पहला मुगल सम्राट, जिसने भारत में पहली बार इस्तेमाल किया था बारूद
भारत में मुगलों ने करीब 331 सालों तक राज किया। इस दौरान मुगलों के अलग-अलग सम्राट रहे, जिन्होंने अपने शासनकाल में अपने साम्राज्य का विस्तार किया। इस कड़ी में हम भारत के पहले मुगल सम्राट के बारे में जानेंगे, जिसने भारत में पहली बार बारूद इस्तेमाल किया था।
भारत का इतिहास उठाकर देखें, तो यहां मुगलों ने 331 सालों तक राज किया है। साल 1526 से शुरू हुआ मुगलिया दौर 1857 की क्रांति के बाद खत्म हो गया। इस दौरान भारत में अलग-अलग मुगल शासक रहे, जिन्होंने मुगलों के साम्राज्य का विस्तार कर इसे सबसे शक्तिशाली साम्राज्यों में शामिल किया। वहीं, भारत में मुगल काल की नींव रखने का श्रेय बाबर को जाता है, जिसने इब्राहिम लोदी को हराकर मुगलों का सम्राज्य स्थापित किया। इस लेख में हम बाबर के बारे में विस्तार से जानेंगे।
कौन था बाबर
बाबर का पूरा नाम जहीरुद्दीन मुहम्मद बाबर था, जो कि भारत का पहला मुगल सम्राट था। बाबर ने 1526 से 1530 ईस्वी तक शासन किया और इस दौरान अपने साम्राज्य का विस्तार कर भारत में मुगल सम्राज्य को स्थापित किया था।
बाबर का प्रारंभिक जीवन
बाबर का जन्म 14 फरवरी, 1483 को मध्य एशिया की फरगाना घाटी यानि कि आज के उज्बेकिस्तान में हुआ था। वह दो बड़े क्रूर हमलावरों का वंशज था। बाबर अपने पिता उमर शेख मिर्जा की तरफ से तैमूर लंग का पांचवां और अपनी माता कुतलुग निगार खानम की तरफ से चंगेज खान के 14वां वंशज था।
11 साल की उम्र में संभाली गद्दी
बाबर ने सिर्फ 11 साल की उम्र में ही फरगाना की गद्दी संभाली थी। हालांकि, वह कई बार युद्ध में हारा और इस दौरान अपना पैतृक राज्य भी खोना पड़ा। बाद में बाबर ने 1504 में अफगानिस्तान पर कब्जा कर लिया था।
पानीपत के पहले युद्ध से जीता भारत
बाबर ने 1526 में पानीपत का पहला युद्ध लड़ा, जिसमें उसका सामना दिल्ली सल्तनत के आखिरी सुल्तान इब्राहिम लोदी से हुआ। बाबर ने इस युद्ध में भारत में पहली बार बारूद, तोप और तुलुगमा युद्ध नीति का उपयोग किया। इस युद्ध में लोदी मारा गया और भारत में मुगल साम्राज्य की नींव पड़ी।
1527 में लड़ा खानवा का युद्ध
बाबर ने 1527 में खानवा का युद्ध लड़ा, जो कि मेवाड़ के राजा राणा सांगा के साथ लड़ा गया था। इस युद्ध में बाबर ने अपने सैनिकों का मनोबल बढ़ाने के लिए शराब न पीने की कसम खाई और युद्ध जीतने के बाद ‘गाजी’ की उपाधि धारण की।
1528 में लड़ा चंदेरी का युद्ध
बाबर ने 1528 में मालवा के शासक मेदिनी राय को हराकर चंदेरी किले पर कब्जा कर लिया था।
1529 में लड़ा घाघरा का युद्ध
बाबर ने 1529 में आखिरी बड़ा युद्ध लड़ा था। यह युद्ध महमूद लोदी से लड़ा गया था, जो कि जमीन और पानी, दोनों जगहों पर हुआ था।
1530 में हुई मृत्यु
युद्ध और बीमारी की वजह से 1530 में बाबर की मृत्यु हुई। पहले बाबर को आगरा के आरामबाग में दफनाया गया था, लेकिन बाद में उसे अफगानिस्तान के काबुल में दफनाया गया।
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