IPS Arfa Usmani IPS Story: अगर हम आरफा उस्मानी के बारे में बात करें, तो वह उत्तर प्रदेश के बनारस में छोदरी में स्थित कोयला बाजार की रहने वाली है। आरफा के पिता का नाम मोहम्मद असलम खान है, जिनकी अपनी दालमंडी में अपनी दुकान है। ऐसे में आरफा उस्मानी ने आईपीएस बनकर अपने पिता का नाम रोशन किया।
आरफा ने चौथी बार क्वालीफाई किया यूपीएससी एग्जाम
आईपीएस आरफा उस्मानी जब बैंगलोर में सॉफ्टवेयर इंजीनियर की नौकरी कर रही थी, तो उनके मन में यूपीएससी के बारे में विचार आया। इसके बाद उन्होंने तैयारी करना शुरू कर दिया। चार साल तक आरफा ने सोशल मीडिया से दूरी बना ली। चौथी बार में वह सफल हो गई। यूपीएससी में 111वीं रैंक हासिल कर आरफा आईपीएस बन गई।
आरफा उस्मानी की पढ़ाई
आरफा उस्मानी को बास्केटबॉल खेलने का काफी शौक रहा है। उस्मानी ने कक्षा 8वीं तक कृष्ण मूर्ति फाउंडेशन स्कूल से पढ़ाई की। 12वीं उन्होंने डीपीएस वाराणसी से पूरी की। इसके बाद आरफा ने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से आईआईटी में मैथमैक्टिस और कंप्यूटर किया। कोर्स पूरा होने के बाद उनकी नौकरी बैंगलोर में लग गई।
आरफा बनी प्रेरणा का स्त्रोत
नौकरी में कुछ खास मन नहीं लगा। उनके मन में यूपीएससी एग्जाम पास करने की चाहत जागी। इसी चाहत और कड़ी मेहनत ने उन्हें आरफा उस्मानी से आईपीएस आरफा उस्मानी बना दिया, जिसके गांव में दूर-दूर तक चर्चे हैं। गांव वालों के लिए आरफा एक प्रेरणा का स्रोत बन गई।
बैंक में मैनेजर हैं आरफा के बड़े भाई
आरफा के बड़े भाई का नाम मोहम्मद शादाब खान है। उनकी एक छोटी बहन भी है, जिनका नाम आलिया उस्मानी है। उन्होंने बीटेक किया है। शादाब आईआईटी और आईआईएम से पास आउट है। वह मुंबई में स्थित रिजर्व बैंक में मैनेजर के पद पर कार्यरत है। आलिया भी नौकरी कर रही है।
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