Purvi Nagaland FNTA Samjhauta: केंद्र सरकार, नागालैंड सरकार और ईस्टर्न नागालैंड पीपुल्स ऑर्गेनाइजेशन (ENPO) के बीच फ्रंटियर नागालैंड टेरिटोरियल अथॉरिटी (FNTA) के गठन को लेकर समझौता हुआ है। यह समझौता नागालैंड के छह जिलों Tuensang, Mon, Kiphire, Longleng, Noklak और Shamator के लिए FNTA के निर्माण का रास्ता साफ करता है, जिससे क्षेत्र को अधिक प्रशासनिक और विकासात्मक अधिकार मिलेंगे।
इस समझौते के तहत FNTA को 46 विषयों पर अधिकारों का हस्तांतरण किया जाएगा, जिससे पूर्वी नागालैंड में विकास कार्यों में तेजी आएगी और स्थानीय प्रशासन को मजबूती मिलेगी। ENPO छह पूर्वी जिलों की आठ मान्यता प्राप्त नागा जनजातियों का शीर्ष संगठन है।
यह समझौता नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में किया गया, जहां नागालैंड के मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो भी उपस्थित रहे।
क्या है FNTA समझौता?
5 फरवरी 2026 को केंद्र सरकार, नागालैंड सरकार और ईस्टर्न नागालैंड पीपुल्स ऑर्गेनाइजेशन (ENPO) के बीच त्रिपक्षीय समझौता हुआ, जिसके तहत Frontier Nagaland Territorial Authority (FNTA) बनाई गई। इसका उद्देश्य पूर्वी नागालैंड को अधिक स्वायत्तता देना है, बिना राज्य का बंटवारा किए और बिना अनुच्छेद 371A में बदलाव किए गए।
ENPO की मांग और पृष्ठभूमि
ENPO आठ नागा जनजातियों Chang, Khiamniungan, Konyak, Phom, Sangtam, Tikhir, Yimkhiung आदि का प्रतिनिधित्व करता है। संगठन 2010 से अलग राज्य की मांग कर रहा था, क्योंकि Tuensang, Mon, Kiphire, Longleng, Noklak और Shamator जैसे जिलों में विकास की कमी रही है। साल 2025 में ENPO ने केंद्र के प्रस्ताव पर बातचीत के लिए अलग राज्य की मांग फिलहाल रोक दी।
समझौते का साइनिंग समारोह
समझौते पर नई दिल्ली में हस्ताक्षर हुए, जहां केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और नागालैंड के मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो मौजूद रहे। अमित शाह ने इसे “डिस्प्यूट फ्री नॉर्थ ईस्ट” की दिशा में बड़ा कदम बताया और कहा कि 2019 से अब तक 12 शांति समझौते हुए हैं। मुख्यमंत्री रियो ने इसे पूरे नागालैंड के विकास के लिए विश्वास बढ़ाने वाला बताया।
कल भारत सरकार, नागालैंड सरकार और ENPO के बीच नई दिल्ली में अहम समझौता हुआ
— पीआईबी हिंदी (@PIBHindi) February 6, 2026
✴️केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री @AmitShah और नगालैंड के मुख्यमंत्री नेफिउ रियो की उपस्थिति में समझौते पर हस्ताक्षर किए गए
✴️इस समझौते से नागालैंड के 6 जिलों के लिए फ्रंटियर नगालैंड टेरिटोरियल अथॉरिटी… pic.twitter.com/XcWRqxEt4P
FNTA का स्ट्रक्चर और शक्तियाँ
FNTA में छह पूर्वी जिलों के लिए एक मिनी सचिवालय बनाया जाएगा, जिसका नेतृत्व ACS या प्रिंसिपल सेक्रेटरी स्तर का अधिकारी करेगा। इसे 46 विषयों पर कार्यकारी अधिकार मिलेंगे, जिनमें इंफ्रास्ट्रक्चर, कल्याण योजनाएं, स्थानीय प्रशासन और संसाधन प्रबंधन शामिल हैं। फंडिंग केंद्र सरकार से तय सहायता, गृह मंत्रालय द्वारा सेटअप खर्च और आबादी-क्षेत्र के अनुसार विकास राशि से होगी।
FNTA समझौता हाईलाइट्स:
| मुख्य बिंदु | विवरण |
| कवर्ड जिले | Tuensang, Mon, Kiphire, Longleng, Noklak, Shamator |
| नेतृत्व | ACS / प्रिंसिपल सेक्रेटरी द्वारा संचालित मिनी सचिवालय |
| हस्तांतरित शक्तियाँ | 46 विषयों पर अधिकार (विकास, कल्याण, स्थानीय प्रशासन) |
| फंडिंग मॉडल | केंद्र से तय सहायता + अनुपातिक विकास बजट हिस्सा |
| संवैधानिक सुरक्षा | अनुच्छेद 371A पर कोई असर नहीं (नागा रीति-रिवाज व भूमि अधिकार सुरक्षित) |
FNTA का असर और महत्व
FNTA से पूर्वी नागालैंड में तेज विकास, वित्तीय स्वायत्तता और फैसलों में तेजी आएगी। बिना नया राज्य बनाए क्षेत्रीय असंतोष को संवाद से हल करने का यह उदाहरण है। हालांकि कुछ लोग इसे पूर्ण राज्य के दर्जे से कम मानते हैं, लेकिन सरकार का कहना है कि इससे नागालैंड की अखंडता बरकरार रखते हुए समान विकास सुनिश्चित होगा और नॉर्थ ईस्ट में स्थिरता बढ़ेगी।
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