दुनिया का सबसे शॉर्टकट रास्ता जो अटलांटिक को प्रशांत महासागर से जोड़ता है, जानें नाम

Last Updated: Feb 19, 2026, 15:56 IST

दुनिया का सबसे छोटा समुद्री शॉर्टकट रास्ता पनामा नहर (Panama Canal) है, जो अटलांटिक महासागर को प्रशांत महासागर से जोड़ता है। 82 किलोमीटर लंबी यह नहर जहाजों को केप हॉर्न के लंबे और खतरनाक मार्ग से बचाती है, जिससे समय, ईंधन और लागत तीनों की भारी बचत होती है।

पनामा नहर अटलांटिक और प्रशांत महासागर को जोड़ने वाला दुनिया का सबसे छोटा समुद्री मार्ग है। 82 किमी लंबी यह नहर केप हॉर्न के खतरनाक रास्ते से बचाकर बड़े मालवाहक जहाजों की दूरी और समय दोनों घटाती है। यह वैश्विक व्यापार की धुरी है, जहां से हर साल भारी मात्रा में माल ढुलाई होती है। 

कब हुआ था इसका निर्माण:

साल 1881 में फ्रांसीसी इंजीनियर फर्डिनेंड डी लेसेप्स (Ferdinand de Lesseps) ने निर्माण शुरू किया, लेकिन मलेरिया जैसी बीमारियों और तकनीकी समस्याओं से परियोजना विफल हो गई। इसके बाद साल 1904 में अमेरिका ने काम संभाला और 1914 में इंजीनियर जॉन स्टीवंस (John Stevens) तथा जॉर्ज वॉशिंगटन गोएथल्स (George Washington Goethals) के नेतृत्व में इसे पूरा किया गया। इसने समुद्री व्यापार में क्रांति ला दी। पनामा नहर मध्य अमेरिका में पनामा देश में स्थित है। 

इंजीनियरिंग डिजाइन: 

इस ऐतिहासिक नहर में तीन प्रमुख लॉक सेट गाटुन, पेड्रो मिगुएल और मिराफ्लोरेस हैं। ये लॉक गुरुत्वाकर्षण आधारित जल-प्रणाली से जहाजों को लगभग 26 मीटर ऊपर उठाते हैं। 2016 के विस्तार के बाद बड़े ‘नियोपैनामैक्स’ जहाजों के लिए नए लॉक जोड़े गए, जिससे क्षमता और बढ़ी है।

कब ख़त्म हुआ US का कंट्रोल:

साल 1977 की संधियों के तहत 31 दिसंबर 1999 को नहर का नियंत्रण अमेरिका से पनामा को सौंप दिया गया। अब इसका संचालन Panama Canal Authority (ACP) करती है, जिससे पनामा की अर्थव्यवस्था को बड़ा लाभ मिलता है।

क्या है पनामा नहर का आर्थिक महत्व 

यह नहर 160 देशों के 1,700 बंदरगाहों को जोड़ती है और लगभग 33 जहाज प्रतिदिन गुजरते हैं। कंटेनर जहाजों से 45% राजस्व आता है। एक ट्रांजिट शुल्क $400,000 से अधिक हो सकता है, जबकि भीड़ के समय नीलामी में यह $2.4 मिलियन तक पहुंच जाता है।

कौन सी नहर दो महासागरों को जोड़ती है?

साल 1914 में बनकर तैयार होने वाली पनामा नहर अटलांटिक और प्रशांत महासागरों को आपस में जोड़ती है। जो बहुत बड़े रास्ते को शॉर्टकट बना देता है. पनामा नहर की लंबाई 82 किलोमीटर है।   

चुनौतियाँ और भविष्य

साल 2023-24 में एल नीनो और जलवायु परिवर्तन के कारण सूखे ने ट्रांजिट घटाकर 25 जहाज प्रतिदिन कर दिया था। साल 2025 में सुधार हुआ, लेकिन भविष्य में जल संकट की आशंका बनी है। इसे देखते हुए ACP ने 1.6 अरब डॉलर की रियो इंडियो झील परियोजना को मंजूरी दी है, जिससे जल आपूर्ति सुरक्षित कर नहर की निरंतरता सुनिश्चित की जाएगी।

Bagesh Yadav
Bagesh Yadav

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