भारत के किस राज्य में है ‘लंदन फोर्ट’, जानें यहां

Last Updated: Sep 5, 2026, 13:41 IST

भारत में आपने कई किलों के बारे में पढ़ा और सुना होगा। हालांकि, क्या आप जानते हैं कि हमारे देश में एक ऐसा भी किला है, जिसे लंदन फोर्ट के नाम से भी जाना जाता है। कौन-सा है यह किला, जानने के लिए यह लेख पढ़ें। 

लंदन किला
लंदन किला

भारत का इतिहास उठाकर देखें, तो हमें यहां अतीत के पन्नों में कई ऐतिहासिक किले देखने को मिलते हैं। ये किले सदियों से अपनी गौरवशाली इतिहास के लिए जाने जाते हैं। इस कड़ी में हमारे देश में एक ऐसा भी किला है, जिसे लंदन फोर्ट के नाम से भी जाना जाता है।

इस किले को देखने के लिए आज भी बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। भारत के किस राज्य में है यह किला और क्या है इसकी खासियत, जानने के लिए यह पूरा लेख पढ़ें। 

किस राज्य में है लंदन फोर्ट 

भारत में मौजूद लंदन फोर्ट उत्तराखंड राज्य के पिथौरागढ़ जिले में मौजूद है। यह शहर के बीच में एक ऊंची पहाड़ी पर बना हुआ है, जिसे 'पिथौरागढ़ किला'के नाम से भी जाना जाता है। इसका इतिहास चंद राजवंश, गोरखा शासन और ब्रिटिश काल की त्रिवेणी से जुड़ा हुआ है।

कब हुआ था किले का निर्माण 

इस किले का मूल निर्माण 1789 में कुमाऊं के चंद राजवंश के राजा पीरू चंद या पीथाउरा चंद के काल में माना जाता है। साल 1790 में जब नेपाल के गोरखाओं ने कुमाऊं पर आक्रमण कर अधिकार किया, तो उन्होंने इस किले का पुननिर्माण कराया और इसे 'बावली गढ़'नाम दिया।

कैसे पड़ा लंदन फोर्ट नाम 

साल 1815 में सुगौली संधि के तहत अंग्रेजों ने गोरखाओं को हराकर इस क्षेत्र पर नियंत्रण कर लिया। अंग्रेजों ने इस किले का नाम बदला और ब्रिटेन की राजधानी के नाम पर इसका नया नाम 'लंदन फोर्ट' रख दिया। उन्होंने इसे अपनी सैन्य छावनी व प्रशासनिक केंद्र के रूप में इस्तेमाल किया था।

कैसे बना है लंदन फोर्ट 

यह किला पिथौरागढ़ शहर के सबसे ऊंचे स्थान पर बना है, जहां से पूरी सोर घाटी और आसपास की पर्वत श्रेणियों पर नजर रखी जा सकती थी। किले की दीवारें पत्थरों और चूने के गारे से बनी हैं। इसमें सुरक्षा के लिहाज से कई बंकर, वॉच टावर और गुप्त कमरे भी बनाए गए थे।

क्या है वर्तमान स्थिति

यह किला वर्षों तक अनदेखा रहा है, जिसके बाद उत्तराखंड पर्यटन विभाग ने इस किले का रेनोवेट किया। अब इसे एक प्रमुख हेरिटेज एवं टूरिस्ट कॉम्प्लेक्स में बदल दिया गया है। किले के अंदर एक संग्रहालय, ओपन-एयर थिएटर, ओपन-कैफे और फोटो गैलरी बनाई गई है, जहां कुमाऊं और पिथौरागढ़ की समृद्ध संस्कृति व इतिहास को दिखाया गया है। 

Kishan Kumar
Kishan Kumar

Senior Executive - Editorial

A seasoned journalist and Multimedia Producer with over 8 years of experience in print and digital media, Kishan specializes in turning complex topics into clear, compelling narratives. Currently working as a Senior Content Writer in the GK section at Jagran Josh, he brings deep subject expertise in History, Polity, and Geography, writing on national and international affairs from a general knowledge perspective. He can be reached at Kishan.kumar@jagrannewmedia.com.

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First Published: Sep 5, 2026, 13:41 IST

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