Gandhi Jayanti 2026: 'करो या मरो' से 'सत्य ही ईश्वर है' तक, जानिए गांधी जी के ऐतिहासिक नारे और उनका महत्व

Last Updated: Sep 29, 2026, 19:29 IST

Mahatma Gandhi Slogan Quotes 2026 In Hindi: मोहनदास करमचंद गांधी का जन्म 2 अक्टूबर 1869 को पोरबंदर गुजरात में हुआ था। हर साल इस दिन को गांधी जयंती के रूप में बड़ी धुम-धाम से मनाया जाता है। इसी के अवसर पर सभी लोग गांधी जी के मशहुर और ऐतिहासिक नारों के बारे में जानें।

Gandhi Jayanti 2026: 'करो या मरो' से 'सत्य ही ईश्वर है' तक, जानिए गांधी जी के ऐतिहासिक नारे और उनका महत्व
Gandhi Jayanti 2026: 'करो या मरो' से 'सत्य ही ईश्वर है' तक, जानिए गांधी जी के ऐतिहासिक नारे और उनका महत्व

Mahatma Gandhi Iconic Slogans & Movement History: हर साल 2 अक्टूबर को भारत में गांधी जयंती (Gandhi Jayanti) बड़े ही उत्साह और सम्मान के साथ मनाई जाती है। यह दिन न केवल राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती का प्रतीक है, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय लेवल पर इसे 'अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस' यानी International Day of Non-Violence के रूप में भी मनाया जाता है। बापू के विचार, अहिंसा का सिद्धांत और उनके द्वारा दिए गए नारे आज भी लाखों युवाओं और छात्रों के लिए प्रेरणा बनें हुए है। 

हर साल की तरह इस साल भी Gandhi Jayanti 2026 स्कूलों में बड़ी धुम-धाम के साथ मनाया जाता है। स्कूलों में नर्सरी से लेकर 12वीं तक के सभी छात्र गांधी जी से जुड़े अलग-अलग प्रोग्रामों का आयोजित करते है। वहीं, आप महात्मा गांधी के ऐतिहासिक नारे और उनके पीछे की कहानी के बारे में जानना के लिए यहां पढ़े। 

Gandhi Jayanti: महात्मा गांधी से जुड़े कई मुख्य पहलू

गांधी जयंती और बापू के जीवन से संबंधित प्रमुख तथ्यों के बारे में जानने के लिए नीचे दी गई टेबल को देखें। साथ ही, छात्र इन डिटेल्स को आराम से पढ़कर गांधी जी के बारे में और उनके जन्म से जुड़ी जानकारी के बारे में जानें। 

विवरण  डिटेल्स 
गांधी जयंती कब मनाई जाती है?  02 अक्टूबर (हर साल)
गांधी जी का पूरा नाम क्या है? गांधी जी का पूरा नाम - मोहनदास कर्मचंद गांधी
अन्य नाम / उपाधि बापू, राष्ट्रपिता, महात्मा
अंतर्राष्ट्रीय मान्यता अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस (संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित)
गांधी जी का सबसे प्रसिद्ध नारा ‘करो या मरो’
मुख्य सिद्धांत सत्य, अहिंसा, सत्याग्रह 
गांधी जी का समाधि स्थल क्या है?  राजघाट (नई दिल्ली)

महात्मा गांधी के प्रसिद्ध नारे और उनके पीछे का इतिहास

महात्मा गांधी के स्वतंत्रता संग्राम के दौरान से कई ऐसे नारे शामिल है, जिन्होंने पूरे देश में आजादी की लहर को दौड़ा दिया था। आइए जानते हैं बापू के सबसे प्रमुख नारों और उनके महत्व के बारे में:

1. ‘करो या मरो’ (Do or Die)

  • ऐतिहासिक संदर्भ: दूसरे विश्व युद्ध के दौरान जब क्रिप्स मिशन (Cripps Mission) फेल हो गया, तब 8 अगस्त 1942 को मुंबई के 'ग्वालिया टैंक मैदान' में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी का अधिवेशन आयोजित हुआ।
  • पीछे का इतिहास: इसी ऐतिहासिक भाषण में महात्मा गांधी ने ‘करो या मरो’ का नारा दिया था। बापू ने स्पष्ट रूप से कहा था कि "मैं आपको एक छोटा सा मंत्र देता हूं, इसे अपने हृदय में अंकित कर लें। मंत्र है: 'करो या मरो'। हम या तो भारत को स्वतंत्र कराएंगे या इस प्रयास में मर मिटेंगे, लेकिन हम अपनी गुलामी को अक्षुण्ण देखने के लिए जीवित नहीं रहेंगे।" इस एक नारे ने पूरे देश को उद्वेलित कर दिया और 'भारत छोड़ो आंदोलन' जन-आंदोलन में बदल गया।

2. ‘भारत छोड़ो’ (Quit India)

  • ऐतिहासिक संदर्भ: यह नारा 'भारत छोड़ो आंदोलन' का मुख्य विचार था, लेकिन 'Quit India' शब्द गढ़ने का श्रेय गांधी जी के सहयोगी और मुंबई के पूर्व मेयर यूसुफ मेहरअली (Yusuf Meherally) को जाता है। गांधी जी ने इस शब्द को तुरंत स्वीकार किया और अंग्रेजों के खिलाफ इसे अपना मुख्य नारा बना लिया था। 
  • पीछे का इतिहास: इस नारे के माध्यम से गांधी जी ने अंग्रेजों को यह संदेश दिया था कि अब किसी भी तरह का प्रशासनिक या संवैधानिक समझौतों को स्वीकार्य नहीं किया जाएगा। अब केवल पूर्ण स्वराज और अंग्रेजों की देश से वापसी ही अंतिम समाधान है।

3. ‘सत्य ही ईश्वर है’ (Truth is God)

  • ऐतिहासिक संदर्भ: गांधी जी ने अपने एक समय में कहा था कि ‘ईश्वर ही सत्य है’।  हालांकि, 1931 में लंदन में आयोजित गोलमेज सम्मेलन के दौरान और उसके बाद अपने अनुभवों के आधार पर उन्होंने अपने इस विचार को उलट कर दिया और कहा कि ‘सत्य ही ईश्वर है’।  
  • पीछे का इतिहास: गांधी जी ने लंदन में अनुभव किया कि कोई भी नास्तिक व्यक्ति ईश्वर के अस्तित्व से इंकार कर सकता है, लेकिन कोई भी ईमानदार व्यक्ति 'सत्य' के अस्तित्व को मना नहीं कर सकता है। इसलिए उन्होंने सत्य को सर्वोपरि स्थान दिया ताकि धर्म और जाति की सीमाओं से परे जाकर हर इंसान नैतिक मार्ग से जुड़ सके।

4 ‘अंग्रेजों के अन्याय का जवाब अहिंसा से दो’ 

  • ऐतिहासिक संदर्भ: साल 1919 में ब्रिटिश सरकार ने रोलेट एक्ट (Rowlatt Act) पास किया था, जिसके अंदर किसी भी भारतीय को बिना मुकदमा चलाए जेल में डाला जा सकता था।
  • पीछे का इतिहास: गांधी जी ने इस काले कानून के खिलाफ सत्याग्रह का आह्वान किया। उन्होंने देशवासियों से शांतिपूर्ण हड़ताल और सविनय अवज्ञा का मार्ग अपनाने को कहा। उनका मानना था कि यदि भारतीय हिंसा का सहारा लेंगे, तो ब्रिटिश हुकूमत को दमन का बहाना मिल जाएगा, जबकि अहिंसक विरोध अंग्रेजों को नैतिक रूप से परास्त कर देगा।

5. ‘हे राम’ (Hey Ram) 

  • ऐतिहासिक संदर्भ: 30 जनवरी 1948 को नई दिल्ली के बिड़ला हाउस में शाम की प्रार्थना सभा के लिए जाते समय नाथूराम गोडसे ने महात्मा गांधी की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
  • पीछे का इतिहास: सीने में तीन गोलियां लगने के बाद जब बापू जमीन पर गिरे, तो उनके मुख से निकले अंतिम शब्द थे "हे राम"। यह शब्द उनके राम-राज्य के सपने, ईश्वर के प्रति अटूट आस्था और उनके संपूर्ण जीवन के आध्यात्मिक दर्शन का प्रतीक बन गया है। 

Mahatma Gandhi Slogan Quotes 

गांधी जी के अन्य ओर स्लोगनों के बारे में जानने के लिए यहां देखें। यह नारे भी सभी छात्रों और बड़े लोगों के लिए भी काफी महत्व रखते हैं। यह नारे छात्रों को जीवन में काफी उन्नती के लिए भी प्रोतसाहित करते हैं। 

1. ‘जहां प्रेम है वहां जीवन है’

2. ‘भगवान का कोई धर्म नहीं है’

3. ‘जहां पवित्रता है, वहीं निर्भयता है’

4. ‘किसी की मेहरबानी मांगना, अपनी आजादी बेचना’

5. ‘किसी की मेहरबानी मांगना, अपनी आजादी बेचना है’

6. ‘कानों का दुरुपयोग मन को दूषित और अशांत करता है’

7. ‘दिल की कोई भाषा नहीं होती, दिल-दिल से बात करता है’

8. ‘मैं मरने के लिए तैयार हूं, पर ऐसी कोई वज़ह नहीं है जिसके लिए मैं मारने को तैयार हूं’

9. ‘लोकतंत्र का काम करने के लिए ऊपरी ज्ञान नहीं, बल्कि सही शिक्षा की आवश्यकता होती है’

10. ‘हमें इस तरह जीना चाहिए, जैसे हम कल ही मरने वाले हैं, हमें इस तरह सीखना चाहिए, जैसे हम वर्षों जीवित रहने वाले हैं’

गांधी जयंती पर छात्रों के लिए भी अट्रैक्टिव स्लोगन (Slogans for School & College)

यदि आप गांधी जयंती के अवसर पर स्कूल, कॉलेज या किसी प्रतियोगिता में भाग ले रहे हैं, तो इन प्रेरक नारों का उपयोग कर सकते हैं:

  1. सत्य-अहिंसा जिसका हथियार, बापू थे भारत के आधार
  2. खादी जिसकी पहचान है, बापू देश की शान हैं
  3. हिंसा को जो दूर भगाए, शांति का जो मार्ग दिखाए, वही बापू कहलाए
  4. दे दी हमें आजादी बिना खड्ग बिना ढाल, साबरमती के संत तुमने कर दिया कमाल
  5. स्वच्छता अपनाएं, बापू का सपना साकार बनाएं

बापू के विचारों को जीवन में कैसे उतारें?

महात्मा गांधी का एक प्रसिद्ध विचार था ‘आप खुद वो बदलाव बनिए, जो आप दुनिया में देखना चाहते हैं’ (Be the change that you wish to see in the world) जिसे पढ़कर काफी प्रेरणा मिलती है। साथ ही, आज के डिजिटल दौर में छात्रों को बापू के स्वच्छता, ईमानदारी, अनुशासन और आत्मनिर्भरता (Self-reliance) जैसे सिद्धांतों को अपने जीवन में अपनाना चाहिए।

क्वश्न: गांधी जी को 'महात्मा' की उपाधि किसने दी थी?

आंसर: गांधी जी को 'महात्मा' की उपाधि रवींद्रनाथ टैगोर ने 1915 में दी थी।

क्वश्न: गांधी जी को 'राष्ट्रपिता' कहकर किसने संबोधित किया था?

आंसर: नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने 6 जुलाई 1944 को सिंगापुर रेडियो से अपने संबोधन में उन्हें पहली बार 'राष्ट्रपिता' कहकर संबोधित किया था।

क्वश्न: गांधी जी की आत्मकथा (Autobiography) का क्या नाम है?

आंसर: गांधी जी की आत्मकथा का नाम ‘सत्य के प्रयोग’ यानी The Story of My Experiments with Truth है। 

क्वश्न: गांधी जी का पहला सत्याग्रह भारत में कहां हुआ था?

आंसर: गांधी जी का पहला सत्याग्रह साल 1917 में बिहार के चंपारण में हुआ था। 

क्वश्न: गांधी जी ने 'करो या मरो' का नारा किस मैदान से दिया था?

आंसर: गांधी जी ने 'करो या मरो' का नारा बॉम्बे (मुंबई) के 'ग्वालिया टैंक मैदान' में दिया था। 

क्वश्न: 'Quit India' शब्द मूल रूप से किसने गढ़ा था?

आंसर: स्वतंत्रता सेनानी यूसुफ मेहरअली द्वारा इस नारे का जन्म हुआ।

क्वश्न: गांधी जी ने किस विदेशी वस्त्र बहिष्कार आंदोलन के दौरान स्वदेशी अपनाने पर जोर दिया?

आंसर: सविनय अवज्ञा आंदोलन (1930) और असहयोग आंदोलन (1920-22) के दौरान।

क्वश्न: गांधी जी के अनुसार 'सत्याग्रह' का शाब्दिक अर्थ क्या है?

आंसर: गांधी जी के अनुसार 'सत्याग्रह' का शाब्दिक अर्थ 'सत्य के प्रति आग्रह' या सत्य की शक्ति पर भरोसा करना है। 

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Akshara Verma
Akshara Verma

Executive - Editorial

Akshara Verma is a digital journalist. She writes in Hindi and is a subject matter expert in Education, Government Jobs, Current Affairs, General Knowledge, News, delivering accurate and authoritative content for a wide readership of Jagran Josh.

A graduate of Bharati Vidyapeeth's Institute of Computer Applications and Management (BVICAM) with a Bachelor of Journalism and Mass Communication, Akshara brings a strong academic and professional foundation to her work. She has previously held content writing and Public Relations roles at Genesis BCW and Dainik Bhaskar, experiences that have sharpened her ability to craft impactful, audience-first content across diverse formats. She can be reached at akshara.verma@jagrannewmedia.com.

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First Published: Sep 29, 2026, 19:29 IST

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