बिहार का सबसे पुराना किला, जिसकी सीढ़ियां आज भी करती हैं हैरान

Last Updated: Jun 27, 2026, 14:50 IST

बिहार में यूं, तो कई किले बने हुए हैं। हालांकि एक किला ऐसा भी है, जिसे सबसे पुराना होने का गौरव प्राप्त है। इस लेख में हम बिहार के सबसे पुराने किले के बारे में जानेंगे। 

बिहार का सबसे पुराना किला
बिहार का सबसे पुराना किला

बिहार को बुद्ध की धरती कहा जाता है। यहां की पवित्र धरती पर कई ऐतिहासिक किले बने हुए हैं, जो कि आज भी इतिहास की गवाही देते हैं। इन किलों का निर्माण अलग-अलग राजवंशों द्वारा करवाया गया था। इस कड़ी में यहां एक किला ऐसा भी है, जिसे बिहार का सबसे पुराना किला होने का गौरव प्राप्त है, जो कि सोन नदी के किनारे बना हुआ है और एक अभेद्य किला भी माना जाता है। इस किले में सुरंगों के साथ बनी सीढ़ियां ऐसी हैं, जिससे देख हर कोई हैरान हो जाता है। इस लेख में हम किले के बारे में विस्तार से जानेंगे। 

बिहार का सबसे पुराना किला कौन-सा है?

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) और बिहार सरकार के पर्यटन विभाग के आधिकारिक दस्तावेजों के मुताबिक, रोहतास जिले में सोन नदी की घाटी के पास बना रोहतागढ़ बिहार का सबसे पुराना किला है।

क्या है किले का इतिहास

पौराणिक मान्यताओं की मानें, तो किले का निर्माण सत्यवादी राजा हरिश्चंद्र के पुत्र रोहिताश्व द्वारा करवाया गया था। उनके नाम पर ही किले का नाम रोहतासगढ़ पड़ा। वहीं, यदि इतिहास के पन्ने पलटें, तो किले पर 7वीं शताब्दी में राजा शशांक से लेकर खरवार और चेर राजाओं का राज रहा था। 

बिहार में कहां बना है किला 

रोहतागढ़ किले की लोकेशन की बात करें, तो यह बिहार के दक्षिण-पश्चिमी भाग में रोहतास जिले की कैमूर की पहाड़ियों पर बना हुआ है। समुद्र तल से किले की ऊंचाई करीब 1,500 फीट है, जो कि एक पठार वाला एरिया है। 

कितना बड़ा है किला

यह किला भारत के सबसे बड़े पहाड़ी किलों में गिना जाता है, जो कि 45 किलोमीटर के दायरे में बना हुआ है। किले में 84 दरवाजों का कुछ-कुछ हिस्सा बचा है, जिसमें मुख्य प्रवेश द्वार को घाट कहा जाता है। इन घाटों में राजा घाट और कठौतिया घाट प्रमुख है।

शेरशाह सूरी और मुगल काल से संबंध

अफगान शासक रहे शेरशाह सूरी ने 1538 में हुमायूं से युद्ध के दौरान एक डोली में सैनिकों को महिलाओं के भेष में भेज दिया था और चेर राजाओं से यह किला जीत लिया था। सूरी ने इसे अपनी सुरक्षा का ठिकाना बनाया और यहां खजाना रखा।

वहीं, मुगल सम्राट अकबर के काल में मुगल सेनापति राजा मानसिंह को बिहार का सूबेदार बनाया गया था, जिन्होंने रोहतासगढ़ को अपनी आधिकारिक राजधानी बनाया था। राजा मानसिंह ने किले में कई महलों का निर्माण कराया, जिनमें 'आइना महल' और 'मानसिंह महल' शामिल हैं। 

किले का मुख्य आकर्षण क्या है

किले में कई आकर्षण मौजूद हैं, जो कि इस प्रकार हैंः

हथिया पोल- यह किले का सबसे बड़ा प्रवेश द्वार है, जहां हाथियों की आकृतियां बनी हुई हैं। इनका निर्माण राजा मानसिंह द्वारा ही कराया गया था।

-किले में जामा मस्जिद के साथ-साथ हबश खान का मकबरा भी मौजूद है।

-इस किले में कई ऐसी पतली सीढ़ियां बनी हैं, जो आज भी यहां आने वाले पर्यटकों को हैरानी में डाल देती हैं। क्योंकि, किले में सभी सीढ़ियां एक जैसी नहीं, बल्कि कुछ सीढ़ी ऊंची, तो कुछ नीची हैं। साथ ही, इन सीढ़ियों को घुमावदार आकार में बनाया गया है, जो कि घड़ी की सुई की दिशा में ऊपर की तरफ घूमती हैं। ऐसे में जब कोई दुश्मन अपने सीधे हाथ से तलवार चलाएगा, तो उसे तलवार चलाने में कम जगह मिलेगी, जबकि सामने से आने वाले व्यक्ति अपने दाएं हाथ से आसानी से तलवार चला सकेगा।

Kishan Kumar
Kishan Kumar

Senior Executive - Editorial

A seasoned journalist and Multimedia Producer with over 8 years of experience in print and digital media, Kishan specializes in turning complex topics into clear, compelling narratives. Currently working as a Senior Content Writer in the GK section at Jagran Josh, he brings deep subject expertise in History, Polity, and Geography, writing on national and international affairs from a general knowledge perspective. He can be reached at Kishan.kumar@jagrannewmedia.com.

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First Published: Jun 27, 2026, 14:48 IST

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