उत्तर भारत में जब भी मौसम करवट लेता है और सर्दी का आगमन होता है, तो यहां का स्वाद भी बदल जाता है। यहां लोग खाने के बाद मीठे में गजक व गुड़ और तिल से बने अन्य मीठे उत्पाद खाना पसंद करते हैं। इन दिनों गजक और इससे जुड़ी चीजों की बिक्री बढ़ जाती है।
खास बात यह है कि ये उत्पाद अपने मूल स्थान से जुड़े नाम के साथ बेची जाती हैं, जिससे इनकी बिक्री में भी इजाफा होता है। इस कड़ी में भारत में एक शहर ऐसा भी है, जिसे ‘गजक का शहर’ भी कहा जाता है। कौन-सा है यह शहर, जानने के लिए यह लेख पढ़ें।
क्यों दिया जाता है शहरों को उपनाम
आपने अक्सर देखा होगा कि भारत में शहरों को उनके मूल नाम के अलावा एक उपनाम से भी जोड़ा जाता है। इसकी प्रमुख वजह, स्थानीय उत्पाद या अन्य विशेषता को बढ़ावा देना और रोजगार के नए अवसरों को पैदा करना होता है।
क्योंकि, विशेष पहचान की वजह से शहरों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलती है, जिससे लोग शहर की उस विशेषता की तरफ आकर्षित होते हैं और इससे शहर की विशेषता बने रहने के साथ आर्थिक लाभ भी होता है।
पढ़ेंःभारत में किस जिले को ‘बाघों का शहर’ भी कहा जाता है, जानें नाम
किस शहर को कहा जाता है ‘गजक का शहर’
अब हम यह जान लेते हैं कि आखिर किस शहर को ‘गजक का शहर’ भी कहा जाता है। आपको बता दें कि मध्य प्रदेश के मुरैना शहर को ‘गजक का शहर’ भी कहा जाता है।
क्यों कहा जाता है ‘गजक का शहर’
मुरैना को साल 2023 में अपने यहां की गजक के लिए भारत सरकार द्वारा GI Tag भी प्रदान किया गया था। ऐसे में यह दर्शाता है कि मुरैना में बनने वाली इस मिठाई की गुणवत्ता और स्वाद विशेष भौगोलिक परिस्थिति यानि कि पानी, हवा और जलवायु में ही संभव है।
इस वजह से इस शहर को ‘गजक का शहर’ भी कहा जाता है। यहां मौजूद पानी में विशेष तत्त्व पाए जाते हैं, जो कि गुड़ और तिल के मिश्र को अधिक खस्तापन देते हैं। इस वजह से मुरैना की गजक अधिक प्रसिद्ध मानी जाती है। इस बात की जानकारी हमें मुरैना की आधिकारिक वेबसाइट पर भी देखने को मिलती है।
हाथ से बनाई जाती है गजक
मुरैना में आज भी गजक बनाने के लिए गुड़ और तिल को हाथ से कूटा जाता है। इसके लिए कुशल कारीगर होते हैं, जो कि कई पीढ़ियों से इसी काम में लगे हुए हैं। वहीं, ऐसा माना जाता है कि यहां की गजक में मिलावट नहीं होती है।
पढ़ेंः किस शहर को उत्तर भारत का प्रवेश द्वार कहा जाता है, जानें नाम
Comments
All Comments (0)
Join the conversation