8th Pay Commission: इस बार कितना हो सकता है बेसिक सैलरी का अंतर? देखें अब तक का लेखा-जोखा

Last Updated: Jun 25, 2026, 18:11 IST

8th Pay Commission: इस समय 8वें वेतन आयोग के मिनिमम और मैक्सिमम बेसिक पे को लेकर चर्चा जोरों पर है, डाक कर्मचारियों के संगठन FNPO समेत कई कर्मचारी संघों ने कम्प्रेशन रेशियो को 1:8 तक लाने की मांग की है।

एक नजर में सभी वेतन आयोग
एक नजर में सभी वेतन आयोग

देश में 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर चर्चाएं तेज हैं। करोड़ों केंद्रीय कर्मचारी और पेंशनर्स फिटमेंट फैक्टर, सैलरी बढ़ोतरी और पेंशन रिवीजन से जुड़ी हर अपडेट पर नजर बनाए हुए हैं। लेकिन इन सबके बीच एक सवाल सबसे ज्यादा रोचक यह ही कि क्या 8वें वेतन आयोग में छोटे और बड़े अधिकारियों की सैलरी के बीच का अंतर कम होगा?

दरअसल, हर वेतन आयोग में मिनिमम और मैक्सिमम मूल वेतन (Basic Pay) के बीच एक अनुपात तय होता है, जिसे कम्प्रेशन रेशियो (Compression Ratio) कहा जाता है। यह सबसे कम और सबसे ज्यादा वेतन पाने वाले कर्मचारियों की बेसिक सैलरी के अंतर को बताता है। 

पहले वेतन आयोग में था सर्वाधिक अंतर

आजादी के बाद बने पहले वेतन आयोग (1946-47) में सबसे कम बेसिक सैलरी 55 रुपये और सबसे अधिक 2,000 रुपये थी। यानी दोनों के बीच का अनुपात 1:36.4 का था। दूसरे शब्दों में कहें तो अधिकतम बेसिक सैलरी और सबसे कम बेसिक सैलरी में 36 गुना से भी ज्यादे का अंतर था।

वहीं 1957 में लागू दूसरे वेतन आयोग में यह अंतर और बढ़ गया। न्यूनतम वेतन 80 रुपये और अधिकतम वेतन 3,000 रुपये तय किया गया था। जहां कम्प्रेशन रेशियो 1:37.5 पर पहुंच गया था। 

तीसरे वेतन आयोग में कम हुआ गैप 

1973 में आए तीसरे वेतन आयोग ने वेतन असमानता कम करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया। न्यूनतम बेसिक पे 196 रुपये और अधिकतम 3,500 रुपये तय किया गया। इससे अनुपात घटकर 1:17.9 रह गया।

1986 के चौथे वेतन आयोग में न्यूनतम वेतन 750 रुपये और अधिकतम 8,000 रुपये तय हुआ, जिससे अनुपात 1:10.7 पर आ गया था।

इसके बाद 1996 के पांचवें वेतन आयोग में न्यूनतम बेसिक पे 2,550 रुपये और अधिकतम 26,000 रुपये रही। इस दौरान वेतन अंतर घटकर 1:10.2 तक पहुंच गया। 

छठे और सातवें वेतन आयोग में फिर बढ़ा गैप

2006 में लागू छठे वेतन आयोग में न्यूनतम वेतन 7,000 रुपये और अधिकतम 80,000 रुपये तय हुआ। इसके साथ अनुपात बढ़कर 1:11.4 हो गया। वहीं, 7वें वेतन आयोग में न्यूनतम बेसिक पे 18,000 रुपये और अधिकतम 2.5 लाख रुपये निर्धारित की गई थी। 

एक नजर में सभी वेतन आयोग

वेतन आयोग

न्यूनतम बेसिक पे

अधिकतम बेसिक पे

कम्प्रेशन रेशियो

पहला (1946-47)

₹55

₹2,000

1:36.4

दूसरा (1957)

₹80

₹3,000

1:37.5

तीसरा (1973)

₹196

₹3,500

1:17.9

चौथा (1986)

₹750

₹8,000

1:10.7

पांचवां (1996)

₹2,550

₹26,000

1:10.2

छठा (2006)

₹7,000

₹80,000

1:11.4

सातवां (2016)

₹18,000

₹2,50,000

1:13.9

आठवां (2026)

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8वें वेतन आयोग से क्या है उम्मीदें?

कर्मचारी संगठनों का मानना है कि 8वें वेतन आयोग में वेतन अंतर को और कम किया जाना चाहिए। डाक कर्मचारियों के संगठन FNPO समेत कई कर्मचारी संघों ने कम्प्रेशन रेशियो को 1:8 तक लाने की मांग की है। यदि ऐसा होता है, तो निचले स्तर के कर्मचारियों की सैलरी में अपेक्षाकृत अधिक बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

Bagesh Yadav
Bagesh Yadav

Senior Executive - Editorial

Bagesh Yadav is a journalist and current affairs analyst with over six years of experience in education journalism, national and international affairs, and digital media. He has contributed to India’s leading knowledge platforms, including Vision IAS and Only IAS, and currently serves in a senior editorial role at Jagranjosh.com, where he leads coverage across the Current Affairs and General Knowledge sections. His expertise spans breaking news, government policy analysis, world affairs, sports updates, science and technology, and visually engaging infographics. Known for his commitment to factual accuracy, editorial integrity, and audience-first storytelling, Bagesh delivers well-researched, accessible, and impactful journalism that serves millions of students, competitive exam aspirants, and informed readers across India.

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First Published: Jun 25, 2026, 18:11 IST

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