कौन था दिल्ली का पहला कोतवाल, यहां जानें Delhi Police का पूरा इतिहास
दिल्ली पुलिस सिर्फ भारत की नहीं, बल्कि दुनिया की सबसे बड़ी महानगरीय पुलिस बलों में से एक है। इस लेख में हम दिल्ली पुलिस के बारे में विस्तार से जानेंगे।
दिल्ली पुलिस भारत की प्रमुख महानगरीय पुलिस है। इसकी गिनती दुनिया की सबसे मेट्रोपॉलिटन पुलिस बलों में होती है। दिल्ली पुलिस का इतिहास काफी रोचक और सदियों पुराना है, जो इतिहास की 'कोतवाल' व्यवस्था से शुरू होकर आज की आधुनिक 'कमिश्नर प्रणाली' तक पहुंचा है। इस लेख में हम इस बारे में विस्तार से जानेंगे।
दिल्ली पुलिस के गठन की शुरुआत
दिल्ली में पुलिसिंग यानि कानून-व्यवस्था का सबसे पहला उल्लेख 13वीं शताब्दी यानि दिल्ली सल्तनत में मिलता है। उस समय पुलिस प्रमुख को 'कोतवाल' कहा जाता था। ऐतिहासिक दस्तावेजों के अनुसार, साल 1237 में 'मलिकुल उमरा फखरुद्दीन' को दिल्ली का पहला कोतवाल नियुक्त किया गया था। बाद में मुगल काल में भी शहर की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की पूरी जिम्मेदारी कोतवाल ही संभालते थे।
ब्रिटिश काल में रखी गई आधुनिक नींव
1857 की क्रांति के बाद अंग्रेजों ने भारत की कानून-व्यवस्था को पूरी तरह अपने हाथों में ले लिया था। बाद में Indian Police Act, 1861 पारित किया गया, जिसने आधुनिक पुलिस ढांचे की नींव रखी। साल 1911-12 में जब ब्रिटिश भारत की राजधानी कलकत्ता से दिल्ली स्थानांतरित की गई, तब दिल्ली पुलिस का महत्त्व अचानक बढ़ गया था। हालांकि, उस समय दिल्ली पुलिस आजाद नहीं थी, बल्कि यह पंजाब पुलिस का ही एक हिस्सा हुआ करती थी और इसका नेतृत्व एक DIG स्तर का अधिकारी करता था।
आजादी के बाद बदली पुलिस
1947 में भारत की आजादी और विभाजन के बाद दिल्ली में शरणार्थी संकट और दंगे हुए। इस चुनौती से निपटने के लिए दिल्ली पुलिस को एक आजाद ढांचे के रूप में पुनर्गठित किया गया। 16 फरवरी 1948 को D.W. Mehra को दिल्ली का पहला महानिरीक्षक यानि IGP - Inspector General of Police नियुक्त किया गया। यही कारण है कि आज भी 16 फरवरी को 'दिल्ली पुलिस स्थापना दिवस' (Delhi Police Raising Day) के रूप में मनाया जाता है।
1978 में हुआ ऐतिहासिक बदलाव
जैसे-जैसे दिल्ली की आबादी, शहरीकरण और अपराध का ग्राफ बढ़ने लगा, पुरानी पुलिस व्यवस्था कमजोर पड़ने लगी। इसके समाधान के लिए 1966 में भारत सरकार ने Khosla Commission का गठन किया। इसी आयोग की सिफारिशों के आधार पर 1 जुलाई 1978 को Delhi Police Act, 1978 लागू किया गया। इस ऐतिहासिक अधिनियम के तहत दिल्ली में Commissionerate System की शुरुआत हुई।
इससे पुलिस को मजिस्ट्रेट के कई अधिकार जैसे धारा 144 लगाना और लाइसेंस जारी करना मिल गए। जे. एन. चतुर्वेदी दिल्ली के पहले पुलिस आयुक्त बने थे।यह जानना बहुत जरूरी है कि भारत के अन्य राज्यों की तरह दिल्ली पुलिस राज्य सरकार के अधीन काम नहीं करती है, बल्कि यह सीधे केंद्र सरकार के Ministry of Home Affairs के नियंत्रण में आती है। आज लगभग 90,000 जवानों के साथ यह दुनिया की सबसे आधुनिक पुलिस बलों में गिनी जाती है।
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