भारतीय रेलवे रोज़ाना करोड़ों यात्रियों को सुरक्षित उनके गंतव्य तक पहुँचाने का काम करता है और इसी वजह से यह दुनिया के सबसे बड़े रेल नेटवर्क में गिना जाता है। देशभर में हर दिन हजारों ट्रेनें चलती हैं, जो बड़े-छोटे अनगिनत रेलवे स्टेशनों से होकर गुजरती हैं। इन स्टेशनों में कुछ अपनी लोकेशन के कारण मशहूर होते हैं, तो कुछ अपने अनोखे नामों की वजह से लोगों का ध्यान खींचते हैं।
रेलवे स्टेशनों से जुड़े कई ऐसे रोचक तथ्य हैं जिनके बारे में आमतौर पर लोग नहीं जानते। आज हम आपको ऐसे ही दो खास रेलवे स्टेशनों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनके नाम में सिर्फ दो ही अक्षर हैं। यही छोटी-सी खासियत इन्हें पूरे देश में अलग पहचान और दिलचस्प चर्चा का विषय बनाती है।
भारतीय रेलवे में अनोखी पहचान
भारतीय रेलवे दुनिया के सबसे बड़े रेल नेटवर्क में से एक है। आमतौर पर स्टेशनों के नाम लंबे होते हैं, लेकिन Ib-ईब (ओडिशा) और Od-ओड (गुजरात) ऐसे इकलौते स्टेशन हैं जिनके नाम सिर्फ दो अक्षरों के हैं, साथ ही इसके स्टेशन कोड में भी केवल दो ही लेटर है। यही वजह है कि इन्हें भारत के सबसे छोटे नाम वाले रेलवे स्टेशन माना जाता है।
Ib स्टेशन के बारें में
Ib रेलवे स्टेशन ओडिशा के झारसुगुड़ा जिले में स्थित है और इसका नाम पास बहने वाली Ib नदी से लिया गया है। यह स्टेशन हावड़ा-नागपुर-मुंबई मुख्य लाइन पर आता है। 1891 में स्थापित यह स्टेशन बाद में Ib वैली कोलफील्ड के कारण ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण बन गया। यहां से हर सप्ताह लगभग 90 से ज्यादा ट्रेनें गुजरती हैं।
Od स्टेशन का परिचय (गुजरात)
Od रेलवे स्टेशन गुजरात के आनंद जिले में स्थित है और पश्चिम रेलवे के वडोदरा डिवीजन में आता है। यह आनंद-गोधरा सेक्शन पर मौजूद एक छोटा लेकिन अहम स्टेशन है। यहां एक ही प्लेटफॉर्म और ट्रैक है, जो पूरी तरह विद्युतीकृत है। यह स्टेशन आसपास के गांवों को बड़े शहरों से जोड़ता है।
दोनों स्टेशनों की तुलना
Ib जहां खनन क्षेत्र और मुख्य रेल रूट पर स्थित है, वहीं Od ग्रामीण क्षेत्र में संपर्क का साधन है। Ib कई ट्रेनों का जंक्शन पॉइंट है, जबकि Od सीमित ट्रेनों के साथ स्थानीय यात्रियों की जरूरतें पूरी करता है। दोनों की खासियत उनका दो अक्षरों वाला नाम है, जो पूरे देश में अलग पहचान बनाता है।
ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व
भारतीय रेलवे ने समय के साथ कई छोटे नामों को बड़े नामों में बदला, लेकिन Ib और Od अपने मूल नाम के साथ आज भी मौजूद हैं। Ib का नाम नदी से जुड़ा है, जबकि Od अपने गांव की पहचान दर्शाता है। ये स्टेशन भारतीय रेलवे के विकास और विरासत का प्रतीक हैं।
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