यूपी में पंचायत चुनावों के लिए बने OBC आयोग का कौन है अध्यक्ष? देखें पूरा पैनल

Last Updated: May 21, 2026, 11:37 IST

उत्तर प्रदेश सरकार ने पंचायत चुनावों में ओबीसी आरक्षण तय करने के लिए 5 सदस्यीय पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन किया है। आयोग के अध्यक्ष इलाहाबाद हाईकोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस राम औतार सिंह बनाए गए हैं। पैनल में रिटायर्ड एडीजे बृजेश कुमार, संतोष कुमार विश्वकर्मा और रिटायर्ड आईएएस डॉ. अरविंद चौरसिया व एसपी सिंह शामिल हैं।

मौजूदा ग्राम प्रधानों का बढ़ सकता है कार्यकाल
मौजूदा ग्राम प्रधानों का बढ़ सकता है कार्यकाल

उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनावों को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। योगी सरकार ने ओबीसी आरक्षण तय करने के लिए एक विशेष पिछड़ा वर्ग आयोग बना दिया है। इस आयोग की जिम्मेदारी पंचायत स्तर पर पिछड़े वर्ग की आबादी और उनके राजनीतिक प्रतिनिधित्व का अध्ययन करना होगी। आयोग की रिपोर्ट आने के बाद ही पंचायत चुनावों में आरक्षण का अंतिम फैसला लिया जाएगा। ऐसे में अब यह लगभग तय माना जा रहा है कि पंचायत चुनाव 2027 विधानसभा चुनाव के बाद ही कराए जाएंगे। 

मौजूदा ग्राम प्रधानों का बढ़ सकता है कार्यकाल

प्रदेश में ग्राम प्रधानों, ब्लॉक प्रमुखों और जिला पंचायत अध्यक्षों का कार्यकाल 26 मई को खत्म हो रहा है। इसी बीच पंचायती राज विभाग ने शासन को प्रस्ताव भेजकर इनका कार्यकाल बढ़ाने की मांग की है। पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने भी संकेत दिए हैं कि परिस्थितियों को देखते हुए कार्यकाल बढ़ाया जा सकता है, ताकि नई व्यवस्था लागू होने तक प्रशासनिक कामकाज प्रभावित न हो।

सुप्रीम कोर्ट के नियमों के तहत होगा पूरा सर्वे

दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने स्थानीय निकाय चुनावों में ओबीसी आरक्षण लागू करने से पहले “ट्रिपल टेस्ट” प्रक्रिया अनिवार्य की है। इसके तहत राज्य सरकार को पिछड़े वर्ग की वास्तविक स्थिति का सर्वे कराना होता है। यही वजह है कि सरकार ने यह आयोग बनाया है, जो पंचायतों में ओबीसी आरक्षण की जरूरत और सीमा तय करेगा। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि कुल आरक्षण 50 फीसदी से अधिक न हो।

आयोग में कौन-कौन है शामिल 

सरकार द्वारा गठित इस पांच सदस्यीय आयोग की अध्यक्षता इलाहाबाद हाईकोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस राम औतार सिंह करेंगे। उनके साथ दो रिटायर्ड अपर जिला जज और दो रिटायर्ड आईएएस अधिकारियों को भी सदस्य बनाया गया है। आयोग को नवंबर 2026 तक अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपनी होगी।

पैनल में रिटायर्ड एडीजे बृजेश कुमार, संतोष कुमार विश्वकर्मा और रिटायर्ड आईएएस डॉ. अरविंद चौरसिया व एसपी सिंह शामिल हैं।

कौन हैं जस्टिस राम औतार सिंह?

जस्टिस राम औतार सिंह का जन्म बिजनौर में हुआ था और उन्होंने 1976 में उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा जॉइन की थी। बाद में वे इलाहाबाद हाईकोर्ट के अतिरिक्त न्यायाधीश बने और 2011 में रिटायर हुए। खास बात यह है कि वह पहले भी उत्तर प्रदेश ओबीसी आयोग के अध्यक्ष रह चुके हैं, इसलिए सरकार ने एक बार फिर उन्हें यह अहम जिम्मेदारी सौंपी है।

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Bagesh Yadav
Bagesh Yadav

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First Published: May 21, 2026, 11:35 IST

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