वंदे भारत एक्सप्रेस आज के दौर में भारतीय रेलवे की सबसे प्रमुख और प्रीमियम ट्रेनों में गिनी जाती है, जो यात्रियों को आधुनिक तकनीक और विश्वस्तरीय सुविधाओं का अनुभव कराती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक वंदे भारत ट्रेन को बनाने में आखिर कितना खर्च आता है?
जानकारी के लिए बता दें कि स्टैंडर्ड 16-कोच वाली वंदे भारत एक्सप्रेस को तैयार करने में करोड़ो रुपये तक की लागत आती है। आज हम इसी विषय पर विस्तार से चर्चा करेंगे और यह भी बताएंगे कि वंदे भारत ट्रेन का निर्माण कहाँ किया जाता है। बता दें कि देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन जल्द ही गुवाहाटी और हावड़ा के बीच दौड़ती नजर आएगी, जो लंबी दूरी की यात्रा को और अधिक आरामदायक बनाएगी।
वंदे भारत ट्रेन कहाँ होती है तैयार?
वंदे भारत एक्सप्रेस भारत की स्वदेशी, सेमी-हाई स्पीड और पूरी तरह एयर-कंडीशन्ड इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट (EMU) ट्रेन है। इसे शताब्दी और अन्य तेज इंटरसिटी ट्रेनों के आधुनिक विकल्प के तौर पर विकसित किया गया है।
इस ट्रेन का मूल डिज़ाइन “ट्रेन-18” के नाम से इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF), चेन्नई ने तैयार किया था। अब इसके निर्माण में ICF के साथ-साथ अन्य रेलवे फैक्ट्रियां और निजी कंपनियां भी शामिल हैं।
पहली ट्रेन-18 की लागत कितनी थी?
साल 2018 में बनी पहली ट्रेन-18 (वंदे भारत प्रोटोटाइप) की 16-कोच रेक की लागत लगभग ₹97 करोड़ थी। खास बात यह रही कि इसमें करीब 80% स्वदेशी पुर्जों का इस्तेमाल किया गया और पूरी ट्रेन महज़ 18 महीनों में तैयार की गई, जिससे आयात पर निर्भरता काफी कम हुई।
वर्तमान में एक वंदे भारत ट्रेन की कीमत कितनी है?
आज के समय में एक स्टैंडर्ड 16-कोच चेयर-कार वंदे भारत ट्रेन को बनाने में औसतन ₹110-₹120 करोड़ का खर्च आता है। ICF के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, इसका औसत मैन्युफैक्चरिंग कॉस्ट लगभग ₹115 करोड़ प्रति रेक माना जाता है।
कीमतों का अंतर क्यों?
कुछ बिज़नेस इंटरव्यू और सप्लायर-साइड अनुमानों में एक वंदे भारत ट्रेन की लागत ₹140-₹150 करोड़ तक बताई जाती है। वहीं RTI आधारित शुरुआती आंकड़ों में लागत ₹104 करोड़ के आसपास भी दिखी है। यह अंतर ट्रेन के वर्जन, सुविधाओं, निर्माण वर्ष और टेंडर शर्तों के कारण है।
स्लीपर वंदे भारत ट्रेन की लागत कितनी होती है?
रेलवे के अनुसार, वंदे भारत स्लीपर कोच की कीमत करीब ₹8-₹9 करोड़ प्रति कोच है, जो विदेशी स्लीपर कोच (लगभग ₹10 करोड़) से सस्ती है। इस हिसाब से एक 16-कोच स्लीपर वंदे भारत ट्रेन की कुल लागत लगभग ₹130-₹140 करोड़ बैठती है, जो हालिया टेंडर प्राइस कैप से मेल खाती है।
क्या है कीमत की सीमा?
भारतीय रेलवे ने हाल के टेंडरों में यह साफ किया है कि वह एक पूरी वंदे भारत ट्रेनसेट की कीमत को ₹115-₹140 करोड़ के भीतर रखना चाहता है। एल्यूमिनियम बॉडी वाली ट्रेनों के लिए ₹145-₹151 करोड़ के महंगे प्रस्ताव ठुकराए गए और कीमत को ₹140 करोड़ तक सीमित करने की सिफारिश की गई।
भविष्य में लागत घटने की उम्मीद
विदेशों में इसी तरह की सेमी-हाई स्पीड या हाई-स्पीड EMU ट्रेनें भारत की तुलना में कहीं ज्यादा महंगी होती हैं। रेलवे का मानना है कि बड़े पैमाने पर उत्पादन (Bulk Orders) और अनुभव बढ़ने से आने वाले वर्षों में वंदे भारत ट्रेनों की प्रति यूनिट लागत और कम होगी।
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