Key Points
- बजट 2026 में घोषित 'SHE Marts' का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को उद्यमी बनाना है।
- इन सामुदायिक स्वामित्व वाले रिटेल दुकानों का संचालन महिला स्वयं सहायता समूहों और सामुदायिक नेतृत्व समूहों द्वारा किया जाएगा।
- इस पहल से महिलाओं को बाजार तक पहुंच, बेहतर मूल्य निर्धारण और स्थायी आय प्राप्त करने का अवसर मिलता है।
SHE Marts मिशन यानी Self-Help Entrepreneur Marts की घोषणा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने केंद्रीय बजट 2026 में की है। इसका उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को केवल रोजगार तक सीमित न रखकर उन्हें पूरा उद्यमी (Entrepreneur) बनाना है। यह योजना लखपति दीदी कार्यक्रम पर आधारित है, जिसमें महिलाओं को कर्ज आधारित आजीविका से निकालकर स्वामित्व वाले व्यवसाय से जोड़ा जाएगा। इन मार्ट्स का संचालन महिला स्वयं सहायता समूह (SHG) द्वारा किया जाएगा।
क्या है SHE Marts पहल?
SHE-Marts यानी स्वयं सहायता उद्यमी मार्ट्स (Self Help Entrepreneur Marts) को सामुदायिक स्वामित्व वाले रिटेल आउटलेट्स के रूप में लांच किया जा सकेगा। इन्हें Cluster Level Federations - CLFs के भीतर स्थापित किया जाएगा, जहाँ SHG महिलाओं द्वारा बनाये गए प्रोडक्ट्स सीधे बेचें जा सकेंगे.
SHE Marts कैसे करेगा काम?
SHE Marts ग्रुप के स्वामित्व वाले रिटेल आउटलेट होंगे, जिन्हें महिला SHG और क्लस्टर लेवल फेडरेशन (CLF) मिलकर चलाएंगे। यहाँ महिलाएं अपने बनाए उत्पाद जैसे हस्तशिल्प, अचार, जैविक सब्ज़ियां, साबुन, खाद्य पदार्थ और स्थानीय वस्तुएँ सीधे ग्राहकों को बेच सकेंगी। इससे बिचौलियों की भूमिका खत्म होगी और महिलाओं को संगठित रिटेल बाजार से जोड़ा जाएगा।
महिलाओं को क्या लाभ मिलेगा?
SHE Marts से महिलाओं को सीधे बाजार तक पहुँच मिलेगी, जिससे उनकी कमाई बढ़ेगी। ब्रांडिंग, बेहतर मूल्य और स्थायी आय का अवसर मिलेगा। इससे घरों की आर्थिक स्थिति सुधरेगी, अनौपचारिक कर्ज पर निर्भरता कम होगी और बैंक से लोन लेने की पात्रता बढ़ेगी। महिलाएं अपने मुनाफे से संपत्ति और व्यवसाय दोनों का विस्तार कर सकेंगी।
SHE Marts योजना हाइलाइट्स:
| 1 | योजना का उद्देश्य | ग्रामीण महिलाओं को रोजगार से आगे बढ़ाकर उद्यमी (Entrepreneur) बनाना और SHG को बिजनेस ओनरशिप देना। |
| 2 | संचालन मॉडल | महिला स्वयं सहायता समूह (SHG) और CLF द्वारा संचालित कम्युनिटी-ओन्ड रिटेल मार्ट्स। |
| 3 | उत्पाद बिक्री | हस्तशिल्प, अचार, जैविक सब्ज़ियाँ, साबुन, खाद्य सामग्री जैसे स्थानीय उत्पादों की सीधी बिक्री। |
| 4 | आर्थिक लाभ | बिचौलियों की भूमिका खत्म, बेहतर कीमत, स्थायी आय और महिलाओं की बैंकिंग व लोन पात्रता में सुधार। |
| 5 | फाइनेंस सपोर्ट | डिजिटल लोन, बैंक लिंक्ड अप्रूवल, वर्किंग कैपिटल और ट्रेनिंग के जरिए व्यवसाय को मजबूती। |
आजीविका से उद्यम तक बदलाव की नई पहल
पहले महिलाएं केवल कर्ज लेकर छोटे स्तर पर सामान बेचती थीं, जहाँ लक्ष्य सिर्फ ऋण चुकाना होता था। SHE Marts के जरिए अब वे रेवेन्यू आधारित बिजनेस मॉडल अपनाएँगी। स्थानीय बिक्री से निकलकर संगठित रिटेल नेटवर्क तक पहुँच बनेगी और फोकस होगा विकास, लाभ और ब्रांड निर्माण पर।
पात्रता और आवेदन प्रक्रिया
इस योजना के लिए लखपति दीदी की तर्ज पर SHG महिलाएं पात्र होंगी जिनकी वार्षिक घरेलू आय कम से कम ₹1 लाख हो। प्राथमिकता उन CLF को मिलेगी जिनमें 500-1000 सदस्य हों और जिनका क्रेडिट रिकॉर्ड अच्छा हो। फिलहाल फरवरी 2026 तक कोई केंद्रीय पोर्टल शुरू नहीं हुआ है। संभावित प्रक्रिया में DRDA में बिजनेस प्लान जमा करना, जिला स्तर पर मूल्यांकन, फाइनेंसिंग और ट्रेनिंग शामिल होगी।
कौन से डाक्यूमेंट्स है जरुरी
आधिकारिक गाइडलाइन आने के बाद सूची तय होगी, लेकिन सामान्य तौर पर आधार कार्ड, बैंक पासबुक, SHG सदस्यता प्रमाण, आय प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण और बिजनेस प्लान जरूरी होंगे। फाइनेंसिंग के लिए डिजिटल लोन, बैंक लिंक्ड अप्रूवल और वर्किंग कैपिटल की सुविधा मिलेगी। इन्वेंट्री मैनेजमेंट के लिए रियल-टाइम ट्रैकिंग सिस्टम भी लागू किया जाएगा। अपडेट के लिए DRDA और ग्रामीण विकास मंत्रालय की वेबसाइट देखनी होगी।
SHE-Marts: ग्रामीण महिलाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की नई पहल 👩💼
— युवा बिहारी चिराग पासवान (@iChiragPaswan) February 1, 2026
आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodiके विज़न के तहत, Self-Help Entrepreneur (SHE) Marts स्थापित किए जा रहे हैं, जो क्लस्टर स्तर की फेडरेशन में सामुदायिक स्वामित्व वाले रिटेल आउटलेट्स के रूप में कार्य करेंगे।… pic.twitter.com/gFOsIzZDz2
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