उत्तर प्रदेश एक कृषि प्रधान राज्य है, जहां हर साल खेती कर बड़ी मात्रा में अनाज का उत्पादन होता है। इन फसलों के माध्यम से जहां किसानों की आय होती है, तो दूसरी तरफ देश में अनाज की आवश्यकताएं पूरी होती हैं। प्रदेश में समय-समय पर मौसम के हिसाब से अलग-अलग फसलों की खेती की जाती है, लेकिन क्या आप उत्तर प्रदेश की सबसे महत्त्वपूर्ण नकदी फसल के बारे में जानते हैं, यदि नहीं, तो इस लेख के माध्यम से हम इस बारे में जानेंगे।
क्या होती है नकदी फसल
सबसे पहले हम यह जान लेते हैं कि नकदी फसल क्या होती है। आपको बता दें कि नकदी फसल वे फसलें होती हैं, जिन्हें सीधे खाने में उपयोग के बजाय औद्योगिक उपयोग के लिए कच्चे माल के रूप में बेच दिया जाता है। इन फसलों को किसान गेहूं और चावल की तरह अपने घरों में स्टोर नहीं करते हैं, बल्कि इन्हें सीधे मंडी में पहुंच बेच दिया जाता है। उदाहरण के तौर पर गन्ना, कपास, जूट, चाय और कॉफी आदि नकदी फसलों का उदाहरण हैं।
यूपी की सबसे महत्त्वपूर्ण नकदी फसल कौन-सी है
अब सवाल है कि यूपी की सबसे महत्त्वपूर्ण नकदी फसल कौन-सी है, तो आपको बता दें कि यह गन्ने की फसल है। यह फसल पूरे उत्तर प्रदेश में विशेष पहचान दिलाती है, क्योंकि केवल उत्तर प्रदेश में ही पूरे देश में कुल गन्ना उत्पादन का 40 से 50 फीसदी उत्पादन होता है।
कहां होता है गन्ने का उपयोग
उत्तर प्रदेश में गन्ना अधिक उत्पादित होता है, ऐसे में यहां इसकी खपत भी अधिक है, जिसके कारण इस प्रकार हैंः
चीनी उद्योग-उत्तर प्रदेश में चीनी मिलों की संख्या अधिक है। यहां की मिलों में स्थानीय किसान अपने गन्नों को उचित दामों में पहुंचाते हैं, जिससे चीनी, खांड व अन्य उत्पादों का उत्पादन किया जाता है।
इथेलनॉल के लिए उपयोगी-गन्ने के रस का उपयोग इथेनॉल बनाने में किया जा रहा है। इसे पेट्रोल में 20 फीसदी मिलाया जाता है, जिससे प्रदूषण कम हो और पर्यावरण कम प्रदूषित हो सके।
यूपी में कहां-कहां होता है गन्ने का उत्पादन
यूपी में प्रमुख रूप से गन्ने का उत्पादन पश्चिमी उत्तर प्रदेश में होता है। यहां सहारनपुर, बागपत, बिजनौर, शामली, मेरठ और मुजफ्फरनगर में गन्ने का उत्पादन किया जाता है। वहीं, यूपी के तराई क्षेत्रों में शामिल जिले- बस्ती, देवरिया, गोरखपुर और लखीमपुर खीरी में भी गन्ने का उत्पादन होता है।
| रोचक जानकारी आपको बता दें कि यूपी के मुजफ्फरनगर जिले को यूपी में ‘चीनी का कटोरा’ भी कहा जाता है। क्योंकि, यहां गन्ने का सबसे अधिक उत्पादन होता है। |
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