8वें वेतन आयोग से जुड़ा एक अहम प्रशासनिक फैसला सामने आया है। नियुक्ति समिति ने दो सिविल सेवा के अधिकारिओं स्मिता मोल एम.एस. (ISS) और अंबिका आनंद (IAS) की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। इन अधिकारियों को व्यय विभाग के तहत लैटरल शिफ्ट के आधार पर आयोग में शामिल किया गया है। सिविल सर्विसेज बोर्ड (CSB) की सिफारिशों के बाद मंगलवार को इन नियुक्तियों को हरी झंडी मिली।
स्मिता मोल एम.एस. की नियुक्ति और कार्यकाल
स्मिता मोल एम.एस. इससे पहले नागरिक उड्डयन मंत्रालय में डिप्टी सेक्रेटरी के पद पर कार्यरत थीं। अब उन्हें 8वें वेतन आयोग में डिप्टी सेक्रेटरी नियुक्त किया गया है। उनका कार्यकाल को-टर्मिनस आधार पर रहेगा, जिसे अप्रैल 2029 तक या अगले आदेश तक बढ़ाया जा सकता है।
अंबिका आनंद की भूमिका और अवधि
अंबिका आनंद वर्तमान में इस्पात मंत्रालय में निदेशक (Director) के पद पर कार्यरत हैं। उन्हें 8वें वेतन आयोग में डायरेक्टर के रूप में नियुक्त किया गया है। उनका कार्यकाल अक्टूबर 2030 तक या आगे के आदेश तक जारी रह सकता है।
पहले की गई प्रमुख नियुक्तियां
इससे पहले केंद्र सरकार ने 8वें वेतन आयोग में संयुक्त सचिव के पद पर दो वरिष्ठ अधिकारियों, अमित सतीजा (IAS) और नीरज कुमार गायगी (IDAS) की नियुक्ति को मंजूरी दी थी। ये दोनों अधिकारी व्यय विभाग के अंतर्गत कार्य करेंगे।
8वें वेतन आयोग का क्या है रोल
8वां वेतन आयोग केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन, भत्तों और पेंशन संरचना की समीक्षा और संशोधन के लिए जिम्मेदार होता है। लैटरल इंडक्शन के माध्यम से अधिकारियों की नियुक्ति का उद्देश्य आयोग की प्रशासनिक और विश्लेषणात्मक क्षमता को मजबूत करना है, ताकि यह महत्वपूर्ण कार्य प्रभावी ढंग से पूरा किया जा सके।