भारत के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में बैंकों का डिजीटिलकरण हो रहा है। इस दिशा में निजी के साथ-साथ सरकारी क्षेत्र के बैंक भी शामिल हैं। इस कड़ी में 3 साल पहले केरल के मुख्यमंत्री द्वारा 7 जनवरी, 2023 को यह घोषणा की गई थी कि केरल बैंकिंग सेवाओं को पूरी तरह से डिजीटल बनाने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। इस लेख में हम जानेंगे कि आखिर किस प्रकार केरल बैंकिंंग क्षेत्र में पूरी तरह से डिजीटल हो गया है।
कैसे हासिल की उपलब्धि
केरल राज्य में डिजिटल बैंकिंग के लिए बैंकिंग क्षेत्र और राज्य सरकार ने मिलकर काम किया है। इसके तहत राज्य के हर पात्र खाते में अब कम से कम एक डिजिटल बैंकिंग उत्पाद को शामिल किया है। इसमें डेबिट कार्ड, नेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग या UPI की सुविधा को शामिल किया गया है।
केरल की साक्षरता दर और KFON का रहा सहयोग
केरल की साक्षरता दर हमेशा से ही उच्च रही है। इस वजह से यहां के लोगों ने डिजीटल बैंकिंग को आसानी से अपना लिया है। वहीं, केरल फाइबर ऑप्टिक नेटवर्क (KFON) राज्य सरकार की अपनी इंटरनेट सेवा 'KFON' ने दूरदराज के इलाकों तक हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचाया है। इससे डिजिटल बैंकिंग का आधार मजबूत हुआ है।
राज्य में चला डिजीटल साक्षरता अभियान
राज्य में स्थानीय निकायों ने बुजुर्गों और ग्रामीण आबादी को ऑनलाइन ट्रांजेक्शन करने का प्रशिक्षण दिया, जिससे राज्य में पूरी तरह से डिजीटल बैंकिंग को अपनाया गया है।
डिजिटल क्षेत्र में केरल के अन्य रिकॉर्ड
केरल भारत का पहला राज्य है, जिसने इंटरनेट को नागरिकों का बुनियादी अधिकार घोषित किया है। यही वजह है कि केरल राज्य में डिजीटलीकरण पर अधिक जोर दिया जा रहा है। वहीं, केरल पहला ऐसा राज्य है, जिसने अपनी सभी सरकारी सेवाओं को डिजीटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध करवाया है।
आपको बता दें कि केरल का त्रिशूर वह जिला था, जिसने सबसे पहले 100 फीसदी डिजीटल बैंकिग के लक्ष्य को हासिल किया था। इसके बाद इसे पूरे राज्य में अपनाया गया और आज केरल पूरी तरह से 100 फीसदी डिजीटल राज्य बन चुका है।
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