी दौरों के दौरान या ऑन-ड्यूटी फिल्मी गानों और बैकग्राउंड म्यूजिक के साथ वीडियो (Reels) बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर रहे थे।
- जनता की शिकायतें: कई बार इन वीडियो के चक्कर में आम जनता को अपनी फरियाद लेकर घंटों इंतजार करना पड़ता था।
- गोपनीयता का उल्लंघन: ऑन-ड्यूटी रील बनाने से कई बार दफ्तरों के गोपनीय दस्तावेज या सरकारी बैठकें भी सोशल मीडिया पर सार्वजनिक हो रही थीं।
- सीएम की दो टूक: मुख्यमंत्री धामी ने स्पष्ट किया है कि शासकीय सेवा की एक गरिमा होती है। अफसरों को अपनी इस गरिमा का ध्यान रखना होगा और अपनी पूरी ऊर्जा जनता की सेवा में लगानी होगी।
प्रस्तावित गाइडलाइन की मुख्य बातें
नई आचार संहिता के तहत अफसरों पर कई तरह के प्रतिबंध लगाने की तैयारी है। इसकी मुख्य रूपरेखा नीचे दी गई टेबल से समझें।
| सोशल मीडिया एक्टिविटी | नया नियम |
| ऑन-ड्यूटी रील/वीडियो | पूरी तरह से प्रतिबंध |
| फिल्मी गानों का इस्तेमाल | सरकारी कार्य या दफ्तर के वीडियो में बैकग्राउंड म्यूजिक पर रोक |
| गोपनीय दस्तावेज | किसी भी फाइल या सरकारी बैठक का वीडियो शेयर करना दंडनीय अपराध |
| निजी पब्लिसिटी | सरकारी योजनाओं का प्रचार विभाग के नाम से होगा, अफसर के निजी अकाउंट से नहीं |
| नियमों का उल्लंघन | अनुशासनात्मक कार्रवाई और सर्विस बुक में प्रतिकूल प्रविष्टि (Adverse Entry) |
अन्य राज्यों की तर्ज पर तैयार हो रही नियमावली
उत्तराखंड सरकार ऐसा कदम उठाने वाली पहली सरकार नहीं है। इससे पहले उत्तर प्रदेश और केंद्रीय सिविल सेवा नियमावली के तहत भी अधिकारियों के सोशल मीडिया पर रील बनाने और सरकारी कार्यों को निजी पब्लिसिटी के लिए इस्तेमाल करने पर रोक लगाई जा चुकी है।
उत्तराखंड के मुख्य सचिव के निर्देश पर कार्मिक विभाग अब इस ड्राफ्ट को अंतिम रूप दे रहा है, जिसे जल्द ही कैबिनेट की मंजूरी के बाद पूरे राज्य में लागू कर दिया जाएगा।
आम जनता और व्यवस्था पर क्या होगा असर?
इस सख्ती के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि:
- कार्यसंस्कृति में सुधार: दफ्तरों में अधिकारी रील बनाने के बजाय जनता की फाइलों पर ध्यान केंद्रित करेंगे।
- जवाबदेही तय होगी: समय पर काम होने से सरकारी विभागों में पारदर्शिता बढ़ेगी।
- गंभीरता आएगी: प्रशासनिक सेवा में चकाचौंध के बजाय काम की गंभीरता वापस लौटेगी।
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Akshara Verma is an Executive Content Writer at Jagran Josh, specializing in authoritative content focused on Education, Current Affairs, and General Knowledge. A graduate of Bharati Vidyapeeth's Institute of Computer Applications and Management (BVICAM) with a Bachelor of Journalism and Mass Communication, Akshara leverages her 1.5 years of experience to create impactful pieces, building on her previous roles in content writing and Public Relations at both Genesis BCW and Dainik Bhaskar. She can be reached at akshara.verma@jagrannewmedia.com.