उत्तर प्रदेश में कुल टाइगर रिजर्व की बात करें, तो इनकी संख्या 4 है। इनमें से सबसे पहला टाइगर रिजर्व दुधवा टाइगर रिजर्व है। यह उत्तर प्रदेश का सबसे पहला टाइगर रिजर्व होने के साथ-साथ सबसे खास भी है। क्योंकि, यहां हमें एक समृद्ध जैव विविधता और मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र भी देखने को मिलता है। इसकी स्थापना देशी की आजादी के 11 साल बाद हो गई थी।
हालांकि, बाद में इसे राष्ट्रीय पार्क भी दर्जा मिला। भारत में जब प्रोजेक्ट टाइगर अभियान चला, तो इसे टाइगर रिजर्व घोषित किया गया। आज यह टाइगर रिजर्व अपने जैव विविधता और बड़े-बड़े घास के मैदान के लिए जाना जाता है, जो कि इसे अन्य टाइगर रिजर्व से अलग बनाते हैं।
खास बात यह है कि यह एक अंतरराष्ट्रीय कॉरिडोर भी बनाता है, जो कि अपने आप में खास बनाता है। यह टाइगर रिजर्व बाघों के साथ-साथ हाथियों और बारहसिंगा समेत अन्य वन्यजीवों के लिए जाना जाता है। साथ ही, यह वनस्पति के क्षेत्र में भी अधिक समृद्ध है।
कब हुई Dudhwa National Park की स्थापना
दुधवा नेशनल पार्क की स्थापना साल 1958 में एक सेंचुरी के रूप में की गई थी। उस समय इसे लुप्तप्राय बारहसिंगा के संरक्षण के लिए वन्यजीव अभयारण्य के रूप में अधिसूचित किया गया था।
कब बना नेशनल पार्क
दुधवा नेशनल पार्क की उपयोगिता और इसके महत्त्व को देखते हुए 1977 में इसे नेशनल पार्क का दर्जा दिया गया।
कब बना टाइगर रिजर्व
भारत में जब प्रोजेक्ट टाइगर शुरू हुआ, तो उसके कुछ समय बाद 1987-88 में उत्तर प्रदेश के दुधवा नेशनल पार्क को प्रदेश का पहला टाइगर रिजर्व घोषित किया गया।
यूपी में कहां है दुधवा नेशनल पार्क
दुधवा नेशनल पार्क उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में स्थित है। यह सिर्फ इस जिले तक सीमित नहीं है, बल्कि बहराइच तक फैला हुआ है।
कितना बड़ा है दुधवा नेशनल पार्क
दुधवा नेशनल पार्क का कुल एरिया 2201 वर्ग किलोमीटर है। इसमें से यदि कोर एरिया की बात करें, तो 1093 वर्ग किलोमीटर है, जबकि बफर एरिया 1107 वर्ग किलोमीटर है।
किस देश से लगती है अंतरराष्ट्रीय सीमा
आपको बता दें कि दुधवा नेशनल पार्क की सीमा नेपाल के साथ लगती है। ऐसे में यहां अंतराष्ट्रीय कॉरिडोर बनता है।
किन तीन पार्कों से मिलकर बना है दुधवा टाइगर रिजर्व
दुधवा टाइगर रिजर्व मुख्य रूप से तीन संरक्षित क्षेत्रों से मिलकर बना हैः
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दुधवा नेशनल पार्क
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किशनपुर वन्यजीव अभयारण्य
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कतर्नियाघाट वन्यजीव अभयारण्य
टाइगर रिजर्व की प्रमुख जैव-विविधता
टाइगर रिजर्व की प्रमुख जैव विविधता की बात करें, तो यहां मुख्य रूप से बाघ, भारतीय गैंडा, बारहसिंगा, तेंदुआ और हाथी रहते हैं। वहीं, वनस्पति में यहां साल के वन और बड़े घास के मैदान हैं। पक्षी प्रेमियों के लिए यह बहुत ही लोकप्रिय स्थान है, क्योंकि यहां 400 से अधिक प्रजातियां देखने को मिलती हैं।
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