उत्तराखंड में भीषण गर्मी और लू के बढ़ते पारे को देखते हुए प्रदेश सरकार ने स्कूली बच्चों की सुरक्षा के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के निर्देशो के अनुसार, 1 मई 2026 से राज्य के सभी स्कूलों के समय में महत्वपूर्ण बदलाव किया जा रहा है। उन्होनें छात्रों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए कहा कि ‘1 मई, 2026 से स्कूल पहले के समय पर खुलेंगे’
डॉ. रावत ने इस बात पर जोर दिया कि यह निर्णय मुख्य रूप से छोटे बच्चों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए लिया गया है, जो दोपहर में लंबी यात्राओं के दौरान लू लगने और थकावट के सबसे अधिक शिकार होते हैं। यह बदलाव राज्य के मैदानी और पहाड़ी क्षेत्रों में स्थित सभी सरकारी संस्थानों पर लागू होता है।
उत्तराखंड स्कूल टाइमिंग: अब सुबह जल्दी शुरू होंगे स्कूल
भीषण गर्मी को देखते हुए अब बच्चों को दोपहर की चिलचिलाती धूप में घर नहीं लौटना होगा। शिक्षा विभाग ने राज्य के सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी स्कूलों के लिए नया 'समर शेड्यूल' (Summer Schedule) तैयार किया है। समर शेड्यूलके अनुसार अब स्कूल सुबह 7:30 बजे खुलेंगे और दोपहर 1:30 बजे तक कक्षाएं समाप्त हो जाएंगी।
नया समर शेड्यूल क्या है? 1 मई से होगा प्रभाव
उत्तराखंड में रिवाइज्ड स्कूल टाइमिंग को देखते हुए छात्र नीचे दी गई टेबल पर नजर डालें। यहां से आपको पुराने और नए टाइम की जानकारी मिलेगी।
| विवरण | पुराना समय | नया समय |
| स्कूल खुलने का टाइम | सुबह 07:45 बजे | सुबह 07:30 बजे |
| छुट्टी का टाइम | दोपहर 02:05 बजे | दोपहर 01:30 बजे |
| कुल राहत | - | 35 मिनट पहले छुट्टी |
क्यों लिया गया यह फैसला?
पिछले कुछ दिनों से देहरादून, रुड़की और पंतनगर जैसे मैदानी इलाकों में तापमान 38°C से 40°C के पार जा रहा है। शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि बच्चों को लू (Heatwave) से बचाना सरकार की प्राथमिकता है।
- स्वास्थ्य सुरक्षा: दोपहर 2 बजे की धूप बच्चों में डिहाइड्रेशन और हीटस्ट्रोक का खतरा बढ़ा देती है।
- पहाड़ी क्षेत्रों में भी लागू: हालांकि पहाड़ों में अभी गर्मी कम है, लेकिन शासन ने पूरे प्रदेश में एक समान व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है।
- पेरेंट्स की मांग: बढ़ती गर्मी को देखते हुए लंबे समय से स्कूल का समय घटाने की मांग की जा रही थी।
स्कूलों के लिए विशेष निर्देश
शिक्षा मंत्री ने समय बदलने के साथ-साथ स्कूलों को कुछ कड़े सुरक्षा नियमो का पालन करने के लिए भी कहा गया है। ये जानने के लिए छात्र और पेरेट्स नीचे देखें।
- वॉटर बेल: स्कूलों में निश्चित अंतराल पर घंटी बजाई जाएगी ताकि बच्चे अनिवार्य रूप से पानी पिएं और हाइड्रेटेड रहें।
- आउटडोर एक्टिविटी पर रोक: दोपहर 11 बजे के बाद धूप में प्रार्थना सभा या खेलकूद की गतिविधियों को सीमित करने के निर्देश दिए गए हैं।
- मेडिकल किट: हर स्कूल में ओआरएस (ORS) और प्राथमिक उपचार की सुविधा सुनिश्चित करने को कहा गया है।