उत्तर प्रदेश का यह जिला कहलाता है 'गुलाब जामुन का शहर', जानें यहां
उत्तर प्रदेश के प्रत्येक जिले की अपनी मिठाई है। हालांकि, यदि गुलाब जामुन की बात करें, तो इसमें सिर्फ एक ही जिले का नाम टॉप पर आता है। इस जिले के गुलाब जामुन अपने मिठास भरे स्वाद के लिए पूरे प्रदेश में जानें जाते हैं।
उत्तर प्रदेश में वैसे तो गुलाब जामुन पूरे 75 जिलों में मिलता है। हालांकि, यदि सबसे लोकप्रिय गुलाब जामुन की बात करें, तो यह शाहजहांपुर जिले का गुलाब जामुन है, जो कि अपने मिठास भरे स्वाद के लिए न सिर्फ जिले में, बल्कि पूरे राज्य में जाना जाता है। इसकी बनावट और मिठास के चर्चे यूपी के पड़ोसी राज्यों तक मशहूर हैं। इस लेख में हम यूपी की इस मिठाई के बारे में विस्तार से जानेंगे।
शाहजहांपुर ही क्यों है गुलाब जामुन का शहर
शाहजहांपुर के हलवाई कई पीढ़ियों से एक खास तकनीक का उपयोग कर गुलाब जामुन बना रहे हैं। यहां बनने वाले गुलाब जामुन में इस्तेमाल होने वाला मावा अधिक गुणवत्ता वाला होता है, जिससे गुलाब जामुन अधिक मुलायम और रसीला बनता है। यही वजह है कि शाहजहांपुर के गुलाब जामुन को अधिक पसंद किया जाता है।
प्रमुख स्थानों पर दिखेगा गुलाब जामुन
यदि आप कभी शाहजहांपुर पहुंचें, तो आपको यहां बस स्टैंड या फिर रेलवे स्टेशन पर गुलाब जामुन सबसे अधिक देखने को मिलेंगे। यहां दूर-दूर से लोग गुलाब जामुन खाने के लिए पहुंचते हैं।
यूपी के इन शहरों के गुलाब जामुन भी हैं चर्चित
यूपी में सबसे अधिक प्रसिद्ध शाहजहांपुर का गुलाब जामुन है, लेकिन इसके अलावा भी कई ऐसे शहर हैं, जो कि अपने यहां के गुलाब जामुन के लिए जाने जाते हैं। इनमें से एक आगरा का लोहामंडी इलाका है। यहां पेठे के साथ-साथ गुलाब जामुन को भी बहुत पसंद किया जाता है। इसके अलावा खीरी इलाके में दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर स्थित मैगलगंज को गुलाब जामुन का हब कहा जाता है।
इन जिलों में प्रसिद्ध है काला जामुन
आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश में प्रयागराज और वाराणसी जिले ऐसे हैं, जहां काला जामुन प्रसिद्ध है। यह गुलाब जामुन ही होता है, जो कि थोड़ा अधिक सिका हुआ होता है, जिससे यह खाने में थोड़ा सख्त लगता है। यह गुलाब जामुन इन जिलों में बहुत पसंद किया जाता है।
उत्तर प्रदेश का परिचय
-उत्तर प्रदेश का कुल एरिया 240,928 वर्ग किलोमीटर है।
-यूपी में कुल 75 जिले और 18 मंडल हैं, जो कि चार संभागों में आते हैं।
-प्रदेश में कुल 31 राज्यसभा सीटें, 80 लोकसभा सीटें और 403 विधानसभा सीटें हैं।
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