CBSE Parenting Calendar 2026-27: बच्चों के तनाव को कम करने और वेल-बीइंग बढ़ाने के लिए बोर्ड का बड़ा कदम, जानें पेरेंट्स के लिए क्या है खास

Last Updated: Apr 30, 2026, 19:07 IST

सीबीएसई (CBSE) ने शैक्षणिक सेशन 2026-27 के लिए एक नई और अनूठी पहल की शुरुआत की है। बोर्ड ने 'पैरेंटिंग कैलेंडर 2026-27' लॉन्च किया है, जिसका मुख्य उद्देश्य घर और स्कूल के बीच के तालमेल को और मजबूत बनाना है।

CBSE Parenting Calendar 2026-27: बच्चों के तनाव को कम करने और वेल-बीइंग बढ़ाने के लिए बोर्ड का बड़ा कदम, जानें पेरेंट्स के लिए क्या है खास
CBSE Parenting Calendar 2026-27: बच्चों के तनाव को कम करने और वेल-बीइंग बढ़ाने के लिए बोर्ड का बड़ा कदम, जानें पेरेंट्स के लिए क्या है खास

CBSE Parenting Calendar 2026-27: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने नेशनल एजुकेशन पॉलिसी (NEP) 2020 के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाते हुए एक नया 'पैरेंटिंग कैलेंडर' जारी किया है। यह कैलेंडर केवल डेट्स का लेखा-जोखा नहीं है, बल्कि यह माता-पिता और स्कूलों को एक सूत्र में पिरोने का एक सशक्त माध्यम है।

नेशनल एजुकेशन पॉलिसी (NEP) 2020 की पहलों की सफलता को आगे बढ़ाते हुए, केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने आज एक लाइव यूट्यूब कार्यक्रम के माध्यम से शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए अभिभावक कैलेंडर लॉन्च किया है। यह पहल, जिसे पहली बार 2025-26 में शुरू किया गया था, छात्रों के भावनात्मक, सामाजिक और शैक्षणिक विकास में सहयोग देने के लिए स्कूलों और पेरेंट्स के बीच व्यवस्थित जुड़ाव को संस्थागत रूप देने का लक्ष्य रखती है। 

पैरेंटिंग कैलेंडर का उद्देश्य क्या है?

अक्सर देखा जाता है कि स्कूल और घर के बीच संवाद की कमी के कारण बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य और सर्वांगीण विकास पर असर पड़ता है। CBSE का यह कैलेंडर इसी दूरी को कम करने के लिए बनाया गया है। इसका लक्ष्य बच्चों के शैक्षणिक प्रदर्शन के साथ-साथ उनके भावनात्मक लचीलेपन (Emotional Resilience) और सामाजिक कल्याण को बढ़ावा देना है।

कैलेंडर की मुख्य विशेषताएं 

इस नए कैलेंडर में कई महत्वपूर्ण बदलाव और नए खंड जोड़े गए हैं, जो इसे पिछले साल की तुलना में अधिक प्रभावी बनाते हैं:

मुख्य विशेषताएं विवरण और लाभ
शिक्षक-आधारित गतिविधियां स्कूल अब ऐसी गतिविधियों का आयोजन करेंगे जिनमें माता-पिता सीधे शामिल होंगे।
समावेश  विविध शिक्षण आवश्यकताओं वाले बच्चों के प्रति संवेदनशीलता और जागरूकता बढ़ाना।
बदलावों के साथ तालमेल पाठ्यक्रम में होने वाले बदलावों को समझने और अपनाने में माता-पिता की मदद करना।
आत्म-चिंतन (Reflection) अभिभावकों के लिए विशेष स्थान जहाँ वे अपने बच्चे के विकास और अपनी पैरेंटिंग शैली पर विचार कर सकें।
पैरेंटिंग वर्कशॉप उम्र के हिसाब से बच्चों की जरूरतों को समझने के लिए विशेष कार्यशालाओं का आयोजन।

इस पहल से छात्रों को क्या मिलेगा?

यह कैलेंडर केवल कागजी निर्देश नहीं है, बल्कि एक प्रैक्टिकल गाइड है। इससे छात्रों को निम्नलिखित लाभ होंगे:

  • तनाव मुक्त वातावरण: घर और स्कूल के बीच बेहतर तालमेल से छात्र खुद को सुरक्षित और समर्थित महसूस करेंगे।
  • मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान: 'साइको-सोशल' हस्तक्षेप के जरिए छात्रों की भावनात्मक समस्याओं का समय पर समाधान हो सकेगा।
  • बेहतर बॉन्डिंग: कैलेंडर में दी गई गतिविधियों के माध्यम से माता-पिता और बच्चों के बीच रिश्तों में और गहराई आएगी।

बोर्ड की अपील

CBSE ने अपने सभी संबद्ध स्कूलों को इस कैलेंडर को सक्रिय रूप से लागू करने का निर्देश दिया है। बोर्ड का मानना है कि जब स्कूल और माता-पिता मिलकर एक 'सपोर्टिव इकोसिस्टम' बनाएंगे, तभी हर बच्चा अपनी पूरी क्षमता के साथ आगे बढ़ पाएगा।

यहां भी पढ़े: NEET UG 2026: पेपर लीक के दावों पर NTA का बड़ा एक्शन; बताया इसे 'सिर्फ एक स्कैम', जानें नई गाइडलाइन्स

Akshara Verma
Akshara Verma

Content Writer

Akshara Verma is an Executive Content Writer at Jagran Josh, specializing in authoritative content focused on Education, Current Affairs, and General Knowledge. A graduate of Bharati Vidyapeeth's Institute of Computer Applications and Management (BVICAM) with a Bachelor of Journalism and Mass Communication, Akshara leverages her 1.5 years of experience to create impactful pieces, building on her previous roles in content writing and Public Relations at both Genesis BCW and Dainik Bhaskar. She can be reached at akshara.verma@jagrannewmedia.com.

... Read More
First Published: Apr 30, 2026, 19:07 IST

आप जागरण जोश पर सरकारी नौकरी, रिजल्ट, स्कूल, सीबीएसई और अन्य राज्य परीक्षा बोर्ड के सभी लेटेस्ट जानकारियों के लिए ऐप डाउनलोड करें।

Trending

Latest Education News