1 जनवरी का दिन हर्ष, उल्लास और उत्साह का दिन होता है। इन दिन दुनियाभर के लोग नई जोश और उमंग के साथ नए साल का स्वागत करते हैं। इस कड़ी में दुनियाभर में आतिशबाजी और जश्न का माहौल होता है। हालांकि, यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि सभी देशों में ऐसा नहीं होता है।
क्योंकि, कुछ देश ऐसे हैं, जो कि 1 जनवरी को नया साल नहीं मनाते हैं, बल्कि वे अपना कैलेंडर फॉलो करते हैं। अमूमन एक जनवरी को नया साल ग्रेगोरियन कैलेंडर के मुताबिक होता है, लेकिन सभी देश इस कैलेंडर को फॉलो नहीं करते हैं। इन देशों में भारत भी शामिल है, जहां हिंदू पांचांग के मुताबिक, चैत महीने से नव वर्ष की शुरुआत होती है।
इथोयोपिया में 11 सितंबर को होता है नया साल
आपको बता दें कि इथोयोपिया में नया साल एनकुटाटैश 11 सिंतबर को मनाया जाता है। यहां खुद का कैलेंडर फॉलो किया जाता है, जो कि 13 महीने का होता है। ऐसे में यह ग्रेगोरियन कैलेंडर से करीब 8 साल पीछे चल रहा है।
थाईलैंड में 13 से 15 अप्रैल तक नया साल
थाईलैंड में एक जनवरी को नया साल नहीं मनाया जाता है। यहां 13 से 15 अप्रैल तक सोंगक्रान के रूप में नया साल मनाया जाता है। वास्तव में यह सोंगक्रान सौर कैलेंडर के आधार पर मनाया जाता है।
चीन में वसंत महोत्सव के रूप में नया साल
चीन देश में नए साल की शुरुआत वसंत महोत्सव के रूप में होती है। यह चंद्र कैलेंडर के मुताबिक, 21 जनवरी से 20 फरवरी के बीच अमावस्या से शुरू होता और पूर्णिमा तक चलता है। इस दौरान यहां ड्रैगन डांस, आतिशबाजी और नाच-गाना होता है।
श्रीलंका में 13-14 अप्रैल को मनाते हैं नववर्ष
आपको बता दें कि श्रीलंका में नए साल का आगमन सिंहली और तमिल नववर्ष के रूप में जाना जाता है। यह अमूमन 13 या 14 अप्रैल को मनाया जाता है।
भारत में अप्रैल से शुरू होता है नया साल
भारत में पारंपरिक रूप से नया साल जनवरी में नहीं, बल्कि अप्रैल में शुरू होता है। यह दिन चैत्र प्रतिपदा से शुरू होता है, जो कि हिंदू चंद्र कैलेंडर का पहला दिन होता है। वहीं, अलग-अलग क्षेत्रों में यह अपने रीति-रिवाजों के साथ मनाया जाता है। हालांकि, यहां ग्रेगोरियन कैलेंडर भी फॉलो किया जाता है, जिससे यहां पहली जनवरी को नए साल का दिन होता है। इस दिन लोग जमकर नए साल का जश्न मनाते हैं।
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