Budget 2026 She-Marts: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2026-27 का उम्मीदों का बजट पेश कर दिया है। उन्होंने हर बार की तरह इस बार भी अपने पिटारे से महिलाओं के लिए खास योजनाओं की घोषणा की है। इसके तहत वित्त मंत्री द्वारा लखपति दीदी योजना के विस्तार से लेकर She-Marts और छात्राओं के लिए हॉस्टल सुविधा की घोषणा की गई है।
इन योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को अब पहले के मुकाबले और भी बल मिलेगा। वहीं, स्थानीय बाजारों से लेकर वैश्विक बाजारों में महिलाओं को अपने स्वयं का रोजगार स्थापित करने में भी मदद मिलेगी।
जारी रहेगी लखपति दीदी योजना
केंद्र सरकार की ओर से बजट 2026-27 में लखपति दीदी योजना को जारी रखने का घोषणा की गई है। योजना के तहत महिलाओं को LED बल्ब बनाने, प्लंबर और ड्रोन उड़ाने का प्रशिक्षण दिया जाता है। ग्रामीण विकास मंत्रालय के मुताबिक, अब तक करीब 2 करोड़ महिलाएं लखपति दीदी योजना से जुड़ चुकी हैं।
आगामी वर्ष 2027 तक 3 करोड़ महिलाओं को इस योजना से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। लखपति दीदी, स्वयं सहयाता समूह की सदस्य होती हैं, जिनकी वार्षिक आय एक लाख रुपये होती है। आपको बता दें कि योजना के तहत महिलाओं से जुड़े स्वयं सहायता समूहों को 5 लाख रुपये तक बिना ब्याज के ऋण मिलता है। साथ ही, सरकार की ओर से इस पर सब्सिडी भी दी जाती है।
क्या है SHE-Marts योजना
SHE-Marts का पूरा नाम Self Help Entrepreneur-Marts है। इसक तहत रिटेल आउटलेट स्थापित हो सकेंगे, जिन्हें स्वयं सहायता उद्यमियों द्वारा संचालित किया जाएगा। इस योजना के तहत महिलाएं अपने उत्पादों को ब्रांड के रूप में बेच सकेंगी।
साथ ही, योजना का उद्देश्य महिलाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में मजबूत पहचान प्रदान करना है। बाजार में पहचान बढ़ने से महिलाओं के ब्रांड की पहचान बनेगी और इससे महिलाओं का मुनाफा भी बढ़ेगा।
सीतारमण के मुताबिक, इससे बिचौलियों का रोल खत्म होगा और महिलाओं के उत्पादों को सीधे खरीददार मिल सकेंगे।
हर जिले में छात्राओं के लिए खुलेगा हॉस्टल
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा छात्राओं के लिए भी बड़ी घोषणा की गई है। इसके तहत अब देश के प्रत्येक जिले में छात्राओं के लिए हॉस्टल खोले जाएंगे। इस योजना से अब छात्राओं की स्कूली और कॉलेज की पढ़ाई में आवास को लेकर होने वाली परेशानी कम हो सकेगी।
वहीं, इसका फायदा उन कामकाजी महिलाओं को भी मिल सकेगा, जो काम के सिलसिले में दूसरे शहरों का रूख करती हैं। ऐसे में प्रत्येक जिले में कम से कम एक हॉस्टल की नींव रखी जाएगी और इन्हें विशेष रूप से महिलाओं के लिए बनाया जाएगा, जहां सुरक्षा का भी विशेष ध्यान रखा जाएगा।
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