UP Vishwakarma Shram Samman Yojana 2026: फ्री ट्रेनिंग, 10 हजार की टूलकिट और 10 लाख तक लोन, ऐसे उठाएं लाभ
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत 6 दिन की फ्री ट्रेनिंग टूलकिट खरीदने के लिए 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता और व्यवसाय बढ़ाने के लिए 10 लाख तक का रियायती लोन मुहैया कराया जाता है।
यदि आप उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं और बढ़ई, लोहार, कुम्हार, दर्जी, मोची, सुनार या किसी अन्य पारंपरिक काम से जुड़े हैं, तो आपके लिए अच्छी खबर है। उत्तर प्रदेश सरकार की विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2026 ऐसे ही कारीगरों और शिल्पकारों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के उद्देश्य से चलाई जा रही है।
इस योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को 6 दिन का मुफ्त प्रशिक्षण, आधुनिक टूलकिट खरीदने के लिए 10 हजार की आर्थिक सहायता और व्यवसाय बढ़ाने के लिए 10 लाख रुपये तक का रियायती ऋण दिया जाता है।
क्या है UP विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना?
उत्तर प्रदेश सरकार ने साल 2018 में इस योजना की शुरुआत की थी। इसका संचालन MSME एवं उद्योग विभाग द्वारा किया जाता है। योजना का उद्देश्य उन कारीगरों को आधुनिक प्रशिक्षण, बेहतर उपकरण और वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है, जो वर्षों से पारंपरिक व्यवसाय से जुड़े हैं लेकिन संसाधनों की कमी के कारण आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं।
विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना हाईलाइट्स
| योजना का नाम | UP विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2026 |
| लांच | 2018 |
| फ्री ट्रेनिंग | 6 दिन का आवासीय प्रशिक्षण |
| टूलकिट सहायता | 10 हजार रुपये |
| लोन सुविधा | 10 हजार से 10 लाख रुपये तक |
| आवेदन का तरीका | ऑनलाइन |
6 दिन की फ्री ट्रेनिंग
योजना के तहत चयनित कारीगरों को 6 दिनों का आवासीय प्रशिक्षण दिया जाता है। इस दौरान उन्हें आधुनिक तकनीक, नए उपकरणों का उपयोग, व्यवसाय प्रबंधन और उत्पाद की गुणवत्ता बढ़ाने के तरीके सिखाए जाते हैं। प्रशिक्षण के दौरान रहने और खाने का पूरा खर्च सरकार उठाती है।
10 हजार की टूलकिट सहायता
प्रशिक्षण पूरा करने के बाद लाभार्थियों को 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है, जिससे वे अपने काम के लिए आधुनिक टूल्स और मशीनें खरीद सकें।
कौन कर सकता है आवेदन?
योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक को नीचे दी गयी शर्तें पूरी करनी होंगी:
उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी होना चाहिए।
आयु 18 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए।
किसी पारंपरिक व्यवसाय से जुड़ा होना चाहिए।
कौन कर सकता है आवेदन
बता दें कि इस योजना के तहत मोची, बुनकर, सुनार, कुम्हार, बढ़ई, लोहार और दर्जी जैसे पारंपरिक कार्यों से जुड़े लोग इस योजना के तहत आवेदन कर सकते है।
योजना के लिए कितनी पढ़ाई है जरुरी
इस योजना में आवेदन करने के लिए किसी न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता की आवश्यकता नहीं है। इस योजना के तहत OBC, SC, ST, अल्पसंख्यक और EWS कैटेगरी को प्राथमिकता मिल सकती है।
आवेदन के लिए कौन से डॉक्यूमेंट है जरूरी
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आधार कार्ड
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उत्तर प्रदेश का निवास प्रमाण पत्र
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आधार से लिंक बैंक पासबुक
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पारंपरिक व्यवसाय का प्रमाण
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मोबाइल नंबर (आधार लिंक)
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जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
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आय प्रमाण पत्र (जहां आवश्यक हो)
योजना के तहत कैसे करें आवेदन?
यदि आप इस योजना का लाभ लेना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए आसान स्टेप्स को फॉलो करें—
स्टेप 1: योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
स्टेप 2: नया रजिस्ट्रेशन करें और आवेदन फॉर्म में मांगी गई सभी डिटेल्स भरें।
स्टेप 3: अपना व्यवसाय (Trade) चुनें।
स्टेप 4: सभी डॉक्यूमेंट अपलोड करें, और फॉर्म सबमिट करें।
स्टेप 5: संबंधित विभाग आपके आवेदन को वेरीफाई रेगा।
स्टेप 6: पात्र पाए जाने पर आपको योजना का लाभ दिया जाएगा।
अगर आप उत्तर प्रदेश के पारंपरिक कारीगर हैं और अपने हुनर को नई पहचान देना चाहते हैं, तो UP विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2026 आपके लिए एक बेहतरीन अवसर है। यदि आप पात्र हैं, तो बिना देर किए आवेदन करें और इस योजना का पूरा लाभ उठाएं।
Bagesh Yadav is a journalist and current affairs analyst with over six years of experience in education journalism, national and international affairs, and digital media. He has contributed to India’s leading knowledge platforms, including Vision IAS and Only IAS, and currently serves in a senior editorial role at Jagranjosh.com, where he leads coverage across the Current Affairs and General Knowledge sections. His expertise spans breaking news, government policy analysis, world affairs, sports updates, science and technology, and visually engaging infographics. Known for his commitment to factual accuracy, editorial integrity, and audience-first storytelling, Bagesh delivers well-researched, accessible, and impactful journalism that serves millions of students, competitive exam aspirants, and informed readers across India.