भारत द्वारा इंडस जल संधि को स्थगित करने के बाद से जम्मू-कश्मीर में हाइड्रो प्रोजेक्ट्स के काम में तेजी आई है. इसी कड़ी में केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल ने हाल ही में जम्मू-कश्मीर का दौरा किया और हाइड्रो प्रोजेक्ट्स की प्रगति का जायजा भी लिया. पहले दिन उन्होंने सलाल, सावलकोट और रैटल हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स का जायज़ा लिया। इसके बाद वे किश्तवाड़ स्थित एनएचपीसी के दुलहस्ती पावर स्टेशन पहुंचे, जहां एनएचपीसी और चेनाब वैली पावर प्रोजेक्ट्स लिमिटेड (CVPP) के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की।
दूसरे दिन मंत्री ने CVPP की तीन निर्माणाधीन परियोजनाओं पाकल दुल (1000 मेगावाट), किरू (624 मेगावाट) और क्वार (540 मेगावाट) का निरीक्षण किया। इस दौरान परियोजना प्रमुखों और ठेकेदारों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक हुई, जिसमें तकनीकी पहलुओं और क्रियान्वयन की स्थिति पर चर्चा की गई।
कब तक तैयार करने का है लक्ष्य:
समीक्षा के बाद मंत्री ने निर्देश दिए कि पाकल दुल और किरू परियोजनाएं दिसंबर 2026 तक चालू की जाएं, जबकि क्वार परियोजना मार्च 2028 तक पूरी की जाए। उन्होंने समय पर काम पूरा करने पर ज़ोर देते हुए सभी एजेंसियों से समन्वय बढ़ाने को कहा।
Powering Progress: Hon’ble Minister of Power’s visit to hydro projects in Jammu & Kashmir.@mlkhattar || @MinOfPower || @CEA_India || @nhpcltd || @pgcilindia || @SjvnLimited || @THDCIL_MOP || @beeindiadigital || @PIB_India || @mygovindia pic.twitter.com/DGEeP56xmN
— Office of Manohar Lal (@officeofmlk) January 7, 2026
इंडस रिवर पर हाइड्रो प्रोजेक्ट का काम तेज
सरकार ने जम्मू-कश्मीर में जलविद्युत विकास को तेज़ करने के लिए इंडस नदी प्रणाली पर विशेष ध्यान दिया है। सलाल परियोजना में जमा गाद हटाने (डिसिल्टिंग) का काम तेज़ करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि उत्पादन क्षमता बहाल हो सके। लंबे समय से जमा तलछट के कारण उत्पादन प्रभावित हो रहा था।
किश्तवाड़ जिले में तैयार हो रहे ये चार डैम:
| परियोजना / डैम | जिला | ऊंचाई | क्षमता | प्रमुख तथ्य |
| पाकल दुल डैम | किश्तवाड़ | 167 मीटर | 1,000 मेगावाट | पश्चिमी नदियों पर भारत का पहला स्टोरेज प्रोजेक्ट; शिलान्यास मई 2018 में पीएम नरेंद्र मोदी ने किया |
| किरु डैम | किश्तवाड़ | 135 मीटर | 624 मेगावाट | पाकल दुल के साथ समन्वय में विकसित किया जा रहा प्रोजेक्ट |
| क्वार डैम | किश्तवाड़ | 109 मीटर | 540 मेगावाट | नदी डायवर्शन जनवरी 2024 में पूरा |
| रतले डैम | किश्तवाड़ | 133 मीटर | 850 मेगावाट | 2024 में टनल से नदी डायवर्शन; कंक्रीट कार्य शुरू; स्पिलवे डिजाइन पर पाकिस्तान की आपत्ति |
इंडस जल संधि स्थगन के बाद बदली तस्वीर
पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत द्वारा इंडस जल संधि को स्थगित रखने के फैसले से पश्चिमी नदियों पर परियोजनाओं के काम में तेजी आई है। पहले पाकिस्तान को पूर्व सूचना देने की बाध्यता के कारण कई कार्य धीमे पड़ जाते थे। अब रैटल परियोजना को नवंबर 2028 तक चालू करने का लक्ष्य रखा गया है, जबकि 260 मेगावाट की दुलहस्ती स्टेज-II परियोजना को पर्यावरण मंजूरी मिल चुकी है।
अधिकारियों के अनुसार, इन कदमों से न केवल जम्मू-कश्मीर में बिजली उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि 2030 तक 500 गीगावाट गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता के राष्ट्रीय लक्ष्य को हासिल करने में भी बड़ी मदद मिलेगी।
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