इंडोनेशिया दुनिया का सबसे बड़ा पाम ऑयल उत्पादक है, जो हर साल 46 मिलियन टन से ज्यादा का उत्पादन करता है। यहां की उष्णकटिबंधीय जलवायु, भरपूर जमीन और कम उत्पादन लागत इसे बड़े पैमाने पर पाम ऑयल की खेती के लिए आदर्श बनाती है। पाम ऑयल इंडोनेशिया की अर्थव्यवस्था में एक बड़ा योगदान देता है और इसका बड़े पैमाने पर खाने की चीजों, कॉस्मेटिक्स और बायोफ्यूल में इस्तेमाल होता है।
दुनिया में पाम ऑयल का सबसे बड़ा उत्पादक देश कौन-सा है?
2024 तक, दुनिया में पाम ऑयल उत्पादन में इंडोनेशिया पहले स्थान पर है। इसके ठीक बाद मलेशिया का स्थान है। ये दोनों दक्षिण-पूर्व एशियाई देश मिलकर दुनिया की 85% से ज्यादा पाम ऑयल की सप्लाई करते हैं। अन्य प्रमुख उत्पादकों में थाईलैंड, नाइजीरिया और कोलंबिया शामिल हैं।
दुनिया के टॉप 5 पाम ऑयल उत्पादक देश
रैंक | देश | उत्पादन (लगभग) |
1 | इंडोनेशिया | 46 मिलियन टन |
2 | मलेशिया | 19 मिलियन टन |
3 | थाईलैंड | 3.4 मिलियन टन |
4 | कोलंबिया | 1.8 मिलियन टन |
5 | नाइजीरिया | 1.5 मिलियन टन |
इंडोनेशिया
इंडोनेशिया में पाम ऑयल के बागान 16 मिलियन हेक्टेयर से ज्यादा क्षेत्र में फैले हुए हैं, जो मुख्य रूप से सुमात्रा और कालीमंतन में हैं। यह 100 से ज्यादा देशों को पाम ऑयल का निर्यात करता है, खास तौर पर भारत, चीन और यूरोपीय संघ (EU) को निर्यात किया जाता है।
मलेशिया
मलेशिया ने दुनिया में पाम ऑयल के व्यापार की शुरुआत की थी और यह प्रोसेसिंग के उच्च क्वालिटी मानकों को बनाए रखता है। यह MSPO योजना के जरिए सस्टेनेबल पाम ऑयल सर्टिफिकेशन के लिए जाना जाता है।
थाईलैंड
पाम ऑयल की खेती ज्यादातर दक्षिणी थाईलैंड में छोटे किसान करते हैं। यह देश अपने उत्पादन का ज्यादातर हिस्सा घरेलू खपत और बायोडीजल के लिए इस्तेमाल करता है।
कोलंबिया
यह दक्षिण अमेरिका का सबसे बड़ा उत्पादक है। कोलंबिया यूरोप और उत्तरी अमेरिका को पाम ऑयल का निर्यात करता है। यह पर्यावरण के अनुकूल और विवाद-मुक्त पाम ऑयल की खेती के तरीकों पर ध्यान दे रहा है।
नाइजीरिया
नाइजीरिया अफ्रीका का टॉप पाम ऑयल उत्पादक है, हालांकि इसका ज्यादातर हिस्सा देश में ही इस्तेमाल हो जाता है। यह देश अपने पुराने प्रोसेसिंग सिस्टम को आधुनिक बनाने में निवेश कर रहा है।
पाम ऑयल के बारे में कुछ रोचक तथ्य
-पाम ऑयल दुनिया में सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाने वाला वनस्पति तेल है। यह 50% से ज्यादा पैकेट वाले उत्पादों में पाया जाता है, जैसे कि स्नैक्स से लेकर शैम्पू तक इसका उपयोग होता है।
-पाम ऑयल के पेड़ प्रति हेक्टेयर किसी भी दूसरी फसल की तुलना में ज्यादा तेल देते हैं। इस वजह से यह सोयाबीन या सूरजमुखी की तुलना में जमीन का ज्यादा बेहतर इस्तेमाल करते हैं।
-पाम ऑयल के उत्पादन को जंगलों की कटाई और प्राकृतिक आवासों के नुकसान से जोड़ा जाता है। हालांकि, RSPO सर्टिफिकेशन के जरिए सस्टेनेबल तरीकों को बढ़ावा मिल रहा है।
-पाम ऑयल ऑक्सीडेशन को रोकता है और दूसरे तेलों की तुलना में ज्यादा समय तक ताजा रहता है। इसी वजह से इसे प्रोसेस्ड फूड और कॉस्मेटिक्स में पसंद किया जाता है।
-पाम ऑयल का इस्तेमाल बायोडीजल और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्रों में भी होता है। कई देश कार्बन उत्सर्जन को कम करने के लिए इसे गाड़ियों के ईंधन में मिलाते हैं।
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