सुप्रीम कोर्ट में होंगे अब 37 जज, राष्ट्रपति से मिली मंजूरी, कब-कब बढ़ी है जजों की संख्या, पढ़ें पूरी जानकारी
सुप्रीम कोर्ट में अब स्वीकृत जजों की संख्या बढ़ाकर 37 कर दी गई है। इसे राष्ट्रपति से मंजूरी मिल गई है, जिसके बाद केंद्र सरकार की ओर से एक अध्यादेश भी जारी किया गया है।
सुप्रीम कोर्ट में अब स्वीकृत जजों की संख्या 33 से बढ़ाकर 37 कर दी गई है। इसमें मुख्य न्यायाधीश शामिल नहीं हैं, जिन्हें मिलाकर कुल जजों की संख्या 38 हो जाएगी। इस संबंध में केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर जानकारी देते हुए कहा कि राष्ट्रपति ने 'सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन अध्यादेश, 2026' को अपनी मंजूरी दे दी है। इस नए कदम के तहत 'सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) अधिनियम, 1956' में आवश्यक संशोधन किया गया है।
दोनों सदनों में पास होना जरूरी
केंद्र सरकार ने हाल ही में सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या को लेकर अध्यादेश जारी किया है, जो कि अनुच्छेद 123 के तहत राष्ट्रपति की शक्तियों के अनुरूप जारी किया गया है। ऐसे में संसद का सत्र शुरू होने पर इसे संसद की लोकसभा और राज्यसभा, दोनों सदनों में रखा जाएगा।
यदि 6 सप्ताह के बाद भी इस पर कोई प्रस्ताव पारित नहीं होता है, या फिर दोनों सदनों में इसे नामंजूर कर लिया जाता है, तो अध्यादेश प्रभावी नहीं रहेगा और राष्ट्रपति द्वारा इसे वापस भी लिया जा सकता है।
अध्यादेश में क्या है शामिल
केंद्र सरकार की ओर से जारी अध्यादेश में सुप्रीम कोर्ट(न्यायाधीशों की संख्या) अधिनियम, 1956 की धारा 2 में संशोधन किया गया है, जिससे 33 को 37 से बदल जा सके। संसद में इस अध्यादेश के पास होने पर सुप्रीम कोर्ट में कुल जजों की संख्या 38 हो जाएगी।
सुप्रीम कोर्ट में कब-कब बढ़ी है जजों की संख्या
संविधान निर्माण के समय अनुच्छेद 124(1) में भारत के मुख्य न्यायाधीश और अधिकतम सात न्यायाधीश वाले सुप्रीम कोर्ट की परिकल्पना की गई थी।
-सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) अधिनियम 1956 में मूल रूप से न्यायाधीशों की अधिकतम संख्या 10 की गई, जिसमें मुख्य न्यायाधीश शामिल नहीं थे।
-सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या), संशोधन अधिनियम, 1960 के तहत जजों की संख्या 10 से बढ़ाकर 13 कर दी गई थी। वहीं, इसमें एक अन्य संशोधन कर इस संख्या को 17 कर दिया गया।
-सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन अधिनियम, 1986 के तहत मुख्य न्यायाधीश को छोड़कर जजों की संख्या 17 से बढ़ाकर 25 कर दी गई थी।
-साल 2009 में एक नया संशोधन हुआ, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों की संख्या 25 से बढ़ाकर 30 हो गई थी।
-साल 2019 में आखिरी बार संशोधन किया गया था, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट के जजों की संख्या को 30 से बढ़ाकर 33 कर दिया गया था। इसमें मुख्य न्यायाधीश शामिल नहीं थे।
-2026 में अब छह साल बाद फिर से संशोधन किया गया है, जिसके बाद जजों की संख्या 33 से बढ़ाकर 37 कर दी गई है।
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