उत्तर प्रदेश के इन जिलों में मौजूद हैं भारत के ऐतिहासिक मंदिर, देखें लिस्ट
उत्तर प्रदेश को भातर का अध्यात्मिक और सांस्कृतिक केंद्र कहा जाता है। यह भगवान राम से लेकर जैन और बुद्ध की भूमि रहा है। इस लेख में हम यूपी के प्रसिद्ध ऐतिहासिक मंदिरों के बारे में जानेंगे।
उत्तर प्रदेश को भारत के ज्ञान, कर्म और संस्कृति का केंद्र माना जाता है। यहां की सांस्कृतिक विरासत और विभिन्न धर्मों का संगम इसे अन्य राज्यों से अलग बनाता है। इस कड़ी में प्रदेश के विभिन्न जिलों में हमें भारत के ऐतिहासिक मंदिर देखने को मिलते हैं, जो कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र हैं। इस लेख में हम कुछ ऐसे ही प्रसिद्ध और ऐतिहासिक मंदिरों के बारे में जानेंगे।
वाराणसी के प्रसिद्ध मंदिर
वाराणसी को पूरी दुनिया में सबसे पुराने जीवंत शहरों में गिना जाता है। यहां काशी विश्वनाथ मंदिर है, जो कि भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है। इस मंदिर का पुनर्निर्माण 1780 में इंदौर की रानी अहिल्याबाई होल्कर द्वारा करवाया गया था। बाद में पंजाब के महाराजा रणजीत सिंह ने इसके शिखर पर सोना मढ़वाया था। इसके अतिरिक्त, काशी में संकट मोचन हनुमान मंदिर भी है, जिसकी स्थापना 16वीं शताब्दी में महान कवि और संत गोस्वामी तुलसीदास द्वारा की गई थी। वहीं, काशी का काल भैरव मंदिर भी ऐतिहासिक है, जिन्हें काशी का कोतवाल भी कहा जाता है।
अयोध्या के ऐतिहासिक मंदिर
अयोध्या नगरी सरयू नदी के तट पर बसी हुई है, जो कि हिंदू धर्म में पवित्र स्थल मानी जाती है। यहां श्री राम जन्मभूमि मंदिर है, जिसका निर्माण नागर शैली में किया गया है। यह मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है। इसके अलावा जिले का हनुमान गढ़ी एक गुफा वाला मंदिर है, जहां तक पहुंचने के लिए 76 सीढ़ियां चढ़नी होती हैं।
मथुरा, वृंदावन और गोवर्धन के मंदिर
यह क्षेत्र ब्रज क्षेत्र कहलाता है, जो कि भगवान कृष्ण के जीवन और उनकी लीलाओं से जुड़ा हुआ है।
मथुरा का कृष्ण जन्मभूमि मंदिर
यह मंदिर कृष्ण जन्मभूमि से जुड़ा ऐतिहासिक मंदिर है।
बांके बिहारी मंदिर
वृंदावन स्थित इस मंदिर की स्थापना स्वामी हरिदास द्वारा की गई थी, जो कि अपनी अनूठी सेवा पद्धति के लिए विश्व प्रसिद्ध है।
गोविंद देव मंदिर
इस मंदिर की स्थापना 1590 में जयपुर के राजा रहे राजा मानसिंह द्वारा की गई थी। मंदिर का निर्माण लाल बलुआ पत्थरों से किया गया है।
द्वारकाधीश मंदिर
इस मंदिर की स्थापना 1814 में ग्वालियर के कोषाध्यक्ष रहे सेठ गोकुलदास पारिख द्वारा की गई थी। मंदिर अपनी वास्तुकला और नक्काशी के लिए जाना जाता है।
गुप्तकालीन और प्राचीन पुरातात्विक मंदिर
यूपी में हमें भारतीय मंदिर वास्तुकला का शुरुआती रूप भी देखने को मिलता है।
ललितपुर का दशावतार मंदिर
यह मंदिर गुप्त काल में छठी शातब्दी का है, जो कि भारत की शुरुआती पंचायतन शैली की वास्तुकला और नागर शैली के शिखर का उदाहरण है। मंदिर में भगवान विष्णु को शेषशैया पर विराजमान अवस्था में दिखाया गया है।
कानपुर का भीतरगांव मंदिर
कानपुर का यह मंदिर गुप्त काल में 5वीं शताब्दी का मंदिर है, जो कि पूरी तरह ईंटों से बना हुआ है। यह भारत के सबसे पुराने मंदिर का ढांचा है।
गोरखनाथ मंदिर
गोरखपुर का गोरखनाथ मंदिर नाथ संप्रदाय का प्रमुख मंदिर है। इसकी स्थापना मध्यकाल में बाबा गोरखनाथ ने की थी।
त्रिवेणी हनुमान मंदिर
प्रयागराज में संगम तट बना लेटे हुए हनुमान जी की प्रतिमा वाला मंदिर है, जो कि दुनिया का अनूठा ऐसा मंदिर है।
प्रयागराज का अलोपी देवी मंदिर
इस मंदिर में किसी शक्तिपीठ की नहीं, बल्कि एक झूले की पूजा की जाती है।
A seasoned journalist and Multimedia Producer with over 8 years of experience in print and digital media, Kishan specializes in turning complex topics into clear, compelling narratives. Currently working as a Senior Content Writer in the GK section at Jagran Josh, he brings deep subject expertise in History, Polity, and Geography, writing on national and international affairs from a general knowledge perspective. He can be reached at Kishan.kumar@jagrannewmedia.com.