Shivangi Singh Successful Story: हमारे आसपास ऐसे बेहद कम लोग होते हैं, जो अपने बचपन के सपने को पूरा कर पाते हैं। असल मायने में इस तरह के लोग आने वाली पीढ़ियों के लिए एक रोल मॉडल बनते हैं। आज हम आपको एक ऐसी ही कहानी के बारे में बताएंगे, जिन्होंने अपने इंजीनियर बनने का सपना छोड़कर भारतीय नौसेना की पहली महिला पायलट बनकर कीर्तिमान रचा।
शिवांगी सिंह ने भारतीय नौसेना की दिशा में बढ़ाया कदम
हम आपको शिवांगी सिंह के बारे में बता रहे हैं। वह मणिपाल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से मैकेनिकल में बीटेक की पढ़ाई कर रही थी, लेकिन जब उनके सामने देश की सेवा करने का का सुनहरा अवसर आया, तो उन्होंने बिना एक सेकंड लगाएं, भारतीय नौसेना की दिशा में कदम बढ़ा दिए।
कौन है शिवांगी सिंह?
शिवांगी सिंह का जन्म 15 मार्च 1995 को बिहार के मुजफ्फरपुर में हुआ था। शिवांगी के पिता का नाम हरिभूषण सिंह और माता का नाम कुमारी प्रियंका है। शिवांगी के पिता उच्च विद्यालय में प्रभारी प्रधानाध्यापक है। शिवांगी ने बचपन में ही पायलट बनने का सपना देख लिया था।
शिवांगी सिंह कोच्चि नेवल में हुई पोस्टेड
अगर हम शिवांगी सिंह की बात करें, तो फिलहाल वह भारतीय नौसेना के सब लेफ्टिनेंट के पद पर कार्यरत है। शिवांगी भारतीय नौसेना के लिए डोर्नियर निगरानी विमान के अलावा सर्विलांस एयरक्राफ्ट उड़ाएंगी। उन्हें कोच्चि नेवल बेस पर तैनात किया गया है।
सिक्किम मणिपाल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से किया बीटेक
25 वर्षीय शिवांगी सिंह ने अपनी 12वीं की पढ़ाई डीएवी स्कूल बखरी से की है। इसके बाद उन्होंने बीटेक में एडमिशन ले लिया। शिवांगी ने अपना बीटेक सिक्किम मणिपाल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से पूरा किया। इसके आगे की पढ़ाई के लिए उन्होंने एमटेक में दाखिला ले लिया।
साल में 2017 में एसएससी किया क्रैक
हालांकि, बीटेक करने के बाद उन्होंने कुछ टाइम तक प्राइवेट बैंक में नौकरी भी की। वह साथ ही साथ नौसेना की तैयारी भी करती रही क्योंकि बचपन का सपना जो पूरा करना था। जब शिवांगी एमटेक की पढ़ाई कर रही थी, तो उन्होंने साल 2017 में एसएससी (शॉर्ट सर्विस कमीशन) का एग्जाम भी क्रैक कर लिया।
25 जून 2018 को बनी पायलट
एसएससी का एग्जाम क्रैक करने के बाद शिवांगी सिंह को भारतीय नौसेना अकादमी में 27 एनओसी कोर्स के तहत 25 जून 2018 को वाइस एडमिरल एके चावला ने उन्हें पायलट के तौर पर शामिल कर लिया और इस तरह उनका बचपन में पायलट बनने का सपना पूरा हो गया और वह पहली भारतीय नौसेना पायलट बनी।
Comments
All Comments (0)
Join the conversation