EPFO Amnesty Scheme 2026: PF ट्रस्ट चलाने वाली कंपनियों को मिला इतने महीने का मौका, कर्मचारियों को भी होगा बड़ा फायदा

Last Updated: Jul 13, 2026, 18:39 IST

श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के मुताबिक एमनेस्टी योजना 2026 उन संस्थानों के लिए है जो आयकर अधिनियम, 1961 के तहत मान्यता प्राप्त PF ट्रस्ट संचालित कर रहे हैं। चलिए देखते है क्या है इस खबर से जुड़ी लेटेस्ट अपडेट।

कर्मचारियों को क्या होगा फायदा?
कर्मचारियों को क्या होगा फायदा?

यदि आपकी कंपनी अपना छूट-प्राप्त PF ट्रस्ट (Exempted Provident Fund Trust) चलाती है, तो यह खबर आपके लिए अहम है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने हाल ही में एमनेस्टी स्कीम (Amnesty Scheme) 2026 लॉन्च की है। इस योजना के तहत ऐसे संस्थानों को एक बार का मौका दिया गया है, ताकि वे अगले 6 महीनों के भीतर अपने PF ट्रस्ट की कानूनी स्थिति को नियमों के अनुसार  रेगुलराइज कर सकें। 

श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के मुताबिक, यह योजना उन संस्थानों के लिए है जो आयकर अधिनियम, 1961 के तहत मान्यता प्राप्त PF ट्रस्ट संचालित कर रहे हैं। पात्र संस्थानों को अपने संबंधित EPFO के क्षेत्रीय कार्यालयों में ईमेल के जरिए आवेदन करना होगा। 

Exempted PF Trust क्या होता है?

आमतौर पर देखा जाता है कि कंपनियां कर्मचारियों का PF सीधे EPFO में जमा करती हैं। लेकिन कुछ संस्थानों को अनुमति होती है कि वे कर्मचारियों के PF का प्रबंधन अपने स्वयं के ट्रस्ट के जरिए करें। इसे  छूट-प्राप्त PF ट्रस्ट (Exempted Provident Fund Trust) कहा जाता है। हालांकि, ऐसे ट्रस्ट को कर्मचारियों को EPFO के बराबर या उससे अधिक ब्याज और सभी वैधानिक लाभ देना अनिवार्य होता है।

कर्मचारियों को क्या होगा फायदा?

इस योजना से कर्मचारियों को सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि उनके PF ट्रस्ट की कानूनी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट और सुरक्षित हो जाएगी। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कर्मचारियों के खातों में समय पर PF कटौती जमा हुआ हो और उन्हें EPFO की निर्धारित दर के बराबर या उससे अधिक ब्याज मिला हो।

कौन से संस्थान इसके लिए है योग्य

इसके तहत संस्थानों की दो कैटेगरी देखने को मिलती है जो यहां नीचे दी गयी है- 

कैटेगरी 1: वे संस्थान जो ट्रस्ट के रेगुलराइज़ेशन को पिछली तारीख से लागू करवाना चाहते हैं और जिन्होंने पहले ही एक 'गैर-छूट प्राप्त' (unexempted) संस्थान के तौर पर नियमों का पालन करना शुरू कर दिया है, या जो भविष्य में 'गैर-छूट प्राप्त' संस्थान के तौर पर नियमों का पालन करने का ऑप्शन चुन रहे हैं।

कैटेगरी 2: वे संस्थान जो ट्रस्ट के रेगुलराइज़ेशन को पिछली तारीख से लागू करवाना चाहते हैं और 'सोशल सिक्योरिटी कोड, 2020' के तहत 'छूट प्राप्त' (exempted) संस्थान के तौर पर काम करना जारी रखना चाहते हैं।

EPFO ने यह योजना क्यों शुरू की?

EPFO का उद्देश्य ऐसे सभी Exempted PF Trusts को एक समान कानूनी फ्रेम के तहत लाना है। इससे नियमों का बेहतर पालन होगा, PF से जुड़ी प्रक्रियाएं अधिक पारदर्शी होंगी और कर्मचारियों के भविष्य निधि (PF) लाभों की सुरक्षा पहले से अधिक प्रबल होगी। 

एमनेस्टी योजना से मिलेगी राहत

कुल मिलाकर, एमनेस्टी योजना उन संस्थानों के लिए राहत का मौका है जो अपने PF ट्रस्ट की कानूनी स्थिति को नियमित करना चाहते हैं, जबकि कर्मचारियों के लिए यह उनके PF की सुरक्षा और पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

Bagesh Yadav
Bagesh Yadav

Senior Executive - Editorial

Bagesh Yadav is a journalist and current affairs analyst with over six years of experience in education journalism, national and international affairs, and digital media. He has contributed to India’s leading knowledge platforms, including Vision IAS and Only IAS, and currently serves in a senior editorial role at Jagranjosh.com, where he leads coverage across the Current Affairs and General Knowledge sections. His expertise spans breaking news, government policy analysis, world affairs, sports updates, science and technology, and visually engaging infographics. Known for his commitment to factual accuracy, editorial integrity, and audience-first storytelling, Bagesh delivers well-researched, accessible, and impactful journalism that serves millions of students, competitive exam aspirants, and informed readers across India.

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First Published: Jul 13, 2026, 18:39 IST

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