जानिए 3 गोल्ड मेडल जीतने वाले पैरा-एथलीट नीरज यादव कौन थे? जानें किस गेम में जीते Medal
Neeraj Yadav Suicide: एशियन पैरा गेम्स में भारत को तीन स्वर्ण पदक दिलाने वाले 42 वर्षीय पैरा-एथलीट नीरज यादव ने डोपिंग बैन के कारण उपजे मानसिक तनाव के चलते आत्महत्या कर ली है। 7 साल की उम्र में पैरालिसिस का शिकार होने के बाद भी अंतरराष्ट्रीय पटल पर देश का नाम रोशन करने वाले नीरज का यह दुखद अंत पूरे खेल जगत को गमगीन कर गया है।
Who was Neeraj Yadav: आज भारतीय खेल जगत के लिए एक बेहद दर्दनाक खबर सामने आई है। एशियन पैरा गेम्स में भारत को तीन बार गोल्ड मेडल (Gold Medal) दिलाने वाले 42 साल के दिग्गज पैरा-एथलीट नीरज यादव ने कथित तौर पर सुसाइड कर लिया है। नीरज यादव के बारे में यहां से जानें।
जानकारी के अनुसार, डोपिंग निलंबन (Doping Suspension) के कारण वह आने वाले एशियन पैरा गेम्स में हिस्सा नहीं ले पा रहे थे, जिससे वह लंबे समय से भारी मानसिक और भावनात्मक तनाव से जूझ रहे थे। इस खबर के सामने आने के बाद से ही भारतीय पैरा-एथलेटिक्स और पूरे खेल जगत में शोक मनाया जा रहा है।
Neeraj Yadav Career & Profile
नीरज यादव के जीवन और उनके खेल के करियर से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण डिटेल्स के बारे में जानने के लिए छात्र नीचे दी गई टेबल को देख सकते हैं। साथ ही, उनके करियर से जुड़ी मुख्य डिटेल्स को जानने के लिए भी आप यहां देख सकते हैं।
| विवरण | डिटेल्स |
| एथलीट का नाम | नीरज यादव (Neeraj Yadav) |
| उम्र / कैटेगरी (Category) | 42 साल , F55 कैटेगरी (Sitting Field Events) |
| मुख्य इवेंट्स | जेवलिन थ्रो (भाला फेंक), डिस्कस थ्रो (चक्का फेंक), शॉट पुट |
| प्रमुख उपलब्धियां | 3 एशियन पैरा गेम्स गोल्ड मेडल (जकार्ता 2018, हांगझोऊ 2023) |
| स्वास्थ्य समस्या | 7 साल की उम्र में पोस्ट-पोलियो रेसिड्यूअल पैरालिसिस |
| निधन का कारण | कथित तौर पर विषपान / आत्महत्या (डिप्रेशन व तनाव के कारण) |
7 साल की उम्र में लकवा, फिर भी खेल के प्रति जुनून नहीं हुआ कम
नीरज यादव की जीवन यात्रा काफी लोगो के लिए बेहद प्रेरणा दायक रही थी। जब वह केवल 7 साल के थे, तब उन्हें पोस्ट-पोलियो रेसिड्यूअल पैरालिसिस (Post-Polio Residual Paralysis) नाम की एक बीमारी के बारे में पता चला था, जिससे उनके शरीर का निचला हिस्सा प्रभावित हो गया था।
हालांकि, शारीरिक बाधाओं के बावजूद भी उन्होंने अपने हौसले को टूटने नहीं दिया। साथ ही, शुरुआत में साल 2005 से 2012 तक उन्होंने व्हीलचेयर टेनिस खेला और अपनी प्रतिभा का बेहतरीन प्रदर्शन किया। इसके बाद ही उन्होंने पैरा-एथलेटिक्स का रुख किया और F55 कैटेगरी में शॉट पुट, जेवलिन-थ्रो और डिस्कस-थ्रो में अपनी पहचान भी बनाई।
एशियन पैरा गेम्स में लगातार 3 गोल्ड मेडल जीतकर रचा था इतिहास
नीरज यादव ने भारत के लिए इंटरनेशनल लेवल पर कई अभूतपूर्व उपलब्धियां हासिल कीं है।
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2018 जकार्ता एशियन पैरा गेम्स: नीरज ने पुरुषों के F55 जेवलिन थ्रो इवेंट में शानदार 29.84 मीटर की दूरी तय कर एशियाई रिकॉर्ड बनाया और गोल्ड मेडल अपने नाम किया था।
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2023 हांगझोऊ एशियन पैरा गेम्स: यहां उन्होंने अपनी श्रेष्ठता साबित करते हुए जैवलिन थ्रो और डिस्कस थ्रो दोनों ही स्पर्धाओं में गोल्ड मेडल हासिल कर इतिहास रचा।
डोपिंग सस्पेंशन और मानसिक तनाव: क्यों उठाया इतना खौफनाक कदम?
भारतीय पैरा-एथलेटिक्स टीम के मुख्य कोच एस. सत्यनारायण के अनुसार, डोपिंग के मामले में 4 साल का बैन लगने और मेडल छिनने के कारण नीरज डिप्रेशन में चल रहे थे।
बैन के कारण वह आने वाने आइची-नागोया एशियन पैरा गेम्स में हिस्सा नहीं ले पा रहे थे। खेल प्रतियोगिताओं से बाहर होना, मेडलस का छिनना और करियर पर लगे इस ब्रेक ने उन्हें मानसिक रूप से गहराई तक प्रभावित किया। इसी तनाव में उन्होंने इतना कठोर कदम उठा लिया।
Akshara Verma is a digital journalist. She writes in Hindi and is a subject matter expert in Education, Government Jobs, Current Affairs, General Knowledge, News, delivering accurate and authoritative content for a wide readership of Jagran Josh.
A graduate of Bharati Vidyapeeth's Institute of Computer Applications and Management (BVICAM) with a Bachelor of Journalism and Mass Communication, Akshara brings a strong academic and professional foundation to her work. She has previously held content writing and Public Relations roles at Genesis BCW and Dainik Bhaskar, experiences that have sharpened her ability to craft impactful, audience-first content across diverse formats. She can be reached at akshara.verma@jagrannewmedia.com.