भारत में वर्तमान में 28 राज्य हैं और प्रत्येक राज्य का अपना एक मुख्यमंत्री है। मुख्यमंत्री राज्य में मंत्रीमंडल समूह का मुखिया होता है, जो कि अपने मंत्रियों के साथ राज्य की राजव्यवस्था को चलाता है। हालांकि, मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचना आसान नहीं होता है, क्योंकि राजनीति में लंबे अनुभव और यात्रा के बाद यहां तक पहुंचा जाता है।
यदि सबसे युवा मुख्यमंत्री की बात करें, तो यह खिताब पेमा खांडू के नाम पर है, जो कि वर्तमान में अरूणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं। वह जब सिर्फ 36 वर्ष के थे, तब ही मुख्यमंत्री बन गए थे और आज 46 वर्ष की आयु में भी राज्य में मुख्यमंत्री के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। ऐसे में वह देश के सबसे युवा मुख्यमंत्री कहे जाते हैं।
पहली बार कब ली मुख्यमंत्री पद की शपथ
पेमा खांडू का जन्म 21 अगस्त, 1979 को हुआ था। जब वह सिर्फ 36 वर्ष के तब वह देश के सबसे युवा मुख्यमंत्रियों में से एक बन गए थे।
कहां से पूरी की शिक्षा
पेमा खांडू ने अपनी स्नातक की पढ़ाई दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदू कॉलेज से पूरी की है। उन्हें राजनीति विरासत में मिली है। क्योंकि, वह प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री रहे दोर्जी खांडू के सबसे बड़े बेटे हैं।
कैसे किया राजनीति में प्रवेश
वह शुरू से ही राजनीति में सक्रिय नहीं थे, बल्कि एक दुर्घटना के बाद वह राजनीति में आए। दरअसल, साल 2011 में एक हेलीकॉप्टर दुर्घटना में उनके पिता दोर्जी खांडू का निधन हो गया था, जिसके बाद वह राजनीति में सक्रिय हुए।
कैसे हुई राजनीतिक करियर की शुरुआत
पेमा खांडू अपने पिता के निधन के बाद खाली हुई सीट मुक्तो से निर्विरोध विधायक चुने गए और उन्होंने जल संसाधन व पर्यटन मंत्री के रूप में काम किया।
कब बने मुख्यमंत्री
साल 2016 में अरुणाचल प्रदेश में राजनीतिक संकट चल रहा था। इस बीच, पेमा खांडू ने नबाम तुकी की जगह लेकर सिर्फ 36 वर्ष की आयु में मुख्यमंत्री बनने का खिताब अपने नाम किया। उस समय भी वह देश के सबसे युवा मुख्यमंत्री बने थे। उन्हें जनता द्वारा पसंद किया गया और 2016 और 2019 के बाद 2024 में जनता ने उन्हें फिर से मुख्यमंत्री के रूप में चुना है।