Swami Vivekanand Jayanti 2026: स्वामी विवेकानंद से जुड़ी महत्त्वपूर्ण घटनाएं, जिन्होंने बदली पूरी दुनिया की सोच

Jan 12, 2026, 12:10 IST

Facts About Swami Viveknand: भारत में हर साल 12 जनवरी को राष्ट्रीय युवा दिवस मनाया जाता है। यह दिवस स्वामी विवेकानंद के जन्मदिवस को समर्पित है, जिनके विचारों का युवाओं पर अधिक प्रभाव पड़ता है। स्वामी विवेकानंद के अमूल्य विचारों और लक्ष्य के प्रति अपने दिए गए कथन की वजह से वह युवाओं के बीच लोकप्रिय हुए। 

स्वामी विवेकानंद जयंती
स्वामी विवेकानंद जयंती

Motivational thoughts of Swami Vivekanand:भारत में हर साल 12 जनवरी को राष्ट्रीय युवा दिवस मनाया जाता है। यह दिवस स्वामी विवेकानंद के जन्मदिवस को समर्पित है, जिनके विचारों का युवाओं पर अधिक प्रभाव पड़ता है।

स्वामी विवेकानंद के अमूल्य विचारों और लक्ष्य के प्रति अपने दिए गए कथन की वजह से वह युवाओं के बीच लोकप्रिय हुए। विवेकानंद के जीवनकाल में कई ऐसी घटनाएं हुईं, जिन्होंने न सिर्फ भारतीय लोगों पर प्रभाव छोड़ा, बल्कि पूरी दुनिया की सोच भी बदली। 

Swami Vivekanand Thoughts: स्वामी विवेकानंद के जीवन से जुड़ी महत्त्वपूर्ण घटनाएं

जब अपने गुरु से हुआ मिलन

स्वामी विवेकानंद के मन में शुरू से ही ईश्वर को लेकर सवाल रहा करते थे। इस लेकर उन्होंने अलग-अलग विद्वानों से सवाल पूछे, लेकिन वह किसी से संतुष्ट नहीं हुए। हालांकि, 1881 में वह रामकृष्ण परमहंस से मिले और ईश्वर के अस्तित्व को लेकर सवाल पूछा। इस पर रामकृष्ण परमहंस ने जवाब दिया था कि ‘मैंने ईश्वर को देखा है, जैसे मैं आपको देख रहा हूं, वैसे ही मैंने ईश्वर को देखा है’। इस घटना के बाद से विवेकानंद का अध्यात्मिक जीवन शुरू हुआ था।

जब शिकागो में की विश्व धर्म संसद

शिकागो में विश्व धर्म संसद विवेकानंद के जीवन की सबसे महत्त्वपूर्ण घटना है। वह अमेरिका स्थित शिकागो में भाषण देने के लिए मंच पर पहुंचे और मंच से ‘मेरे अमेरिकी भाइयों और बहनों कहा’। इस पर पूरा हॉल काफी समय तक तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। यह वह समय था, जब उन्होंने पश्चिमी दुनिया को भारत की संस्कृति से रूबरू करवाया था।

जब कन्याकुमारी में किया ध्यान

यह घटना 1892 की है। वह भारत का भ्रमण कर रहे थे और इस दौरान कन्याकुमारी पहुंचे। यहां वह तैरकर समुद्र के बीच मौजूद एक पत्थर तक पहुंचे और वहां ध्यान किया। आज इस स्थान पर विवेकानंद रॉक मेमोरियल बना हुआ है।

1897 में की रामकृष्ण मिशन की स्थापना

स्वामी विवेकानंद ने 1 मई, 1897 में रामकृष्ण मिशन की स्थापना की। इसका उद्देश्य उनके गुरु के संदेशों को दुनिया तक पहुंचाना था।

1900 में किया धर्मों के इतिहास का सम्मेलन

वह शिकागो में भाषण के बाद रूके नहीं, बल्कि 1900 में उन्होंने यूरोप पहुंच धर्मों के इतिहास को लेकर सम्मेलन किया। यहां उन्होंने विदेशी विद्वानों को संस्कृत और भारतीय दर्शन से रूबरू करवाया, जिससे विदेशी भी भारतीय संस्कृति और ज्ञान के मुरीद बने।

1902 में ली महासमाधि

स्वामी विवेकानंद का 4 जुलाई, 1902 को सिर्फ 39 वर्ष में निधन हुआ। दरअसल, योग शास्त्र में इसे महासमाधि कहा गया है। विवेकानंद ने ध्यान लगाते हुए महासमाधि ली थी। बेलूर मठ में ही उनका अंतिम संस्कार किया गया और आज इस जगह पर एक मंदिर बना हुआ है। 

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Kishan Kumar
Kishan Kumar

Senior content writer

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