Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने केंद्रीय बजट 2026 में रेल नेटवर्क के विस्तार की घोषणा की है। इस कड़ी में उन्होंने 7 नए ‘हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर’ की घोषणा की है, जिसमें देश के बड़े शहरों को हाई-स्पीड रेल कनेक्टिविटी से जोड़ा जाएगा।
इससे शहरों के बीच लगने वाले यात्रा के समय में कटौती होगी और कनेक्टिविटी बढ़ेगी। सरकार ने इन्हें ‘ग्रोथ कनेक्टर्स’ का नाम दिया है। ऐसे में यहां जानना जरूरी है कि भारत के किन शहरों से हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर गुजरेगा। साथ ही, इससे समय की कितनी बचत होगी।
सरकार द्वारा प्रस्तावित 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर
दिल्ली-वाराणसी
दिल्ली-वाराणसी सबसे महत्त्वपूर्ण रूट में शामिल है। यह रूट करीब 850 किलोमीटर का है, जिसमें 3.5 से 4 घंटे का यात्रा समय लगने का अनुमान है। इस रूट पर संभावित स्टेशन दिल्ली, मथुरा, आगरा, इटावा, फिरोजाबाद, कन्नौज, रायबरेली, प्रतापगढ़, प्रयागराज, भदोही और वाराणसी शामिल है।
वाराणसी-सिलुगुड़ी
वाराणसली-सिलुगुड़ी रूट की संभावित लंबाई करीब 700 किलोमीटर है। इस रूट से उत्तर प्रदेश को पश्चिम बंगाल से कनेक्टिविटी मिलेगी। रूट पर संभावित स्टेशन, पटना, मुजफ्फरपुर, दरभंगा और सिलिगुड़ी है।

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मुंबई-पुणे
मुंबई और पुणे, दोनें ही महाराष्ट्र के बड़े शहर हैं। इन्हें महाराष्ट्र के आर्थिक इंजन के रूप में जाना जाता है। नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर से दोनों शहरों के बीच यात्रा का समय 1 से डेढ़ घंटे का रह जाएगा। वहीं, इसका संभावित रूट मुंंबई, नवी मुंबई, लोनावाला, पंढरपुर और पुणे होगा।
पुणे-हैदराबाद
यह रूट महाराष्ट्र और तेलंगाना के बीच औद्योगिक संबंधों को गति प्रदान करेगा। इस रूट में दोनों शहरों के बीच दो से ढाई घंटे का समय लगेगा। वहीं, संभावित रूट पुणे के बाद कलबुर्गी, जहीराबाद और हैदराबाद शामिल है।
हैदराबाद-बंगलुरू
हैदराबाद और बंगलुरू, दोनों ही बड़े शहर हैं और आईटी हब के रूप में पहचान रखते हैं। इस पूरे रूट की लंबाई 600 से 626 किलोमीटर तक अनुमानित है, जिसमें संभावित रूट हैदराबाद, शादनगर, महबूबनगर, गडवाल, कुरनूल, गुंतकल, अनंतपुर, हिंदूपुर, यलहंका और बंगलुरू शामिल है। इस पूरे रूट पर दो से ढाई घंटे में सफर पूरा हो सकेगा।
Key Budget Announcement!
— Ministry of Railways (@RailMinIndia) February 1, 2026
With 7 new high-speed rail corridors, the #UnionBudget2026 accelerates the transformation of India’s Rail infrastructure and passenger experience.#Rail_infra_boost #Budget2026 #UnionBudget2026 #ViksitBharatBudget2026 pic.twitter.com/Y1lGDD3Tq6
बंगलुरू-चेन्नई
इस रूट पर यात्रा का समय करीब 1 से डेढ़ घंटे रह जाएगा। इस पूरे रूट की लंबाई 306 किलोमीटर है, जिसमें संभावित रूट पर चेन्नई, पूनामल्ली, चित्तूर,कोलार, व्हाइटफील्ड और इलेक्ट्रॉनिक सिटी शामिल है।
हैदराबाद-चेन्नई
हैदराबाद से चेन्नई हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की संभावित लंबाई 760 किलोमीटर है। इस रूट पर लगने वाला यात्रा का समय दो से ढाई घंटे होगा। वहीं, संभावित रूट शमशाबाद, नलगोंडा,नंदीगामा, अमरावती,चीराला, कवाली, नायडुपेटा और चेन्नई शामिल है।
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योजना से जुड़ी मुख्य बातें
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इस पूरी योजना की कुल लंबाई करीब 4,000 किलोमीटर होगी। इस बार रेलवे को 2.78 लाख करोड़ रुपये के बजट का प्रस्ताव दिया गया है।
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ट्रेनों की रफ्तार अन्य ट्रेनों के मुकाबले अधिक रहेगी, जो कि वंदे भारत ट्रेनों से अधिक दौड़ेंगी।
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रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव द्वारा मीडिया में दी गई जानकारी के मुताबिक, नए रेल कॉरिडोर में आत्मनिर्भर भारत के तहत स्वदेशी तकनीक का उपयोग किया जाएगा।
कितना पड़ेगा प्रभाव
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बड़े शहरों के बीच यात्रा का समय कम होने से लोग एक दिन में ही सुबह जाकर शाम को घर लौट सकेंगे। इससे शहरों पर भी जनसंख्या दबाव कम पड़ेगा।
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ट्रेन से यात्रा के दौरान सड़क परिवहन और हवाई यात्रा की तुलना में कार्बन उत्सर्जन कम होगा, जो कि पर्यावरण के लिए अनुकूल है।
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इन नए रूट्स पर पड़ने वाले छोटे शहरों को भी फायदा मिलेगा, जिससे औद्योगिक कॉलोनियों का विकास होगा।
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