Key Points
- केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने Bharat Taxi, भारत की पहली सहकारी राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म लॉन्च किया।
- नवंबर 2025 में दिल्ली-एनसीआर में सॉफ्ट लॉन्च; आधिकारिक लॉन्च 5 फरवरी 2026।
- जीरो-कमीशन मॉडल के साथ ड्राइवरों को कमाई का 80-100% हिस्सा मिलता है।
Bharat Taxi: देश की पहली सहकारी क्षेत्र की राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म "भारत टैक्सी" को केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने लांच कर दिया है. यह सेवा PM नरेन्द्र मोदी के 'सहकार से समृद्धि' के विज़न के अनुरूप, यह लॉन्च भारत सरकार के सहकारी क्षेत्र को मजबूत करने और समावेशी, नागरिक-केंद्रित गतिशीलता समाधानों को बढ़ावा देने के निरंतर प्रयासों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर होगा।
उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान श्री शाह ने इसे चालकों को मुनाफे का मालिक बनाने और उन्हें सम्मान व स्वाभिमान देने वाली देश की पहली सहकारिता क्षेत्र की टैक्सी सर्विस बताया. बता दें कि ‘सारथी ही मालिक’ के विजन पर आधारित भारत टैक्सी में सारथी पार्टनर भी कार्यक्रम में शामिल हुए. वहीं देश के विभिन्न क्षेत्रों से 1,200 से अधिक सारथी (ड्राइवर) इस लॉन्च कार्यक्रम में भाग लिया.
भारत टैक्सी क्या है?
भारत टैक्सी देश की पहली सहकारी क्षेत्र की राइड-हेलिंग सेवा है, जिसे ड्राइवरों को मालिकाना हक और बेहतर कमाई देने के उद्देश्य से शुरू किया गया है। यह सर्विस Sahakar Taxi Cooperative Limited द्वारा संचालित होती है और Multi-State Cooperative Societies Act, 2002 के तहत पंजीकृत है। इसका मॉडल निजी एग्रीगेटर्स से अलग है क्योंकि इसमें ड्राइवर सिर्फ कर्मचारी नहीं बल्कि साझेदार होते हैं।
कहां किया जा रहा लॉन्च
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 5 फरवरी 2026 को दिल्ली-एनसीआर में भारत टैक्सी का आधिकारिक शुभारंभ कर दिया है। इससे पहले नवंबर 2025 में दिल्ली के एयरपोर्ट, ISBT और रेलवे स्टेशनों पर इसका सॉफ्ट लॉन्च किया गया था। शुरुआत में यह दिल्ली-एनसीआर और गुजरात में चला, जहां रोज़ाना 10,000 से ज्यादा राइड्स पूरी हुईं और लगभग ₹10 करोड़ सीधे ड्राइवरों को मिले। इस ऐप को प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है.
भारत टैक्सी सर्विस हाई लाइट्स
| क्रमांक | हाइलाइट | डिटेल्स |
| 1 | देश की पहली सहकारी टैक्सी सेवा | भारत टैक्सी भारत की पहली को-ऑपरेटिव राइड-हेलिंग सेवा है, जहां ड्राइवर सिर्फ कर्मचारी नहीं बल्कि मालिक होते हैं। |
| 2 | जीरो कमीशन मॉडल | ड्राइवरों से कोई प्रतिशत कमीशन नहीं लिया जाता, सिर्फ ₹30 का दैनिक शुल्क, जिससे 80-100% कमाई ड्राइवर को मिलती है। |
| 3 | यात्रियों को सस्ता किराया | निजी ऐप्स के मुकाबले करीब 30% तक कम किराया, बिना सर्ज प्राइसिंग के पारदर्शी रेट। |
| 4 | ‘सारथी ही मालिक’ सोच | ड्राइवरों को शेयर, मुनाफे में हिस्सेदारी, बीमा और फैसलों में भागीदारी का अधिकार। |
| 5 | देशभर में विस्तार योजना | दिल्ली-एनसीआर और गुजरात के बाद दो साल में पूरे भारत में सेवा विस्तार का लक्ष्य। |
ड्राइवरों के लिए फायदे
भारत टैक्सी का सबसे बड़ा आकर्षण इसका जीरो-कमीशन मॉडल है। ख़बरों की माने तो ड्राइवर सिर्फ ₹30 का मामूली दैनिक शुल्क देते हैं और बाकी पूरी कमाई उनके पास रहती है। निजी प्लेटफॉर्म जहां 20-30% कमीशन काटते हैं, वहीं यहां ड्राइवर 80-100% तक कमाई रख सकते हैं। साथ ही उन्हें ₹5 लाख का बीमा, रिटायरमेंट सेविंग और मुनाफे में हिस्सेदारी भी मिलती है।
यात्रियों को क्या मिलेगा
यात्रियों के लिए भारत टैक्सी में किराया लगभग 30% तक सस्ता होने की उम्मीद है। इसमें कोई सर्ज प्राइसिंग नहीं होती और रेट पूरी तरह पारदर्शी रहते हैं। ऐप में लाइव ट्रैकिंग, वेरिफाइड ड्राइवर, 24×7 सपोर्ट और सुरक्षित राइड की सुविधा दी जाती है। कैब, ऑटो और बाइक सभी विकल्प मौजूद हैं।
‘सारथी ही मालिक’ की सोच
भारत टैक्सी का थीम “सारथी ही मालिक” है। यानी ड्राइवर ही इस प्लेटफॉर्म के असली मालिक हैं। उन्हें शेयर सर्टिफिकेट दिए जाते हैं और फैसलों में भागीदारी मिलती है। इससे ड्राइवर किसी दबाव से मुक्त होकर आत्मनिर्भर बनते हैं और सहकारी मॉडल के जरिए एक टिकाऊ सिस्टम तैयार होता है।
चालकों को मुनाफे का मालिक बनाने और उन्हें सम्मान व स्वाभिमान देने वाली देश की पहली सहकारिता क्षेत्र की टैक्सी सर्विस #BharatTaxi के शुभारंभ से लाइव... https://t.co/QsQT7Sd6dJ
— Amit Shah (@AmitShah) February 5, 2026
भारत टैक्सी का मालिक कौन?
भारत टैक्सी को NAFED, IFFCO, अमूल (GCMMF), KRIBHCO, NDDB, NABARD, NCDC और NCEL जैसी बड़ी सहकारी संस्थाओं का समर्थन मिला है। हर संस्था ने लगभग ₹10 करोड़ का निवेश किया है। दिल्ली और गुजरात से 51,000 से ज्यादा ड्राइवर शुरुआत में जुड़े और शेयर खरीदकर सदस्य बने।
विस्तार योजना और कैब सेक्टर पर असर
दिल्ली-एनसीआर और गुजरात से शुरू होकर भारत टैक्सी अगले दो साल में पूरे देश में विस्तार की योजना बना रही है। इसमें महिलाओं के लिए “Bike Didi” जैसी पहल भी शामिल है। विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर यह मॉडल सफल हुआ तो निजी कैब कंपनियों को अपने कमीशन और किराए की नीति बदलनी पड़ेगी। भारत टैक्सी भारत के कैब इकोसिस्टम में ड्राइवरों को मालिक बनाने की नई सोच लेकर आई है।
आपने #BharatTaxi का नाम सुना है?
— SansadTV (@sansad_tv) February 3, 2026
भारत टैक्सी ऐप में जुड़ते ही हर नए ड्राइवर को मिलती है शुरुआती प्रोफेशनल ड्राइविंग ट्रेनिंग.
दूसरी ऐप्स में:
भारी कमीशन
ट्रेनिंग की कमी
भारत टैक्सी में:
100% कमाई ड्राइवर की (0 कमीशन)
प्रोफेशनल ड्राइविंग ट्रेनिंग
महिला सारथी (वुमन… pic.twitter.com/ghcCg27o3m
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