भारत एक तरफ जहां अपने सांस्कृतिक विरासत, समृद्ध इतिहास और अनूठी परंपराओं के लिए जाना जाता है, वहीं दूसरी तरफ यह अपनी एक बड़ी आबादी के लिए भी विश्व विख्यात है। जनसंख्या के मामले में हमें दुनिया की टॉप लिस्ट में आते हैं। साल 2011 की जनसंख्या गणना रिपोर्ट के मुताबिक, भारत की जनसंख्या 121 करोड़ दर्ज की गई थी।
इसके बाद जनगणना नहीं हुई, लेकिन विभिन्न स्रोतों में भारत की जनसंख्या 147 करोड़ तक दर्ज की गई है, जो कि पूरी दुनिया की करीब 17.8 फीसदी है। दुनिया की कुल आबादी 8.3 अरब है। ऐसे में हम कह सकते हैं अनाधिकारिक तौर पर हमने चीन(दुनिया की कुल 17 फीसदी आबादी) को पीछे छोड़ दिया है, हालांकि इसकी पुष्टि भारत की आधिकारिक जनगणना होने पर हो सकेगी।
आपने भारत के सबसे अधिक जनसंख्या वाला राज्य के बारे में पढ़ा और सुना होगा। हालांकि, क्या आप भारत के सबसे अधिक जनसंख्या घनत्व वाले राज्य के बारे में जानते हैं, यदि नहीं, तो इस लेख के माध्यम से हम इस बारे में जानेंगे।
भारत का सबसे अधिक जनसंख्या घनत्व वाला राज्य
भारत के सबसे अधिक जनसंख्या घनत्व वाले राज्य की बात करें, तो यह बिहार राज्य है। साल 2011 में बिहार का जनसंख्या घनत्व 1106 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर दर्ज किया गया था। यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि भारत का औसत घनत्व सिर्फ 382 रहा था, ऐसे में बिहार का यह आंकड़ा बहुत अधिक है।
सबसे अधिक घनत्व होने के क्या हैं कारण
बिहार के सबसे अधिक जनसंख्या घनत्व वाला राज्य होने के पीछे भौगोलिक, आर्थिक और सामाजिक कारण हैं। इनमें बिहार की मिट्टी का अधिक उपजाऊ होना, शिक्षा का अभाव होना, रोजगार की कमी, शहरीकरण का अभाव और कम औद्योगिक विकास प्रमुख कारण हैं। आइए इन्हें विस्तार से समझते हैंः
उपजाऊ मिट्टी
बिहार की अधिकांश भूमि गंगा के मैदानी भाग में आती है। साथ ही, सोन, कोसी और गंडक जैसी नदियों द्वारा लाई गई जलोढ़ मिट्टी से बनी है। ऐसे में यहां कम जमीन पर ही फसलों की अधिक उपज होती है। यदि किसी क्षेत्र में अधिक फसल होगी, तो वहां मानव बस्तियां भी अधिक होंगी।
बिहार की अधिक प्रजनन दर
बिहार की प्रजनन दर भारत में सबसे अधिक है। यह भारत के औसत यानि कि 2.0 से भी अधिक है, जो कि अंतिम बार 3 से अधिक दर्ज की गई थी। इसके पीछे की वजह शिक्षा की कमी होना और जल्दी शादी होना है, जिससे परिवार का आकार बढ़ रहा है।
शहरीकरण की कमी
बिहार में अन्य राज्यों की तुलना में शहरीकरण कम है। यहां की अधिकांश आबादी ग्रामीण इलाकों में रहती है। यहां औद्योगिक विकास कम है, जिससे ग्रामीण लोग अपने खेतों और घरों से जुड़े रहते हैं। इस वजह से ग्रामीण स्तर पर जनसंख्या घनत्व बढ़ जाता है।
Source: Image created with the help of notebook llm
पलायन से भी नहीं पड़ता है प्रभाव
बिहार के बहुत-से लोग रोजगार की तलाश में अन्य राज्यों का रूख करते हैं। हालांकि, इससे बिहार की जनसंख्या पर अधिक प्रभाव नहीं पड़ता है, क्योंकि उन लोगों का संपूर्ण परिवार बिहार में ही रहता है। औद्योगिक विकास न होने की वजह से परिवार के अन्य लोग खेती या स्थानीय स्तर पर उद्योग से जुड़े होते हैं।
कम क्षेत्रफल पर रहती है अधिक आबादी
बिहार क्षेत्रफल के मामले में भारत का 12वां सबसे बड़ा राज्य है। हालांकि, जनसंख्या के मामले में यह उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के बाद तीसरे नंबर पर आता है। क्षेत्रफल में यहां भारत की सिर्फ 2.9 फीसदी भूमि है, जबकि आबादी के मामले में यहां 9 फीसदी जनता रहती है। इस वजह से कम क्षेत्र में अधिक आबादी रहती है, जिससे जनसंख्या घनत्व बढ़ता है।
पढ़ेंः पावर सब-स्टेशन में क्यों बिछे होते हैं पत्थर, जानें इसके पीछे की इंजीनियरिंग
Comments
All Comments (0)
Join the conversation