Asked in RRB NTPC: ओडिसा की सबसे बड़ी नदी, जिस पर बना है दुनिया का सबसे लंबा बांंध
ओडिसा भारत के प्रमुख राज्यों में से एक है। यहां की विविध संस्कृति के साथ यहां समृद्ध नदी तंत्र भी मौजूद है, जिसमें यहां की सबसे बड़ी नदी भी शामिल है। यह नदी प्रायद्विपीय भारत की प्रमुख नदियों में से एक है।
ओडिसा भारत के महत्त्वपूर्ण राज्यों में शामिल है। यहां नदियों का एक समृद्ध तंत्र है, जिसमें प्रायद्वीपीय भारत की प्रमुख नदियां शामिल हैं। इस कड़ी में यहां राज्य की सबसे बड़ी नदी भी है, जिसे ओडिसा की जीवनरेखा (Lifeline of Odisha) भी कहा जाता है। राज्य के इतिहास, संस्कृति, कृषि और आर्थिक विकास में इस नदी का योगदान रहा है। खास बात यह है कि यह सवाल रेलवे की एनटीपीसी परीक्षाओं से लेकर ग्रुप डी परीक्षा में पूछा गया है। इस लेख में हम नदी और इसके भौगोलिक सफर से लेकर अन्य महत्त्वपूर्ण बिंदुओं के बारे में पढ़ेंगे।
कौन-सी है सबसे बड़ी नदी
ओडिसा की सबसे बड़ी नदी महानदी है, जो कि ओडिसा से नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में सिहावा की पहाड़ियों से निकलती है। इस नदी की कुल लंबाई 858 किलोमीटर है, जिसमें यह 494 किलोमीटर का सफर सिर्फ ओडिसा में ही पूरी करती है।
कहां से करती है ओडिसा में प्रवेश
महानदी छत्तीसगढ़ से निकलने के बाद ओडिसा के झारसुगुड़ा और संबलपुर जिलों से राज्य में प्रवेश करती है। यह नदी कटक के पास पहुंचकर एक बड़े डेल्टा का निर्माण करती है और आगे चलकर देवी, चित्रोत्पला और कतजूरी नामक शाखाओं में विभाजित हो जाती है। अंत में आकर यह जगतसिंहपुर जिले के पास पारादीप बंदरगाह के समीप बंगाल की खाड़ी में विलीन हो जाती है।
नदी पर बना दुनिया का सबसे लंबा बांध
महानदी पर दुनिया का सबसे लंबा बांध यानि कि हीराकुंड बांध (Hirakud Dam) बना हुआ है। यह भारत की आजादी के बाद शुरू की गई पहली बड़ी बहुउद्देशीय नदी घाटी परियोजनाओं में से एक था। इस बांध का निर्माण मिट्टी और कंक्रीट से किया गया, जो कि Longest Earthen Dam भी है।
इसकी कुल लंबाई करीब 25.8 किलोमीटर है। इस बांध का उद्देश्य तटीय मैदानों में आने वाली बाढ़ को रोकना और कृषि भूमि की सिंचाई करना है। साथ ही, इससे पनबिजली का भी उत्पादन किया जाता है।
नदी है कृषि और अर्थव्यवस्था का आधार
महानदी का डेल्टा अपनी अधिक उपजाऊ मिट्टी के लिए जाना जाता है। इसके डेल्टा क्षेत्र में आने वाले कटक, पुरी और जगतसिंहपुर जिलों में बड़ी मात्रा में चावल की खेती होती है, जिसे पानी की अधिक आवश्यकता होती है। इन क्षेत्रों को ओडिसा का ‘अन्न भंडार क्षेत्र’ भी कहा जाता है। वहीं, नदी का पानी थर्मल पावर प्लांट में भी लिया जाता है।
नदी के तट पर होता है प्रसिद्ध उत्सव का आयोजन
ओडिसा की प्राचीन राजधानी रहा कटक भी इसी नदी के तट पर है। वहीं, इसके तट पर ऐतिहासिक कपिलेश्वर और चंडी मंदिर भी बना हुआ है। आपको बता दें कि कटक में महानदी के तट पर हर साल प्रसिद्ध उत्सव ‘बालीयात्रा’ मनाया जाता है, जो कि समुद्री व्यापार का गौरव माना जाता है।
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