NCERT New Module: छात्रों की किताबों में अब स्पेस साइंस की झलक दिखेगी। एनसीईआरटी (NCERT) ने अपने कोर्स में इसरो (ISRO) मिशनों को शामिल किया है। नए पाठकर्म ‘India: A Rising Space Power’ के जरिए छात्रों को अब चंद्रयान से लेकर गगनयान तक भारत की ऐतिहासिक उपलब्धियों के बारे में जानने का मौका मिलेगा। यह मॉडल कक्षा 6 से 8वीं तक के छात्रों के लिए है। इसके साथ ही इसरो पर एक सेकेंडरी स्टेड मॉड्यूल भी जोड़ा गया है, जिसे खास तौर पर कक्षा 9वीं और 10वीं के छात्रों के लिए बनाया गया है।
कैसे हुई ISRO की शुरुआत?
इस नए अध्याय में छात्रों बताया गया है कि इसरो की शुरुआत कैसे हुई,अभी तक इसरो ने कितने मिशन को अंजाम दिया है आदि। इस चैप्टर की शुरुआत सवाल और जवाब से शुरू होगी, जिसमें दो लोग आपस में बात करें और एक-दूसरे से स्पेस से जुड़े सवाल-जवाब करेंगे। एक तरह से कहे तो बच्चों को प्ले रोल करने का मौका मिलेगा। इसके साथ ही इस नए अध्याय में आर्यभट्ट, कलाम साहब के बारे में बच्चों को जानने का मौका मिलेगा। इस नए अध्याय में उन तस्वीरों को भी शामिल किया जाएगा, जब वह पहली बार भारत का रॉकेट साइकिल पर लेकर जाया जाएगा।
पीएम मोदी के संदेश से शुरू होगी अध्याय की शुरुआत
अध्याय की शुरुआत भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक संदेश से होती है। इसमें पीएम मोदी ने कहा है, "अंतरिक्ष भले ही दूर लगता हो, लेकिन यह हमारे दैनिक जीवन का अभिन्न अंग है। यह हमारे आधुनिक संचार को संचालित करता है और सबसे दूरस्थ परिवार को भी सामान्य जीवन से जोड़ता है। भारत का अंतरिक्ष कार्यक्रम 'पैमाने, गति और कौशल' के हमारे दृष्टिकोण का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।"
इसरो के सभी मिशन के बारे में पढ़ाया जाएगा
इसके अलावा इस नए अध्याय में चंद्रयान और गगनयान मिशन को भी जोड़ा गया है। इस मॉड्यूल के माध्यम से चंद्रयान से गगनयान तक भारत की बड़ी अंतरिक्ष सफलता को दिखाया जाएगा।
Comments
All Comments (0)
Join the conversation