बीते दिनों टैरिफ(Tariff) शब्द चर्चाओं में था। अब फिर से टैरिफ चर्चाओं में आ गया है। वजह है, पहले अमेरिका ने भारत पर टैरिफ बढ़ाया था, लेकिन अब टैरिफ को घटा दिया गया है। अमेरिका ने टैरिफ को 50 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी कर दिया है। ऐसे में यहां जानना जरूरी है कि टैरिफ घटने या बढ़ने से क्या आप पर प्रभाव पड़ता है और यदि हां, तो कितना ? आखिर यह टैरिफ होता क्या है और यह क्यों लगाया जाता है? इन सभी सवालों का जवाब जानने के लिए यह लेख पढ़ें।
क्या होता है Tariff
सबसे पहले हम टैरिफ के बारे में जान लेते हैं। यह एक प्रकार का टैक्स होता है, जो कि एक देश की सरकार दूसरे देश से आने वाले सामान पर लगाती है। उदाहरण से समझते हैंः आप विदेश से कोई जूता मंगा रहे हैं, जिसकी भारतीय रुपये में कीमत 1000 रुपये है, लेकिन यदि सरकार ने इस पर 10 फीसदी टैरिफ लगाया है, तो यह आपको 1100 रुपये का पड़ेगा।
क्यों लगाया जाता है टैरिफ
सरकार द्वारा आयात होने वाली चीजों पर टैरिफ लगाने के अलग-अलग कारण हैं, जो कि इस प्रकार हैंः
देश के घरेलू बाजार को बचाना
यदि सरकार टैरिफ नहीं लगाएगी, तो विदेशी सामान सस्ते दामों में उपलब्ध होगा। ऐसे में सरकार देशी सामान छोड़कर विदेशी उत्पादों की तरफ अधिक रूख करेंगे, जिससे देश के घरेलू बाजार को नुकसान होगा। इसका सीधा असर देश के आर्थिक विकास पर भी पड़ेगा। भारत में मेक इन इंडिया इसी का एक उदाहरण है।
राजस्व की होती है प्राप्ति
सरकार द्वारा टैरिफ लगाने से सरकार को टैरिफ के हिस्से के रूप में राजस्व मिलता है। इससे सरकारी खजाने को फायदा होता है।
रणनीतिक रूप से महत्त्वपूर्ण
कुछ देश एक-दूसरे पर रणनीतिक रूप से दबाव बनाने के लिए भी टैरिफ का इस्तेमाल करते हैं। वहीं, कुछ मामलों में इसका उपयोग व्यापार असंतुलन को ठीक करने के लिए भी होता है। इसे एक प्रकार का ट्रेड वार भी कहा जाता है।
कितने प्रकार का होता है टैरिफ
टैरिफ भी अलग-अलग प्रकार का होता हैः
मूल्यानुसार टैरिफ
इस टैरिफ में कर सामान की कुल कीमत के एक निश्चित प्रतिशत के रूप में होता है।
विशिष्ट टैरिफ
यह टैरिफ सामान के वजन या मात्रा पर लगता है, कीमत पर नहीं लगता है।
संरक्षणकारी टैरिफ
इसका उद्देश्य आयात को पूरी तरह हतोत्साहित करना होता है। यह विशेष रूप से कारों पर लगाया जाता है।
टैरिफ का क्या पड़ता है आप पर असर
-
सरकार द्वारा टैरिफ बढ़ाने पर विदेशी सामान महंगा होता है। इसमें तेल, मोबाइल व लैपटॉप से लेकर अन्य उत्पाद शामिल होते हैं।
-
कई बार अधिक टैरिफ की वजह से विदेशी कंपनी सामान भेजना बंद कर देती है, जिससे ग्राहकों के पास कम विकल्प होते हैं।
-
टैरिफ का असर फैक्ट्रियों पर पड़ता है। यदि टैरिफ बहुत कम हो जाता है, तो इससे देशी कंपनियों पर असर पड़ता है। क्योंकि, लोग देशी सामान की तुलना में विदेशी सामान को तरजीह देने लगते हैं।
परीक्षा के लिए टिपः यदि आपसे कोई पूछे क्या टैरिफ उत्पाद और सेवाओं, दोनों पर लगता है?, तो इसका जवाब न होगा। क्योंकि, टैरिफ सिर्फ उत्पादों पर लगाया जाता है।
Comments
All Comments (0)
Join the conversation