1 मई को क्यों मनाया जाता है अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस, जानें कारण और महत्त्व

Last Updated: May 1, 2026, 12:14 IST

हर साल 1 मई को अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस मनाया जाता है। यह दिन सिर्फ छुट्टी के लिए नहीं होता है, बल्कि मजदूरों के अधिकारों और संघर्षों को याद दिलाने का दिन है। इस दिन के पीछे एक बड़ी घटना जुड़ी है, जिस वजह से 1 मई मजदूर दिवस के रूप में भी मनाया जाता है।

मजदूर दिवस
मजदूर दिवस

दुनियाभर में 1 मई का दिन 'अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस' के रूप में मनाया जाता है। इस दिन को सिर्फ छुट्टी के लिए याद नहीं किया जाता है, बल्कि यह दिन मजूदरों के अधिकार और उनके संघर्षों को याद करने का दिन है। इतिहास में 1 मई को ऐसी घटना हुई, जिसके बाद इस दिन को मजदूरों की आवाज के रूप में चुना गया और हमेशा-हमेशा के लिए यह दिन मजदूरों के नाम हो गया। इस लेख में हम मजदूर दिवस से जुड़ा इतिहास और महत्त्वपूर्ण तथ्यों पर गौर करेंगे।

क्यों हुई थी मजूदर दिवस की शुरुआत

19वीं शताब्दी में औद्योगिकरण तेजी से हो रहा था, ऐसे में मजदूरों से बहुत काम करवाया जाता था। स्थिति ऐसी थी कि मजदूरों से दिन में 15 से 16 घंटे तक काम लिया जा रहा था। साथ ही, काम की परिस्थितियां भी सुरक्षित नहीं थीं।

शिकागो में हुआ संघर्ष

इस बीच 1 मई, 1886 को अमेरिका के शिकागो में हजारों मजदूरों ने 8 घंटे काम का समय निर्धारित करने की मांग की और हड़ताल पर उतर गए। वहीं, 4 मई को शिकागो के हेमार्केट स्क्वायर में प्रदर्शन के बीच एक बम धमाका हुआ, जिसके बाद पुलिस ने गोलीबारी शुरू कर दी थी। इस घटना में मौके पर ही कई मजदूरों की मौत हो गई और कई लीडर्स को फांसी की सजा दी गई। ऐसे में मजदूरों की याद में 1 मई को मजदूर दिवस का आयोजन किया जाता है।

भारत में कब हुई मजदूर दिवस मनाने की शुरुआत

भारत में मजदूर दिवस मनाने की शुरुआत बहुत बाद में हुई है। यहां चेन्नई में 1 मई, 1923 को पहला मजदूर दिवस मनाया गया था। उस समय लेबर किसान पार्टी ऑफ हिंदुस्तान के नेता रहे सिंगारवेलु चेट्टियार ने मजदूर दिवस मनाने की शुरुआत की थी। ऐसे में तब भारत में पहली बार लाल झंडे को मजदूर आंदोलन के प्रतीक के रूप में इस्तेमाल किया गया था।

क्या है 8 घंटे का महत्त्व

मजदूरों के जीवन को 8 घंटे के नियम में बांटा गया है। इसमें 8 घंटे काम, 8 घंटे आराम और मनरोंजन व 8 घंटे की नींद जरूरी है। यही वजह है कि किसी भी कंपनी में 8 घंटे ही काम का प्रावधान किया गया है।

मजूदर हैं, तो यहां करें पंजीकरण

भारत सरकार ने मजदूरों के लिए कई महत्त्वपूर्ण योजनाएं शुरू की हैं। इसमें ई-श्रम पोर्टल एक है। यदि कोई असंगठित क्षेत्र में काम करता है, तो वह खुद को ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत कर सकता है। इससे दुर्घटना में मृत्यु होने पर 2 लाख रुपये का बीमा और दिव्यांगता में 1 लाख रुपये की राशि का प्रावधान किया गया है। साथ ही, मजदूर PM-SYM योजना के तहत  खुद की पेंशन की व्यवस्था कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए आप नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें।

Kishan Kumar
Kishan Kumar

Senior content writer

A seasoned journalist with over 7 years of extensive experience across both print and digital media, skilled in crafting engaging and informative multimedia content for diverse audiences. His expertise lies in transforming complex ideas into clear, compelling narratives that resonate with readers across various platforms. At Jagran Josh, Kishan works as a Senior Content Writer (Multimedia Producer) in the GK section. He writes on national and international topics from a GK perspective. He can be reached at Kishan.kumar@jagrannewmedia.com

... Read More
First Published: May 1, 2026, 12:14 IST

आप जागरण जोश पर भारत, विश्व समाचार, खेल के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए समसामयिक सामान्य ज्ञान, सूची, जीके हिंदी और क्विज प्राप्त कर सकते है. आप यहां से कर्रेंट अफेयर्स ऐप डाउनलोड करें.

Trending

Latest Education News