उत्तराखंड के वे 3 नए जिले, जिनका सबसे आखिर में हुआ था गठन

Last Updated: Aug 29, 2026, 12:39 IST

उत्तराखंड राज्य का गठन उत्तर प्रदेश से अलग कर किया गया था। यह राज्य अपने यहां की खूबसूरत पहाड़ियों और वादियों के लिए जाना जाता है। राज्य में समय-समय कई जिलों को गठन किया गया, जिनमें हम राज्य के सबसे आखिर में बने जिलों के बारे में जानेंगे। 

उत्तराखंड जीके
उत्तराखंड जीके

उत्तराखंड राज्य का गठन उत्तर प्रदेश से अलग कर किया गया था। यह राज्य अपने यहां की खूबसूरत वादियों और प्राकृतिक सुंदर नजारों के लिए जाना जाता है। राज्य में प्रशासनिक तौर पर समय-समय पर कई जिलों का गठन किया गया था। इस कड़ी में यहां 3 जिले ऐसे भी हैं, जिनका गठन सबसे आखिर में किया गया था। कौन-से हैं ये जिले, जानने के लिए यह लेख पढ़ें। 

किन 3 जिलों का सबसे आखिर में हुआ था गठन 

उत्तराखंड में प्रशासनिक दक्षता और पर्वतीय क्षेत्रों के विकास के लिए 15 सितंबर 1997 को तत्कालीन उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा तीन नए जिले,रुद्रप्रयाग, चंपावत और बागेश्वर का गठन किया गया था। इन तीनों जिलों के बनने से राज्य में जिलों की कुल संख्या 10 से बढ़कर 13 हो गई थी। 

रुद्रप्रयाग

उत्तराखंड का रुद्रप्रयाग जिला गढ़वाल मंडल का महत्त्वपूर्ण जिला है। यह जिला किसी एक जिले से नहीं, बल्कि तीन अलग-अलग जिलों के हिस्सों को मिलाकर बनाया गया, जिसमें चमोली, टिहरी गढ़वाल और पौड़ी गढ़वाल शामिल है। आपको बता दें कि यह अलकनंदा और मंदाकिनी नदियों के संगम पर बसा है। वहीं, प्रसिद्ध केदारनाथ धाम भी इसी जिले में है। इस जिले में सिखों का पवित्र स्थल हेमकुंड साहिब का मार्ग और दुनिया का सबसे ऊंचा शिव मंदिर तुंगनाथ भी मौजूद है।

चंपावत

चंपावत जिला कुमाऊं मंडल के पूर्वी हिस्से में स्थित है, जो कि नेपाल से सटा हुआ है। यह जिला पिथौरागढ़ जिले के दक्षिणी हिस्से को अलग करके बनाया गया था। आपको बता दें कि चंपावत कुमाऊं के ऐतिहासिक चंद राजवंशकी पहली राजधानी थी। यहां प्रसिद्ध बालेश्वर मंदिर, मीठा-रीठा साहिब और जिम कॉर्बेट की किताबों में चर्चित आदमखोर बाघों का ऐतिहासिक क्षेत्र है।

बागेश्वर

बागेश्वर जिला कुमाऊं मंडल के बीच में अरावली और हिमालयी घाटियों के बीच बसा एक शांत क्षेत्र है। इस चिले अल्मोड़ा जिले की तीन तहसील-बागेश्वर, कपकोट और गरुड़ को अलग करके बनाया गया था। यह सरयू और गोमती नदियों के संगम पर स्थित है। यहां प्रसिद्ध बागनाथ मंदिर है। आपको बता दें कि ट्रैकिंग के शौकीनों के लिए प्रसिद्ध पिंडारी ग्लेशियर और काफनी ग्लेशियर बागेश्वर जिले के कपकोट क्षेत्र में ही मौजूद हैं।

Kishan Kumar
Kishan Kumar

Senior Executive - Editorial

A seasoned journalist and Multimedia Producer with over 8 years of experience in print and digital media, Kishan specializes in turning complex topics into clear, compelling narratives. Currently working as a Senior Content Writer in the GK section at Jagran Josh, he brings deep subject expertise in History, Polity, and Geography, writing on national and international affairs from a general knowledge perspective. He can be reached at Kishan.kumar@jagrannewmedia.com.

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First Published: Aug 29, 2026, 12:39 IST

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