उत्तर प्रदेश का अंतिम पारंपरिक किला, जहां आज भी रहता है राज परिवार

Last Updated: Aug 6, 2026, 14:50 IST

उत्तर प्रदेश में गंगा नदी के तट पर एक ऐसी ऐतिहासिक धरोहर है, जिसे यूपी का सबसे अंतिम पारंपरिक किला होने का दर्जा प्राप्त है। यह किला आज भी पूर्व महाराजा का आधिकारिक निवास है। इस लेख में हम इसके बारे में विस्तार से जानेंगे।

उत्तर प्रदेश का आखिरी किला
उत्तर प्रदेश का आखिरी किला

उत्तर प्रदेश देश का चौथा सबसे बड़ा राज्य है, जो कि अपने इतिहास, संस्कृति और अनूठी विरासत के लिए जाना जाता है। इस राज्य में कई ऐतिहासिक किले हैं, जो कि आज भी अपने भव्यता के लिए जाने जाते हैं। इस कड़ी में गंगा नदी के तट पर एक बना एक किला ऐसा भी है, जो कि यूपी का सबसे अंतिम पारंपरिक किला भी है। इस किले में आज भी पूर्व महाराजा रहते हैं और यह उनका आधिकारिक निवास भी है।

किस जिले में है अंतिम पारंपरिक जिला

उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले में गंगा नदी के पूर्वी तट पर काशी के पूर्व नरेशों यानि कि राज परिवारों का आधिकारिक निवास स्थान है। यह किला राम नगर किले के नाम से जाना जाता है, जो कि आज भी उनकी परंपराओं और भव्यता को दर्शाता है। 

कब हुआ था किले का निर्माण

राम नगर किले का निर्माण 1750 ईस्वी में काशी के महाराजा रहे बलवंत सिंह द्वारा करवाया गया था। यह किला यूपी में किसी भारतीय रियासत द्वारा बना आखिरी किला था। इसके बाद यूपी में किसी भी किले का निर्माण नहीं हुआ।

लाल बलुआ पत्थर से हुआ था निर्माण

राम नगर किले का निर्माण लाल बलुआ पत्थरों से किया गया है, जिससे इस किले की चमक और भी बढ़ जाती है। वहीं, यह किला गंगा नदी के तट पर एक ऊंचे स्थान पर बना हुआ है, जिससे गंगा में पानी बढ़ने पर भी इस किले तक पानी नहीं पहुंचता है। किले को लेकर खास बात यह है कि किले का दरवाजा और खिड़कियां गंगा नदी की तरफ हैं, जिससे यहां बनारस के प्रसिद्ध घाट और सूर्यास्त का सुंदर नजारा देखने को मिलता है।

राम नगर किले में क्या-क्या खास है

राम नगर किले में पुरानी गाड़ियों का एक बड़ा संग्रहालय है, जिसमें 18वीं और 19वीं सदी की पुरानी अमेरिकी और यूरोपीय गाड़ियां खड़ी हुई हैं। वहीं, यहां बनारसी बघ्घी और हाथीदांत से बने औधे रखे हुए हैं। किले में ब्रिटिश काल के तोप, तलवार, ढाल और बंदूकें और नक्काशीदार कटारें भी हैं। इके अलावा, यहां रेशमी बनारसी साड़ी और सोना-चांदी के तार वाली पोशांकें भी देखने को मिलती हैं।

विश्वप्रसिद्ध है रामनगर की रामलीला

रामनगर की रामलीला विश्व प्रसिद्ध है। इसकी शुरुआत 1830 में महाराजा उदित नारायण सिंह ने की थी। रामलीला की खास बात यह है कि यह पूरे 31 दिन चलती है, जिसमें किसी माइक या लाउडस्पीकर का प्रयोग नहीं होता है। इस दौरान रामनगर को ही अयोध्या, जनकपुर और लंका के सेट में बदल दिया जाता है।

अब कौन किले में रहता है

आज भी रामनगर किले में राज परिवार रहता है। यह किला अनंत नारायण सिंह और उनके परिवार का आधिकारिक निवास स्थान है। वहीं, किले का संग्रहालय लोगों के लिए खोला गया है। आपको बता दें इस किले में बॉलीवुड की वासेपुर और रांझणा की शूटिंग हो चुकी है।

Kishan Kumar
Kishan Kumar

Senior Executive - Editorial

A seasoned journalist and Multimedia Producer with over 8 years of experience in print and digital media, Kishan specializes in turning complex topics into clear, compelling narratives. Currently working as a Senior Content Writer in the GK section at Jagran Josh, he brings deep subject expertise in History, Polity, and Geography, writing on national and international affairs from a general knowledge perspective. He can be reached at Kishan.kumar@jagrannewmedia.com.

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First Published: Aug 6, 2026, 14:50 IST

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